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रोडवेज कर्मचारियों ने किया धरना प्रदर्शन
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:03 AM IST
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सरकार के खिलाफ गरजे रोडवेज कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अंबाला मंडल डिपो के कर्मचारियों ने धरना देते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान संयुक्त अध्यक्ष सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन प्रधान रमेश श्योकंद और महासंघ वरिष्ठ उप प्रधान देवेंद्र सिंह, महावीर पाई, बीएमएस प्रधान विक्रम राणा, इंटक प्रधान रामप्रकाश, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान सरबजीत सिंह आदि ने सरकार का विरोध करते हुए कहा कि रोडवेज कर्मचारी 16 से 18 घंटे पूरी मेहनत के साथ कार्य करते हैं। परंतु सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाकर कर्मचारियों को परेशान कर रही है। वहीं राज्य सचिव सतपाल राणा व उपप्रधान बचन सिंह भाना ने कहा कि छह राज्यों में बंद की गई बसों के प्रावधान को वापस लेना चाहिए। इसके अलावा वर्कशाप समेत अन्य रिक्त पदों पर भर्ती, 14 हजार नई बसों को लाना, बोनस की स्थायी नीति अपनाकर बकाया बोनस का भुगतान करना, मुख्यालय की सभी श्रेणियों की प्रमोशन करना सहित कई मांगों को उठाया गया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वह अनिश्चित काल हड़ताल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अंबाला मंडल डिपो के कर्मचारियों ने धरना देते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान संयुक्त अध्यक्ष सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन प्रधान रमेश श्योकंद और महासंघ वरिष्ठ उप प्रधान देवेंद्र सिंह, महावीर पाई, बीएमएस प्रधान विक्रम राणा, इंटक प्रधान रामप्रकाश, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान सरबजीत सिंह आदि ने सरकार का विरोध करते हुए कहा कि रोडवेज कर्मचारी 16 से 18 घंटे पूरी मेहनत के साथ कार्य करते हैं। परंतु सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाकर कर्मचारियों को परेशान कर रही है। वहीं राज्य सचिव सतपाल राणा व उपप्रधान बचन सिंह भाना ने कहा कि छह राज्यों में बंद की गई बसों के प्रावधान को वापस लेना चाहिए। इसके अलावा वर्कशाप समेत अन्य रिक्त पदों पर भर्ती, 14 हजार नई बसों को लाना, बोनस की स्थायी नीति अपनाकर बकाया बोनस का भुगतान करना, मुख्यालय की सभी श्रेणियों की प्रमोशन करना सहित कई मांगों को उठाया गया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वह अनिश्चित काल हड़ताल करने से पीछे नहीं हटेंगे।