{"_id":"654fe52251e40ee48407c3c5","slug":"1014-lakh-cheated-in-the-name-of-appointing-clerk-in-high-court-ambala-news-c-36-1-sknl1003-13663-2023-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: हाईकोर्ट में क्लर्क लगाने के नाम पर 10.14 लाख ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: हाईकोर्ट में क्लर्क लगाने के नाम पर 10.14 लाख ठगे
विज्ञापन
अंबाला सिटी। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में खुद को सरकारी वकील बताकर महिला की बेटी को ज्यूडिशियरी में मैनेजमैंट कोटा के तहत क्लर्क लगाने के नाम पर 10 लाख 14 हजार की ठगी का मामला प्रकाश में आया है।
नाहन हाउस बंदा मोहल्ला निवासी अंजना ने बताया कि संजीव कुमार ने कहा कि वह हाईकोर्ट में सरकारी वकील है। हाईकोर्ट में मैनेजमेंट कोटे में क्लर्को की भर्ती होनी है। वह इसमें रिक्रूटमेंट मैनेजर है। इसके लिए चार अभ्यर्थी चाहिए। अगर किसी की नौकरी लगानी हो तो बताना। महिला के अनुसार उसकी बेटी मन्नी एम. काॅम है। महिला ने वकील से बेटी के लिए नौकरी की बात की तो उसने बताया कि 15 लाख रुपये लगेंगे। दो लाख रुपये पहले देने होंगे। चयन न होने पर रुपये वापस हो जाएंगे। 31 मार्च 2022 को महिला ने बेटी के दस्तावेज व्हाट्सएप कर दिए। इसके साथ एक लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसमें महिला ने दो अप्रैल 2022 को 27,000 रुपये जमा कराए और पांच अप्रैल 2022 को 49 हजार 500 रुपये दिए।
आरोपी ने एक शपथ पत्र भी लिया और इसके लिए बांड राशि 45 हजार रुपये मांगी तो महिला ने अलग-अलग तिथियों पर आरोपी को 10 लाख 14 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी उसकी बेटी करे अपने साथ महिला जज की अदालत में लेकर गया और उसे बाहर बैठा दिया। इसके बाद संजीव कुमार महिला के घर आया और कहा कि उसकी बेटी की ट्रेनिंग महिला जज के पास ऑनलाइन शुरू हो गई है। बेटी आरोपी के कहने पर बताए गए ऐप से अलग-अलग जजों के पास रोजान क्रिमिनल केस की लिस्टें जोकि आनलाइन डाउनलोड करके अलग लिस्टें निकालती थी। फिर वह लिस्ट संजीव के नंबर पर भेजती थी। यह सब वह बेटी से ट्रेनिंग के नाम पर कराता रहा ।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाहन हाउस बंदा मोहल्ला निवासी अंजना ने बताया कि संजीव कुमार ने कहा कि वह हाईकोर्ट में सरकारी वकील है। हाईकोर्ट में मैनेजमेंट कोटे में क्लर्को की भर्ती होनी है। वह इसमें रिक्रूटमेंट मैनेजर है। इसके लिए चार अभ्यर्थी चाहिए। अगर किसी की नौकरी लगानी हो तो बताना। महिला के अनुसार उसकी बेटी मन्नी एम. काॅम है। महिला ने वकील से बेटी के लिए नौकरी की बात की तो उसने बताया कि 15 लाख रुपये लगेंगे। दो लाख रुपये पहले देने होंगे। चयन न होने पर रुपये वापस हो जाएंगे। 31 मार्च 2022 को महिला ने बेटी के दस्तावेज व्हाट्सएप कर दिए। इसके साथ एक लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसमें महिला ने दो अप्रैल 2022 को 27,000 रुपये जमा कराए और पांच अप्रैल 2022 को 49 हजार 500 रुपये दिए।
विज्ञापन
आरोपी ने एक शपथ पत्र भी लिया और इसके लिए बांड राशि 45 हजार रुपये मांगी तो महिला ने अलग-अलग तिथियों पर आरोपी को 10 लाख 14 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी उसकी बेटी करे अपने साथ महिला जज की अदालत में लेकर गया और उसे बाहर बैठा दिया। इसके बाद संजीव कुमार महिला के घर आया और कहा कि उसकी बेटी की ट्रेनिंग महिला जज के पास ऑनलाइन शुरू हो गई है। बेटी आरोपी के कहने पर बताए गए ऐप से अलग-अलग जजों के पास रोजान क्रिमिनल केस की लिस्टें जोकि आनलाइन डाउनलोड करके अलग लिस्टें निकालती थी। फिर वह लिस्ट संजीव के नंबर पर भेजती थी। यह सब वह बेटी से ट्रेनिंग के नाम पर कराता रहा ।
विज्ञापन