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इन बातों का रखें ध्यान तो दिवाली पर नहीं होगा नुकसान
सिरसा/ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2013 11:06 PM IST
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दिवाली पर बरती गई थोड़ी सी सावधानी आपकी खुशियों में खलल नहीं पड़ने देगी।
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आमतौर पर लापरवाही की वजह से दिवाली पर कई जगह आग लगने की घटनाएं आम होती
हैं।
कई जगह पटाखे की चपेट में आने से घायल हो जाते हैं। इस दिवाली यदि छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो आपकी खुशियों में चार-चांद लग जाएंगे।
पटाखे चलाते समय रखें ध्यान
- खुले में ही आतिशबाजी की जाए, कमरों में नहीं
- ज्वलनशील पदार्थों के आसपास आतिशबाजी न की जाए
- गोदाम और पेट्रोल पंप के पास आतिशबाजी न की जाए
- आतिशबाजी करते समय पानी की बाल्टी और रेत पास में रखें
- बच्चे जब आतिशबाजी करें तो अभिभावक उनके साथ ही रहें
- तेज धमाके वाले पटाखे बच्चों को न दें, फुलझड़ी ही दें
- राकेट, बुलेट बंब, सुतली बंब व अनार चलाते समय ध्यान रखें
- ढीले, रेशमी और टेरालीन के कपड़े पहनने से गुरेज किया जाए
- आग लगने पर तुरंत टोल फ्री नंबर-101 पर डॉयल करें
- जितना संभव हो, पटाखों व प्रदूषण रहित दिवाली मनाने को प्रेरित करें
- जगदीश सिंह गिल, अग्निशमन अधिकारी, हिसार मंडल
आग लगने पर घबराएं नहीं, यह करें
- हादसा होने पर घबराएं नहीं बल्कि धैर्य रखते हुए प्राथमिक उपचार देकर पीड़ित को किसी अस्पताल में ले जाएं
- कंबल या रेत डालकर सबसे पहले आग बुझाने का प्रयास किया जाए
- पटाखा जलाते समय अगर हाथ, पैर या शरीर का कोई अंग जल गया है तो उस पर पानी डालने के बजाए उस स्थान पर गीला कपड़ा लपेट दिया जाए
- पीड़ित को खुली जगह पर रखा जाए ताकि सांस लेने में आसानी हो
- दमा पीड़ित व्यक्ति को आतिशबाजी स्थल से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि बारूद जलने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो सकती है
- पटाखे से सबसे ज्यादा खतरा आंख और हाथों को होता है, ऐसे में चश्मे का प्रयोग किया जा सकता है
- बड़ा हादसा होने पर स्वास्थ्य विभाग के आपात नंबर 102 पर डॉयल किया जाए
- डॉ. वेद बैनीवाल, संरक्षक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा
तारों से चिंगारी उठते ही मेन लाइन करें बंद
- दीपावली पर हर घर में रोशनी के लिए झालर और बल्बों का प्रयोग किया जाता है। अधिक लोड होने पर शार्ट सर्किट होने पर आग लगने का खतरा बना रहा है।
- बिजली के तारों में से धुआं या चिंगारी निकलने पर तुरंत मुख्य लाइन का स्विच आफ कर देना चाहिए और इसकी सूचना बिजली विभाग को दी जाए
- बिजली का तार टूटने पर उसे सूखी लकड़ी या डंडे से अलग हटाया जा सकता है
- तारों में आग लगने पर पानी कदापि न डालें, रेत का इस्तेमाल करें
- तुरंत बिजली विभाग के फोन नंबर 0166-238488 पर सूचना दी जा सकती है
- देवीराम, जेई, बिजली विभाग, सिरसा
इन नंबरों पर करें संपर्क
रोहतक। दिवाली पर अगर किसी तरह की समस्या या आगजनी की घटना होती है, तो इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। समस्या के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन बना दी है। इसमें 101, 100, 247200, 9996464100 नंबर शामिल हैं। साथ ही महिला पीसीआर नंबर 1091 भी है।
मावे की मिठाई विश्वासपात्र हलवाई से ही लें, वरना छोड़ दें
