{"_id":"690fa3b89f90784b71047842","slug":"22-lakhs-were-duped-by-the-pretext-of-investing-in-a-pharmaceutical-company-ambala-news-c-36-1-amb1001-152715-2025-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: दवा कंपनी में निवेश का झांसा देकर ठगे 22 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: दवा कंपनी में निवेश का झांसा देकर ठगे 22 लाख
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। आयुर्वेदिक कंपनी में निवेश का झांसा देकर 22 लाख रुपये की ठगी हो गई। पुलिस ने नारायणगढ़ निवासी प्रवीन कुमार की शिकायत पर बरेली द सिल्वर सपून कंपनी के मालिक यश ढांग, नोएडा के अमृतपाल सिंह, अनुराग भल्ला व जगमिंदर चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सहायक उप निरीक्षक बिच्छा राम ने बताया कि प्रवीन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। प्रवीन ने शिकायत में बताया था कि मै. सियान फार्मा फ्लैट नंबर एक का हिस्सेदार है। उनकी आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने का काम है। कुछ समय से उनकी कंपनी की आर्थिक स्थिति कुछ खराब चल रही थी और इसके लिए उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत थी। इस दौरान प्रवीन का संपर्क अपने दोस्त फरीदाबाद निवासी विरेंद्र मित्तल के साथ हुआ और उन्हें समस्या की जानकारी दी।
उन्होंने उनकी मुलाकात जगमिंदर चौधरी से दिल्ली में कराई। उसने आश्वासन दिया कि वह एक रिटायर अधिकारी अनुराग भल्ला को जानता है और उनके पास कई कंपनियां हैं और वह उनकी कंपनी में कुछ राशि लगवा देंगे। इसके बाद प्रवीन अपने दोस्त अमित शर्मा वकील व अनिल त्यागी तथा विरेन्द्र मित्तल को लेकर जगमिंदर चौधरी से मिला तो उसने अनुराग भल्ला से उनकी मुलाकात कराई।
विज्ञापन
अनुराग भल्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनका काम करवा देगा और इसके लिए उन्हें 25 लाख रुपये की राशि देनी होगी जोकि रिफंडेबल होगी। इस दौरान प्रवीन के पास 22 लाख का ही प्रबंध हो पाया। इसकी जानकारी उन्होंने जगमिंदर चौधरी और अनुराग भल्ला को दी तो उन्होंने यश ढांग व अमृतपाल सिंह से मुलाकात करवाई। इस दौरान प्रवीन ने आरोपियों को फर्म से संबंधित 500 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट भी दिखाई। 27 मार्च को आरोपियों ने उन्हें नोएडा बुलाया और यहां उन्होंने द सिल्वर सपून में 22 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। इस दौरान उन्होंने एक चेक भी दिया कि यदि उनका काम नहीं होता तो वह अपना पैसा निकलवा सकते हैं, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं कराया, उल्टा झूठा आश्वासन देते रहे। जब रुपये वापस लेने के लिए प्रवीन ने बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद रुपया वापस लेने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन आरोपियों ने रकम लौटाने से मना कर दिया।
विज्ञापन
अंबाला। आयुर्वेदिक कंपनी में निवेश का झांसा देकर 22 लाख रुपये की ठगी हो गई। पुलिस ने नारायणगढ़ निवासी प्रवीन कुमार की शिकायत पर बरेली द सिल्वर सपून कंपनी के मालिक यश ढांग, नोएडा के अमृतपाल सिंह, अनुराग भल्ला व जगमिंदर चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सहायक उप निरीक्षक बिच्छा राम ने बताया कि प्रवीन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। प्रवीन ने शिकायत में बताया था कि मै. सियान फार्मा फ्लैट नंबर एक का हिस्सेदार है। उनकी आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने का काम है। कुछ समय से उनकी कंपनी की आर्थिक स्थिति कुछ खराब चल रही थी और इसके लिए उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत थी। इस दौरान प्रवीन का संपर्क अपने दोस्त फरीदाबाद निवासी विरेंद्र मित्तल के साथ हुआ और उन्हें समस्या की जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने उनकी मुलाकात जगमिंदर चौधरी से दिल्ली में कराई। उसने आश्वासन दिया कि वह एक रिटायर अधिकारी अनुराग भल्ला को जानता है और उनके पास कई कंपनियां हैं और वह उनकी कंपनी में कुछ राशि लगवा देंगे। इसके बाद प्रवीन अपने दोस्त अमित शर्मा वकील व अनिल त्यागी तथा विरेन्द्र मित्तल को लेकर जगमिंदर चौधरी से मिला तो उसने अनुराग भल्ला से उनकी मुलाकात कराई।
विज्ञापन
अनुराग भल्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनका काम करवा देगा और इसके लिए उन्हें 25 लाख रुपये की राशि देनी होगी जोकि रिफंडेबल होगी। इस दौरान प्रवीन के पास 22 लाख का ही प्रबंध हो पाया। इसकी जानकारी उन्होंने जगमिंदर चौधरी और अनुराग भल्ला को दी तो उन्होंने यश ढांग व अमृतपाल सिंह से मुलाकात करवाई। इस दौरान प्रवीन ने आरोपियों को फर्म से संबंधित 500 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट भी दिखाई। 27 मार्च को आरोपियों ने उन्हें नोएडा बुलाया और यहां उन्होंने द सिल्वर सपून में 22 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। इस दौरान उन्होंने एक चेक भी दिया कि यदि उनका काम नहीं होता तो वह अपना पैसा निकलवा सकते हैं, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं कराया, उल्टा झूठा आश्वासन देते रहे। जब रुपये वापस लेने के लिए प्रवीन ने बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद रुपया वापस लेने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन आरोपियों ने रकम लौटाने से मना कर दिया।