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Ambala News: थार बेचने के नाम पर 11.25 लाख ठगे, चेसिस नंबर निकला फर्जी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। पुरानी गाड़ियां बेचने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। फरीदाबाद और पलवल के तीन युवकों ने मलौर गांव निवासी नवनीत सिंह को महिंद्रा थार गाड़ी बेचने का झांसा देकर 11.25 लाख रुपये से अधिक ठग लिए।
मामला तब उजागर हुआ जब गाड़ी का चेसिस नंबर री-पंच (फर्जी) होने की बात सामने आई। पुलिस ने पलवल निवासी योगेश, दीपक और सिकंदर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता नवनीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 22 दिसंबर 2025 को उनके पार्टनर राकेश सैनी के व्हाट्सएप नंबर पर पलवल निवासी योगेश ने महिंद्रा थार की फोटो भेजी। गाड़ी पसंद आने पर योगेश ने उन्हें पलवल बुलाया।
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23 दिसंबर को नवनीत और राकेश पलवल पहुंचे। अगले दिन 24 दिसंबर को योगेश और उसका भाई दीपक दोनों को फरीदाबाद के 69 गोल्ड जिम के पास ले गए, जहां सिकंदर नाम का युवक गाड़ी लेकर खड़ा था। वहां थार का सौदा 11,25,000 रुपये में तय हुआ। इसके अलावा योगेश और दीपक ने 20,000 रुपये कमीशन भी लिया।
एक फोन कॉल ने खोला राज : 19 अगस्त की सुबह नवनीत के पार्टनर राकेश के फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि जो थार उन्होंने खरीदी है, वह पूरी तरह फर्जी है और उसका चेसिस नंबर री-पंच करके बदला गया है।
सच सामने आते ही जब पीड़ितों ने योगेश, दीपक और सिकंदर से संपर्क किया तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारी सुल्तान सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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अंबाला सिटी। पुरानी गाड़ियां बेचने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। फरीदाबाद और पलवल के तीन युवकों ने मलौर गांव निवासी नवनीत सिंह को महिंद्रा थार गाड़ी बेचने का झांसा देकर 11.25 लाख रुपये से अधिक ठग लिए।
मामला तब उजागर हुआ जब गाड़ी का चेसिस नंबर री-पंच (फर्जी) होने की बात सामने आई। पुलिस ने पलवल निवासी योगेश, दीपक और सिकंदर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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शिकायतकर्ता नवनीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 22 दिसंबर 2025 को उनके पार्टनर राकेश सैनी के व्हाट्सएप नंबर पर पलवल निवासी योगेश ने महिंद्रा थार की फोटो भेजी। गाड़ी पसंद आने पर योगेश ने उन्हें पलवल बुलाया।
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23 दिसंबर को नवनीत और राकेश पलवल पहुंचे। अगले दिन 24 दिसंबर को योगेश और उसका भाई दीपक दोनों को फरीदाबाद के 69 गोल्ड जिम के पास ले गए, जहां सिकंदर नाम का युवक गाड़ी लेकर खड़ा था। वहां थार का सौदा 11,25,000 रुपये में तय हुआ। इसके अलावा योगेश और दीपक ने 20,000 रुपये कमीशन भी लिया।
एक फोन कॉल ने खोला राज : 19 अगस्त की सुबह नवनीत के पार्टनर राकेश के फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि जो थार उन्होंने खरीदी है, वह पूरी तरह फर्जी है और उसका चेसिस नंबर री-पंच करके बदला गया है।
सच सामने आते ही जब पीड़ितों ने योगेश, दीपक और सिकंदर से संपर्क किया तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारी सुल्तान सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।