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मुख्य सचिव से रिटायर होते ही चौधरी को मंत्री का दर्जा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Jan 2014 01:18 PM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रिटायर हुए मुख्य सचिव पीके चौधरी को तोहफा देते हुए हरियाणा सरकार का सलाहकार (विकास एवं शासकीय सुधार) नियुक्त किया है। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।
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चौधरी पहले सलाहकार हैं जिन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। बीते करीब पौने नौ साल से मुख्यमंत्री ने अपने काफी सलाहकार, प्रधान सलाहकार, प्रधान ओएसडी, ओएसडी रखे हुए हैं मगर किसी को अब तक कैबिनेट मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया।
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पीके चौधरी का सेवाकाल छह महीने बढ़वाने के लिए सीएम को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से आग्रह करना पड़ा था।
पीके चौधरी हरियाणा के उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला के बहनोई हैं। हालांकि चौधरी रिटायरमेंट से दस दिन पहले छुट्टी पर चले गए थे। वे फरवरी में लौटेंगे। मगर सरकार ने उनकी नियुक्ति अभी से कर दी है।
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कृष्ण मोहन, रामेंद्र जाखू को भी दोबारा नौकरी मिलेगी
अतिरिक्त मुख्य सचिव पद से 31 दिसंबर को रिटायर हुए आईएएस कृष्ण मोहन और रामेंद्र जाखू को भी दोबारा नौकरी मिलना तय माना जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि कृष्ण मोहन को सेवा का अधिकार आयोग में मुख्य आयुक्त लगाया जाएगा, जबकि जाखू को इसी आयोग में सदस्य लगाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि राईट टू सर्विस (सेवा का अधिकार) कानून की अधिसूचना जारी हो चुकी है। आयोग जल्द गठित हो जाएगा।
मुख्य आयुक्त लगाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी गठित होगी।
उसके बाद चयन कमेटी नाम तय करेगी। इससे जवाबदेही कानून के तहत अफसरों और कर्मचारियों को तय समय में लोगों का काम करना होगा।
उल्लेखनीय है कि कृष्ण मोहन का नाम चंडीगढ़ में जमीन आवंटित करने के मामले में उछला था।
सीबीआई ने जांच की और क्लीन चिट देते हुए अदालत में दो बार क्लोजर रिपोर्ट भी दी। मगर अदालत स्वीकार नहीं कर रही है।