आईएमए हरियाणा के संरक्षक डॉ. वेद बैनीवाल ने कहा कि दीपावली पर मिलावटी मिठाई की ज्यादा संभावना रहती है ऐसे में मावा से बनी मिठाई से गुरेज करें। इस प्रकार की मिठाई विश्वासपात्र हलवाई से ही लें। मिठाई में मिलाए जाने वाले कलर भी स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकते हैं। दीपावली की मिठाई काफी समय से बनानी शुरू कर दी जाती है, जिन पर फंगस लगने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसी मिठाई से फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। उन्होंने बताया कि फूड प्वाइजनिंग होने पर पीड़ित को उल्टी दस्त हो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को ओआरएस का घोल पिलाते रहना चाहिए और तत्काल उसे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। नकली मावा पकड़ने के लिए इन दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी छापेमारी कर रही है, जिन्हें काफी सफलता मिली है।
इस समय करें पूजन
श्याम मंदिर के पुजारी पंडित गुणानंद के अनुसार दीपावली के दिन रविवार सायं 6.45 से 8.45 तक दीपावली पूजन के लिए विशेष मुहूर्त है। रात 1.45 से 3.45 तक भी पूजन के लिए समय विशेष महत्व रखता है। इस समय सिंहलग्न होगा। इसके अलावा पूरा दिन पूजा की जा सकती है।
ये रहेंगे चौकस, ताकि आपकी दिवाली रहे रोशन
फतेहाबाद। जिस समय आप सभी लोग दीपावली की खुशियां अपने परिवार के साथ मना रहे होंगे तो कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो आपकी खुशियों को बरकरार रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। रविवार को दिवाली के दिन सामान्य अस्पताल में डॉ. अनिल आहूजा, डॉ. नरेंद्र शर्मा और डॉ. हनुमान सिंह की 8-8 घंटे के हिसाब से इमरजेंसी में ड्यूटी लगाई गई है। खासकर डॉ. हनुमान सिंह दिवाली की रात मरीजों की सेवा में रहेंगे। लेबर रूम में डॉ. वीना बतरा पूरी रात ड्यूटी देंगी। डॉ. हनुमान और वीना बतरा ने कहा कि दीपावली के दिन जब वह इमरजेंसी में होती है तो इंसान होने के नाते मन तो उदास होता है लेकिन लोगों की खुशियों में ही उनकी खुशी होती है।
फायरमैन अगले दिन मनाते हैं दिवाली
ऐसे ही दमकल विभाग के कुल 21 कर्मचारियों में से 11-11 कर्मचारी दिन और रात की शिफ्ट में ड्यूटी देंगे। इमरजेंसी में सारे कर्मचारी मौजूद रहेंगे। सब फायर ऑफिसर आत्माराम, लीडिंग फायरमैन राजेंद्र कुमार, अमरलाल और पवन कुमार ने बताया कि वह हमेशा दिवाली को अगले दिन मनाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 25 सालों से उनकी दीपावली की रात आग बुझाते हुए बीतती रही है। उनके घर में दीपावली के दिन कमी तो महसूस होती है लेकिन जनसेवा के आगे यह कुछ भी नहीं है।
परिवार की जिद से जरूरी ड्यूटी
रोहतक। कहने और सुनने में भले ही ‘परिवार की जिद से जरूरी ड्यूटी’ शब्द अच्छे लगते हों, लेकिन जब खुद पर आती है, तो पता चलता है। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके लिए दिवाली से जरूरी है अपना कर्तव्य। पीजीआई की इमरजेंसी में दिवाली की रात तैनात रहने वाले डॉ. संदीप कहते हैं कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि घर में इसको लेकर तकरार तो होनी ही है, लेकिन कर्तव्य उससे कहीं अधिक जरूरी है। डॉ. संदीप का कहना है कि अगर किसी मरीज को खुशी मिलती है तो यह दिवाली से कम नहीं है।
ड्यूटी पर्व से कम नहीं
रोहतक में ट्रैफिक पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने कहा कि उनके लिए यही दिवाली है कि लोगों को इस पर्व पर किसी तरह का संकट न हो। इसमें तो कोई दो राय नहीं है कि उनके परिवार की भी भावनाएं होती हैं, लेकिन जो ड्यूटी है, वह भी तो पर्व से कम नहीं है।
सभी पटाखे फोड़ेंगे तो सुरक्षा का क्या होगा
रोहतक सिविल थाना प्रभारी कुलदीप बैनीवाल ने कहा कि जब लोग पटाखे जलाते हैं तो उनको भी टिस होती है कि अपने बच्चों के साथ पर्व मनाते। पर क्या करें, कर्तव्य भी निभाना है। अगर हर आदमी यही सोचने लगा तो फिर सुरक्षा का क्या होगा?
