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- लोग अब तक निजी सफाई कर्मी को पैसे थे उठवा रहे थे घर का कूड़ा, बिल आए तो भड़के,

Sun, 12 Nov 2017 12:58 AM IST
Updated Sun, 12 Nov 2017 12:58 AM IST
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- लोग अब तक निजी सफाई कर्मी को पैसे थे उठवा रहे थे घर का कूड़ा, बिल आए तो भड़के,
दो साल से नहीं आए सफाईकर्मी और निगम ने भेजे बिल, लोगों में रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कैंट में कूड़ा कलेक्शन के बिल बंटने शुरू हो गए हैं। जैसे-जैसे बिल लोगों के घरों में पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे गली-मोहल्लों में इसको लेकर रोष पनप रहा है। लोगों में रोष होने के दो मुख्य कारण है। पहला-कई जगहों पर निगम के कर्मचारी काफी समय से कूड़ा उठाने ही नहीं आए। जबकि कई जगहों पर कूड़ा उठाने के लिए निगम कर्मी पहुंचे ही नहीं। दूसरा- नगर निगम ने दो साल का बिल लोगों को थमा दिया है। जबकि गत दिनों निगम की बैठक में एक साल का बिल भेजने का ही प्रस्ताव पारित हुआ था। ऊपर से अलग-अलग मकानों के वर्ग गज के हिसाब से बिल वितरण हुआ है जिसे लोग लोगों में चिंता बढ़ने लगी हैं। वार्ड नंबर 14 में बिलों का वितरण आरंभ हो गया है।
अहम बात यह है कि यहां अधिकतर कॉलोनियों में निगम के सफाईकर्मी नहीं आते जिस वजह से निजी सफाईकर्मी लगे हैं। उधर, निगम अधिकारियों ने कुछ राहत देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को दो वर्ष का बिल देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने एक वर्ष का बिल भरने का आह्वान किया है।
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दोहरी मार झेलेंगे लोग
अजीत नगर, शिवपुरी, मतिदास नगर, दयालबाग, वशिष्ट नगर, न्यू दयालबाग, गोल्डन पार्क, नसीब बाग, अशोक नगर आदि कालोनियों में बिल बांटे जा रहे हैं। दो वर्षों का बिल 960 तो किसी का 1200 रुपये तो किसी का इससे भी ज्यादा बिल आ रहा है। वर्ग गज के हिसाब से यह बिल भेजे गए हैं। कूड़ा कलेक्शन के साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स के भी बिल है। एक साथ आए बिलों को देख लोगों में हाहाकार मचाहै। वार्ड में अधिकतर कालोनियों में निगम के सफाईकर्मी नहीं आते। लोग प्रतिमाह सौ रुपये तक निजी सफाईकर्मियों को दे रहे हैं जोकि घर का कूड़ा उठाने से लेकर गली व नालियों की सफाई कर रहा है। मगर निगम ने अब बिल भेज कर ऐसे लोगों पर अतिरिक्त भार डाल दिया है जिनके घर से निगम कर्मियों ने कभी कूड़ा उठाया ही नहीं। लोग मझधार में फंस गए हैं। वह अब निजी सफाई कर्मी को रखे या फिर निगम कर्मियों पर भरोसा जताए क्योंकि निगम कर्मी गलियों की सफाई नहीं करते और नालियों में भी कभी-कभार सफाई करते हैं।
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यह बोली महिलाएं
- वार्ड नंबर 14 निवासी सोनिया डब्बास ने कहा कि उनकी कालोनी में आज तक कूड़ा लेने के लिए नगर निगम का सफाईकर्मी नहीं आया। फिर कैसे निगम द्वारा कचरा कलेक्शन का बिल भेजा जा रहा है। यह गलत है निगम वो पैसे मांग रहा है जो सेवा उसने प्रदान ही नहीं की।
- वार्ड नंबर 14 निवासी अनीता कपिल ने कहा कि निगम ने दो साल का बिल भेजा है। उनके घर से प्रतिदिन निजी सफाईकर्मी कूड़ा उठाता है जिसे वह प्रतिमाह सौ रुपये देती है। अब निगम को अलग से पैसे देने होंगे और क्या गारंटी है कि निगम कर्मी भविष्य में नियमित तौर पर कूड़ा उठाएंगे और घर के आगे गली व नालियां में सफाई करेंगे।

