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सीवरेज के पानी का होगा दोबारा प्रयोग, हजारों लीटर पानी की बर्बादी पर लगेगी रोक
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:10 AM IST
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अंबाला कैंटोनमेंट क्षेत्र में हुआ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत पुराने सीवरेज सिस्टम के स्थान पर नए एवं आधुनिक सीवरेज सिस्टम का तोहफा सेना की ओर से कैंटोनमेंटवासियों को दिया गया। इस सिस्टम के शुरू होने से सीवरेज में प्रयोग किए जाने वाले पानी को पूरी से साफ कर दोबारा से प्रयोग में लाया जाएगा। इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकता है और साथ ही भू-जलस्तर में आ रही कमी को तोपखाना क्षेत्र स्थित डिग्गी लेक के माध्यम से रिचार्ज किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को कैंट के पानीपत लाइन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन खड़गा यूनिट के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल अलोक खेर की अध्यक्षता में लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक ने किया।
उन्होंने कहा कि इस प्लांट के लगने से इतना पानी साफ किया जा सकेगा कि अगर हम अंबाला से चंडीगढ़ तक टैंकरों को एक लाइन में लगा दें तो भी इस पानी को पूरा कर सकते हैं। वहां के निवासियों को इस सिस्टम का फायदा मिलना आरंभ हो जाएगा व साथ ही कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में इसके अतिरिक्त बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी तोहफा क्षेत्र वासियों को जल्द मिलेगा।
इस सोच से किया प्लांट के निर्माण का आरंभ
दुर्घ अभियंता परियोजना से लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक ने बताया कि पहले सीवरेज के वेस्ट को खुले टैंकों में छोड़ दिया जाता था, जिससे उसका पानी वाष्पीकरण होकर उड़ जाता था और वेस्ट उसी टैंक में छोड़ दिया जाता था। इससे आसपास के क्षेत्र में काफी बदबू का आलम रहता था। इस नई तकनीक से उस बदबू की समस्या का भी पूर्ण रूप से निपटान हो जाएगा और पानी की भी अधिक बचत होगी। वहीं कृषि के लिए अच्छी खाद मिलेगी, उसका भी काफी लाभ किसानों को मिलेगा।
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यहां हो सकेगा पानी का प्रयोग
ट्रीटमेंट के माध्यम से साफ किया गया पानी, कृषि के लिए, दोबारा शौचालयों में प्रयोग होने के लिए, कार वॉश व अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद होने से बच जाएगा। वहीं अन्य प्लांट स्थापित होने के बाद इसका और अधिक लाभ लोगों को मिलेगा। वहीं जो पानी बच जाएगा उसे तोपखाना में स्थित डिग्गी लेक में डालकर भू-जलस्तर के सुधार के लिए प्रयास किया जाएगा।
10.69 करोड़ की लागत से तैयार होंगे अन्य प्लांट
पानीपत लाइन पर स्थित इस 2 मीलियन लीटर पर डे वाले प्लांट को 4.73 करोड़ रुपयों की लागत के साथ तैयार किया गया है। वहीं बोह स्थित बनाए जा रहे 3 मीलियन लीटर पर डे, हर्बल पार्क के पास 1.5 मीलियन पर डे व चार्ली सेक्टर में बन रहे 1.5 मीलियन लीटर पर डे वाले प्लांट का भी 10.69 करोड़ की लागत से निर्माण किया जाएगा। इसमें बोह स्थित प्लांट को 1 अक्तूबर तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं अन्य दो भी जल्द ही तैयार कल लिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत पुराने सीवरेज सिस्टम के स्थान पर नए एवं आधुनिक सीवरेज सिस्टम का तोहफा सेना की ओर से कैंटोनमेंटवासियों को दिया गया। इस सिस्टम के शुरू होने से सीवरेज में प्रयोग किए जाने वाले पानी को पूरी से साफ कर दोबारा से प्रयोग में लाया जाएगा। इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकता है और साथ ही भू-जलस्तर में आ रही कमी को तोपखाना क्षेत्र स्थित डिग्गी लेक के माध्यम से रिचार्ज किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को कैंट के पानीपत लाइन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन खड़गा यूनिट के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल अलोक खेर की अध्यक्षता में लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक ने किया।
उन्होंने कहा कि इस प्लांट के लगने से इतना पानी साफ किया जा सकेगा कि अगर हम अंबाला से चंडीगढ़ तक टैंकरों को एक लाइन में लगा दें तो भी इस पानी को पूरा कर सकते हैं। वहां के निवासियों को इस सिस्टम का फायदा मिलना आरंभ हो जाएगा व साथ ही कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में इसके अतिरिक्त बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी तोहफा क्षेत्र वासियों को जल्द मिलेगा।
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इस सोच से किया प्लांट के निर्माण का आरंभ
दुर्घ अभियंता परियोजना से लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक ने बताया कि पहले सीवरेज के वेस्ट को खुले टैंकों में छोड़ दिया जाता था, जिससे उसका पानी वाष्पीकरण होकर उड़ जाता था और वेस्ट उसी टैंक में छोड़ दिया जाता था। इससे आसपास के क्षेत्र में काफी बदबू का आलम रहता था। इस नई तकनीक से उस बदबू की समस्या का भी पूर्ण रूप से निपटान हो जाएगा और पानी की भी अधिक बचत होगी। वहीं कृषि के लिए अच्छी खाद मिलेगी, उसका भी काफी लाभ किसानों को मिलेगा।
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यहां हो सकेगा पानी का प्रयोग
ट्रीटमेंट के माध्यम से साफ किया गया पानी, कृषि के लिए, दोबारा शौचालयों में प्रयोग होने के लिए, कार वॉश व अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद होने से बच जाएगा। वहीं अन्य प्लांट स्थापित होने के बाद इसका और अधिक लाभ लोगों को मिलेगा। वहीं जो पानी बच जाएगा उसे तोपखाना में स्थित डिग्गी लेक में डालकर भू-जलस्तर के सुधार के लिए प्रयास किया जाएगा।
10.69 करोड़ की लागत से तैयार होंगे अन्य प्लांट
पानीपत लाइन पर स्थित इस 2 मीलियन लीटर पर डे वाले प्लांट को 4.73 करोड़ रुपयों की लागत के साथ तैयार किया गया है। वहीं बोह स्थित बनाए जा रहे 3 मीलियन लीटर पर डे, हर्बल पार्क के पास 1.5 मीलियन पर डे व चार्ली सेक्टर में बन रहे 1.5 मीलियन लीटर पर डे वाले प्लांट का भी 10.69 करोड़ की लागत से निर्माण किया जाएगा। इसमें बोह स्थित प्लांट को 1 अक्तूबर तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं अन्य दो भी जल्द ही तैयार कल लिया जाएगा।