कई जगह पटाखे की चपेट में आने से घायल हो जाते हैं। इस दिवाली यदि छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो आपकी खुशियों में चार-चांद लग जाएंगे।
पटाखे चलाते समय रखें ध्यान
- खुले में ही आतिशबाजी की जाए, कमरों में नहीं
- ज्वलनशील पदार्थों के आसपास आतिशबाजी न की जाए
- गोदाम और पेट्रोल पंप के पास आतिशबाजी न की जाए
- आतिशबाजी करते समय पानी की बाल्टी और रेत पास में रखें
- बच्चे जब आतिशबाजी करें तो अभिभावक उनके साथ ही रहें
- तेज धमाके वाले पटाखे बच्चों को न दें, फुलझड़ी ही दें
- राकेट, बुलेट बंब, सुतली बंब व अनार चलाते समय ध्यान रखें
- ढीले, रेशमी और टेरालीन के कपड़े पहनने से गुरेज किया जाए
- आग लगने पर तुरंत टोल फ्री नंबर-101 पर डॉयल करें
- जितना संभव हो, पटाखों व प्रदूषण रहित दिवाली मनाने को प्रेरित करें
- जगदीश सिंह गिल, अग्निशमन अधिकारी, हिसार मंडल
आग लगने पर घबराएं नहीं, यह करें
- हादसा होने पर घबराएं नहीं बल्कि धैर्य रखते हुए प्राथमिक उपचार देकर पीड़ित को किसी अस्पताल में ले जाएं
- कंबल या रेत डालकर सबसे पहले आग बुझाने का प्रयास किया जाए
- पटाखा जलाते समय अगर हाथ, पैर या शरीर का कोई अंग जल गया है तो उस पर पानी डालने के बजाए उस स्थान पर गीला कपड़ा लपेट दिया जाए
- पीड़ित को खुली जगह पर रखा जाए ताकि सांस लेने में आसानी हो
- दमा पीड़ित व्यक्ति को आतिशबाजी स्थल से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि बारूद जलने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो सकती है
- पटाखे से सबसे ज्यादा खतरा आंख और हाथों को होता है, ऐसे में चश्मे का प्रयोग किया जा सकता है
- बड़ा हादसा होने पर स्वास्थ्य विभाग के आपात नंबर 102 पर डॉयल किया जाए
- डॉ. वेद बैनीवाल, संरक्षक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा
तारों से चिंगारी उठते ही मेन लाइन करें बंद
- दीपावली पर हर घर में रोशनी के लिए झालर और बल्बों का प्रयोग किया जाता है। अधिक लोड होने पर शार्ट सर्किट होने पर आग लगने का खतरा बना रहा है।
- बिजली के तारों में से धुआं या चिंगारी निकलने पर तुरंत मुख्य लाइन का स्विच आफ कर देना चाहिए और इसकी सूचना बिजली विभाग को दी जाए
- बिजली का तार टूटने पर उसे सूखी लकड़ी या डंडे से अलग हटाया जा सकता है
- तारों में आग लगने पर पानी कदापि न डालें, रेत का इस्तेमाल करें
- तुरंत बिजली विभाग के फोन नंबर 0166-238488 पर सूचना दी जा सकती है
- देवीराम, जेई, बिजली विभाग, सिरसा
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इन नंबरों पर करें संपर्क
रोहतक। दिवाली पर अगर किसी तरह की समस्या या आगजनी की घटना होती है, तो इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। समस्या के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन बना दी है। इसमें 101, 100, 247200, 9996464100 नंबर शामिल हैं। साथ ही महिला पीसीआर नंबर 1091 भी है।
मावे की मिठाई विश्वासपात्र हलवाई से ही लें, वरना छोड़ दें
आईएमए हरियाणा के संरक्षक डॉ. वेद बैनीवाल ने कहा कि दीपावली पर मिलावटी मिठाई की ज्यादा संभावना रहती है ऐसे में मावा से बनी मिठाई से गुरेज करें। इस प्रकार की मिठाई विश्वासपात्र हलवाई से ही लें। मिठाई में मिलाए जाने वाले कलर भी स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकते हैं। दीपावली की मिठाई काफी समय से बनानी शुरू कर दी जाती है, जिन पर फंगस लगने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसी मिठाई से फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। उन्होंने बताया कि फूड प्वाइजनिंग होने पर पीड़ित को उल्टी दस्त हो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को ओआरएस का घोल पिलाते रहना चाहिए और तत्काल उसे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। नकली मावा पकड़ने के लिए इन दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी छापेमारी कर रही है, जिन्हें काफी सफलता मिली है।