वार्ड पार्षद को नहीं पता कब बंटे बिल
वार्ड नंबर 14 में कूड़ा कलेक्शन के बिल बंट रहे हैं, मगर भाजपा के वार्ड पार्षद जसबीर जस्सी को इसकी जानकारी नहीं। उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता कि उनके वार्ड में कूड़ा कलेक्शन के दो वर्ष के बिल बांटे जा रहे हैं। पार्षद जस्सी ने कहा कि इस मामले में वह सोमवार को नगर निगम में अधिकारियों से बात करेंगे।

हाउस ने पास किया था प्रस्ताव
दो वर्ष के कूड़ा कलेक्शन के बिल पहले सिटी के वार्डों में बंटने आरंभ हुए थे। यहां लोगों ने विरोध तक जताया था। 13 अक्तूबर को निगम हाउस की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया था कि निगम द्वारा केवल एक वर्ष के कूड़ा कलेक्शन के बिल भेजे जाएंगे। इस प्रस्ताव को पास कर स्थानीय निकाय विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था, मगर अब तक निगम के इस प्रस्ताव पर मुख्यालय की मंजूरी नहीं लगी है। यदि मंजूरी नहीं मिलती तो लोगों को ऐसी स्थिति में दो वर्ष के बिल ही भरने होंगे।

सरकार को जल्द लेना चाहिए था निर्णय
वार्ड नंबर 16 से पार्षद चित्रा सरवारा ने कहा कि निगम हाउस ने जनहित को ध्यान में एक वर्ष के कूड़ा कलेक्शन बिल माफ करते हुए इस प्रस्ताव को पारित कर इसे सरकार के पास भेज दिया था। मगर सरकार द्वारा अभी तक इसे पास नहीं किया जाना गलत है। यह दर्शाता है कि सरकार जनहित के कार्यों में कितनी देरी से निर्णय ले रही है। लोगों को दो साल का बिल भेजना गलत है, स्थानीय निगम अधिकारियों को ही इस संबंध में सरकार से बातचीत कर फिर एक वर्ष के बिल भेजने चाहिए थे ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न रहती।

कोट्स
हमने अपना कार्य कर दिया
हमने हाउस की बैठक में एक वर्ष के कूड़ा कलेक्शन बिल पास करने के प्रस्ताव को पास कर इसे सरकार के पास भेजा है। हमने अपना कार्य कर दिया, अब सरकार को चाहिए कि इस प्रस्ताव को पारित करें।

रमेश मल, मेयर, नगर निगम, अंबाला।

एक वर्ष का बिल ही अदा करें लोग
लोग अभी एक वर्ष का बिल ही अदा करें। सरकार जब तक मंजूरी नहीं देगी तब तक निगम में पारित हुए प्रस्ताव पर मोहर नहीं लगेगी। फिलहाल लोगों को दो वर्ष का कूड़ा कलेक्शन का बिल भेजा गया है। मगर लोग एक वर्ष का बिल ही भरें। यदि सरकार एक वर्ष का बिल माफ नहीं करती तो ऐसी सूरत में आगे फिर लोगों से राशि वसूल की जाएगी। किसी कालोनी या मोहल्ले में यदि निगम कर्मी नहीं आ रहे तो इसका जानकारी उपभोक्ता निगम अधिकारियों को दे सकते हैं ताकि भविष्य में क्षेत्र में नियमित तौर पर सफाई हो सके।
सत्येंद्र दुहन, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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