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आरोपी पुलिसवालों पर भी हो कार्रवाई
जींद/ब्यूरो
Updated Mon, 28 Oct 2013 08:43 PM IST
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अमित हत्याकांड में दिए गए अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने पर सोमवार को कंडेला खाप, सैन समाज, पिछड़ा वर्ग सहित विभिन्न संगठनों ने शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दो आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर, मामले को गंभीरता से न लेने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की लचर कार्यशैली के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय पहुंच कर मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। एसपी और डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोनों आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। मामले में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। अमित हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही किस स्तर पर हुई, मामले में पुलिस कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका क्या रही, इसकी जांच नरवाना के डीएसपी पूर्ण चंद को जांच सौंपी गई है।
सोमवार को नेहरू पार्क में कंडेला खाप के अध्यक्ष टेकराम कंडेला की अध्यक्षता में पंचायत का आयोजन किया गया। लगभग दो घंटे तक चली पंचायत में दो आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और पुलिस की लचर कार्यशैली पर रोष जताया गया। पंचायत चौधरियों का कहना था कि अमित की हत्या अपहरण के बाद ही हो गई थी। पांच अक्तूबर को शव भी पुलिस ने बरामद कर लिया था लेकिन अमित की हत्या से संबंधित परिजनों को कोई जानकारी देना तो दूर उसके शव को लावारिस घोषित कर दाह संस्कार कर दिया। जिसमें पुलिस की लापरवाही साफ नजर आ रही है। पुलिस ने मामले को हल्के से लिया। पुलिस भी मामले में दोषी है।
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पंचायत ने निर्णय लिया कि अगर पांच नवंबर तक फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती तो शहर को जाम कर दिया जाएगा। उसके बाद लोगों ने शहर में गोहाना रोड से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। पंचायत द्वारा गठित कमेटी ने ज्ञापन देने के बाद कान्फ्रेंस हाल में डीसी, एसपी से बातचीत की।
तीन अक्तूबर को अमित के अपहरण, फिरौती मांगे जाने की बात सार्वजनिक हो चुकी थी। पांच अक्तूबर को सदर पुलिस ने रामराये के पास हांसी ब्रांच नहर से शव को बरामद कर लिया था। आरोप है कि पुलिस ने अमित के परिजनों से इसके बारे में कोई सूचना नहीं दी, न ही शिनाख्त करवाने की कोशिश की। शव को लावारिस घोषित कर अंतिम संस्कार करवा दिया। 24 अक्तूबर को पुलिस ने महज औपचारिकता पूरी करते हुए अमित की मौत तथा कपड़ों की शिनाख्त से संबंधित परिजनों को सूचना दी।
हालांकि अमित के अपहरण तथा दस लाख रुपये की फिरौती का मामला शहर थाना पुलिस ने दर्ज किया था। जबकि अमित का शव सदर पुलिस ने बरामद किया था। दोनों पुलिस थानों के बीच तालमेल का अभाव रहा या पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों ने लापरवाही बरती, इसी पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय पहुंच कर मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। एसपी और डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोनों आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। मामले में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। अमित हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही किस स्तर पर हुई, मामले में पुलिस कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका क्या रही, इसकी जांच नरवाना के डीएसपी पूर्ण चंद को जांच सौंपी गई है।
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सोमवार को नेहरू पार्क में कंडेला खाप के अध्यक्ष टेकराम कंडेला की अध्यक्षता में पंचायत का आयोजन किया गया। लगभग दो घंटे तक चली पंचायत में दो आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और पुलिस की लचर कार्यशैली पर रोष जताया गया। पंचायत चौधरियों का कहना था कि अमित की हत्या अपहरण के बाद ही हो गई थी। पांच अक्तूबर को शव भी पुलिस ने बरामद कर लिया था लेकिन अमित की हत्या से संबंधित परिजनों को कोई जानकारी देना तो दूर उसके शव को लावारिस घोषित कर दाह संस्कार कर दिया। जिसमें पुलिस की लापरवाही साफ नजर आ रही है। पुलिस ने मामले को हल्के से लिया। पुलिस भी मामले में दोषी है।
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पंचायत ने निर्णय लिया कि अगर पांच नवंबर तक फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती तो शहर को जाम कर दिया जाएगा। उसके बाद लोगों ने शहर में गोहाना रोड से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। पंचायत द्वारा गठित कमेटी ने ज्ञापन देने के बाद कान्फ्रेंस हाल में डीसी, एसपी से बातचीत की।
तीन अक्तूबर को अमित के अपहरण, फिरौती मांगे जाने की बात सार्वजनिक हो चुकी थी। पांच अक्तूबर को सदर पुलिस ने रामराये के पास हांसी ब्रांच नहर से शव को बरामद कर लिया था। आरोप है कि पुलिस ने अमित के परिजनों से इसके बारे में कोई सूचना नहीं दी, न ही शिनाख्त करवाने की कोशिश की। शव को लावारिस घोषित कर अंतिम संस्कार करवा दिया। 24 अक्तूबर को पुलिस ने महज औपचारिकता पूरी करते हुए अमित की मौत तथा कपड़ों की शिनाख्त से संबंधित परिजनों को सूचना दी।
हालांकि अमित के अपहरण तथा दस लाख रुपये की फिरौती का मामला शहर थाना पुलिस ने दर्ज किया था। जबकि अमित का शव सदर पुलिस ने बरामद किया था। दोनों पुलिस थानों के बीच तालमेल का अभाव रहा या पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों ने लापरवाही बरती, इसी पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।