इस समय करें पूजन
श्याम मंदिर के पुजारी पंडित गुणानंद के अनुसार दीपावली के दिन रविवार सायं 6.45 से 8.45 तक दीपावली पूजन के लिए विशेष मुहूर्त है। रात 1.45 से 3.45 तक भी पूजन के लिए समय विशेष महत्व रखता है। इस समय सिंहलग्न होगा। इसके अलावा पूरा दिन पूजा की जा सकती है।
ये रहेंगे चौकस, ताकि आपकी दिवाली रहे रोशन
फतेहाबाद। जिस समय आप सभी लोग दीपावली की खुशियां अपने परिवार के साथ मना रहे होंगे तो कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो आपकी खुशियों को बरकरार रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। रविवार को दिवाली के दिन सामान्य अस्पताल में डॉ. अनिल आहूजा, डॉ. नरेंद्र शर्मा और डॉ. हनुमान सिंह की 8-8 घंटे के हिसाब से इमरजेंसी में ड्यूटी लगाई गई है। खासकर डॉ. हनुमान सिंह दिवाली की रात मरीजों की सेवा में रहेंगे। लेबर रूम में डॉ. वीना बतरा पूरी रात ड्यूटी देंगी। डॉ. हनुमान और वीना बतरा ने कहा कि दीपावली के दिन जब वह इमरजेंसी में होती है तो इंसान होने के नाते मन तो उदास होता है लेकिन लोगों की खुशियों में ही उनकी खुशी होती है।
फायरमैन अगले दिन मनाते हैं दिवाली
ऐसे ही दमकल विभाग के कुल 21 कर्मचारियों में से 11-11 कर्मचारी दिन और रात की शिफ्ट में ड्यूटी देंगे। इमरजेंसी में सारे कर्मचारी मौजूद रहेंगे। सब फायर ऑफिसर आत्माराम, लीडिंग फायरमैन राजेंद्र कुमार, अमरलाल और पवन कुमार ने बताया कि वह हमेशा दिवाली को अगले दिन मनाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 25 सालों से उनकी दीपावली की रात आग बुझाते हुए बीतती रही है। उनके घर में दीपावली के दिन कमी तो महसूस होती है लेकिन जनसेवा के आगे यह कुछ भी नहीं है।
परिवार की जिद से जरूरी ड्यूटी
रोहतक। कहने और सुनने में भले ही ‘परिवार की जिद से जरूरी ड्यूटी’ शब्द अच्छे लगते हों, लेकिन जब खुद पर आती है, तो पता चलता है। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके लिए दिवाली से जरूरी है अपना कर्तव्य। पीजीआई की इमरजेंसी में दिवाली की रात तैनात रहने वाले डॉ. संदीप कहते हैं कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि घर में इसको लेकर तकरार तो होनी ही है, लेकिन कर्तव्य उससे कहीं अधिक जरूरी है। डॉ. संदीप का कहना है कि अगर किसी मरीज को खुशी मिलती है तो यह दिवाली से कम नहीं है।
ड्यूटी पर्व से कम नहीं
रोहतक में ट्रैफिक पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने कहा कि उनके लिए यही दिवाली है कि लोगों को इस पर्व पर किसी तरह का संकट न हो। इसमें तो कोई दो राय नहीं है कि उनके परिवार की भी भावनाएं होती हैं, लेकिन जो ड्यूटी है, वह भी तो पर्व से कम नहीं है।
सभी पटाखे फोड़ेंगे तो सुरक्षा का क्या होगा
रोहतक सिविल थाना प्रभारी कुलदीप बैनीवाल ने कहा कि जब लोग पटाखे जलाते हैं तो उनको भी टिस होती है कि अपने बच्चों के साथ पर्व मनाते। पर क्या करें, कर्तव्य भी निभाना है। अगर हर आदमी यही सोचने लगा तो फिर सुरक्षा का क्या होगा?