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15 साल के स्कूली छात्र ने फंदे से लटककर दी जान
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भूरमंडी के रहने वाले दसवीं के छात्र संजीव ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। जब उसने यह कदम उठाया तब परिवार के लोग बाहर थे। वापिस लौटे पिता सुरेश कुमार ने ही संजीव की लाश फंदे से लटकी देखी। पुलिस को सूचना दिए बिना ही पिता ने बेटे की लाश नीचे उतारी और जिंदा होने की उम्मीद में नागरिक अस्पताल में ले आए। जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी। पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई थी। पिता सुरेश ने बेटे द्वारा आत्महत्या करने पर संदेह जताया है। उसने पुलिस से मामले की जांच करने का आग्रह किया है।
सरकारी स्कूल का छात्र था संजीव
15 वर्षीय संजीव कुमार गर्वनमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बब्याल में 10वीं का छात्र था। पिता सुरेश कुमार व मां शशि सुबह अपने काम पर निकल गए थे। तब संजीव ही घर पर था। दो बहनें भी घटना के दौरान घर से बाहर थी। सुरेश ने बताया कि घर लौटने पर उसने संजीव को एक कमरे में बंद पाया। खिड़की से झांकने पर शरीर में कोई हरकत न होने के कारण उसे शक हुआ। जब उसने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह अंदर से बंद मिला। सुरेश ने बताया कि तब वह दूसरे दरवाजे से भीतर दाखिल हुआ। तब चुन्नी से संजीव का शव फंदे से लटका था।
पढ़ाई करनी है कहकर स्कूल नहीं गया
पिता सुरेश ने बताया कि घर पर ही पढ़ाई करने की बात कहकर संजीव वीरवार को स्कूल नहीं गया था। तब उसे भी लगा कि शायद संजीव को स्कूल का कोई जरूरी काम करना है इसलिए उसने भी उस पर स्कूल जाने के लिए दबाव नहीं डाला। पर उसे मालूम नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। सुरेश ने बताया कि उसका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उसे पूरे मामले पर शक है। इसी वजह से उसने पुलिस से भी मामले की जांच का आग्रह किया है।
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सरकारी स्कूल का छात्र था संजीव
15 वर्षीय संजीव कुमार गर्वनमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बब्याल में 10वीं का छात्र था। पिता सुरेश कुमार व मां शशि सुबह अपने काम पर निकल गए थे। तब संजीव ही घर पर था। दो बहनें भी घटना के दौरान घर से बाहर थी। सुरेश ने बताया कि घर लौटने पर उसने संजीव को एक कमरे में बंद पाया। खिड़की से झांकने पर शरीर में कोई हरकत न होने के कारण उसे शक हुआ। जब उसने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह अंदर से बंद मिला। सुरेश ने बताया कि तब वह दूसरे दरवाजे से भीतर दाखिल हुआ। तब चुन्नी से संजीव का शव फंदे से लटका था।
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पढ़ाई करनी है कहकर स्कूल नहीं गया
पिता सुरेश ने बताया कि घर पर ही पढ़ाई करने की बात कहकर संजीव वीरवार को स्कूल नहीं गया था। तब उसे भी लगा कि शायद संजीव को स्कूल का कोई जरूरी काम करना है इसलिए उसने भी उस पर स्कूल जाने के लिए दबाव नहीं डाला। पर उसे मालूम नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। सुरेश ने बताया कि उसका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उसे पूरे मामले पर शक है। इसी वजह से उसने पुलिस से भी मामले की जांच का आग्रह किया है।
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