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Ambala News: स्वयं सत्यापित किया 6.87 लाख ने संपत्ति कर का डाटा
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हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। शहरी निकाय विभाग ने वित्त वर्ष खत्म होने के बाद संपत्ति कर का जो आंकड़ा जारी किया है वो चौकाने वाला है। इसके तहत पूरे हरियाणा के अधीन नगर पालिकाओं के ऑनलाइन पोर्टल पर 47 लाख 74 हजार संपत्तियों का डाटा है।
इनमें से मात्र छह लाख 87 हजार लोगों ने ही इस डाटा को स्वयं सत्यापित किया है। जबकि 40 लाख 78 हजार संपत्ति कर का डाटा अभी अधूरा है। ऐसे में अब विभाग इससे लेकर जल्द ही कोई सख्त आदेश जारी कर सकता है ताकि लोग जल्द से जल्द अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी को स्वयं सत्यापित करें।
प्राप्त जानकारी अनुसार इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर भी कई बार मंत्रणा हो चुकी है और बार-बार लोगों से आग्रह भी किया जा रहा है कि वो इस डाटा को जल्द से जल्द अपडेट करवाएं ताकि कहीं कोई खामी न रहे क्योंकि आने वाले समय में संपत्ति कर की जानकारी में जो भी मोबाइल नंबर दर्ज होगा, उसी पर ओटीपी आएगा। इसके आधार पर ही नगर परिषद में एनडीसी सहित अन्य कार्य पूरे हो सकेंगे।
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राजस्व विभाग से जुड़ेगा डाटा
अधिकांश मामलों में यह सामने आया है कि किसी और की संपत्ति दूसरे ने बेचकर धोखाधड़ी कर दी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा, क्योंकि जो संपत्ति कर का डाटा नगर परिषद की ओर से तैयार होगा। इसे स्वयं मालिक सत्यापित करेगा वो पूरा डाटा राजस्व विभाग के साथ लिंक हो जाएगा। जब भी मकान, दुकान व जमीन आदि की खरीद फरोख्त तो ऑनलाइन पोर्टल पर इसका स्वयं मिलान हो जाएगा कि इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी तो नहीं हो रही। वहीं इस दौरान संपत्ति मालिक के मोबाइल पर संदेश व ओटीपी भी आएगा कि वो किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त करना चाहता है या नहीं।
वर्जन
शहरी निकाय विभाग द्वारा लगातार निर्देश जा रहे हैं कि संपत्ति कर दाताओं को प्रेरित करें कि वो ऑनलाइन डाटा को स्वयं सत्यापित करें। अगर कहीं कोई गलती है तो इसे दुरुस्त करवाएं। इसलिए अब वार्ड स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी हो रही है। वहीं नप कार्यालय में भी सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा ताकि लोग इस कार्य को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकें।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
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अंबाला। शहरी निकाय विभाग ने वित्त वर्ष खत्म होने के बाद संपत्ति कर का जो आंकड़ा जारी किया है वो चौकाने वाला है। इसके तहत पूरे हरियाणा के अधीन नगर पालिकाओं के ऑनलाइन पोर्टल पर 47 लाख 74 हजार संपत्तियों का डाटा है।
इनमें से मात्र छह लाख 87 हजार लोगों ने ही इस डाटा को स्वयं सत्यापित किया है। जबकि 40 लाख 78 हजार संपत्ति कर का डाटा अभी अधूरा है। ऐसे में अब विभाग इससे लेकर जल्द ही कोई सख्त आदेश जारी कर सकता है ताकि लोग जल्द से जल्द अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी को स्वयं सत्यापित करें।
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प्राप्त जानकारी अनुसार इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर भी कई बार मंत्रणा हो चुकी है और बार-बार लोगों से आग्रह भी किया जा रहा है कि वो इस डाटा को जल्द से जल्द अपडेट करवाएं ताकि कहीं कोई खामी न रहे क्योंकि आने वाले समय में संपत्ति कर की जानकारी में जो भी मोबाइल नंबर दर्ज होगा, उसी पर ओटीपी आएगा। इसके आधार पर ही नगर परिषद में एनडीसी सहित अन्य कार्य पूरे हो सकेंगे।
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राजस्व विभाग से जुड़ेगा डाटा
अधिकांश मामलों में यह सामने आया है कि किसी और की संपत्ति दूसरे ने बेचकर धोखाधड़ी कर दी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा, क्योंकि जो संपत्ति कर का डाटा नगर परिषद की ओर से तैयार होगा। इसे स्वयं मालिक सत्यापित करेगा वो पूरा डाटा राजस्व विभाग के साथ लिंक हो जाएगा। जब भी मकान, दुकान व जमीन आदि की खरीद फरोख्त तो ऑनलाइन पोर्टल पर इसका स्वयं मिलान हो जाएगा कि इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी तो नहीं हो रही। वहीं इस दौरान संपत्ति मालिक के मोबाइल पर संदेश व ओटीपी भी आएगा कि वो किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त करना चाहता है या नहीं।
वर्जन
शहरी निकाय विभाग द्वारा लगातार निर्देश जा रहे हैं कि संपत्ति कर दाताओं को प्रेरित करें कि वो ऑनलाइन डाटा को स्वयं सत्यापित करें। अगर कहीं कोई गलती है तो इसे दुरुस्त करवाएं। इसलिए अब वार्ड स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी हो रही है। वहीं नप कार्यालय में भी सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा ताकि लोग इस कार्य को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकें।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।