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Gorakhpur News: जंगली पट्टी से आसमान नापेंगे युवा वैज्ञानिक, राष्ट्रीय रॉकेटरी प्रतियोगिता की तैयारियां तेज
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69 टीमें, 690 विद्यार्थी भरेंगे रॉकेट से उड़ान, नारायणी प्रक्षेपण स्थल पर देर रात पहुंचे डीएम-सीडीओ
सत्संग भवन के पास बनेगा ऑब्जर्वेशन पॉइंट, पिछले आयोजन के अनुभवों के आधार पर अधिकारियों की होगी तैनाती
गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। जिले के तमकुही क्षेत्र में नारायणी नदी तट पर राष्ट्रीय स्तर की रॉकेटरी प्रतियोगिता होगी। इंस्पेस मॉडल रॉकेटरी और कैनसेट इंडिया स्टूडेंट प्रतियोगिता 31 अक्तूबर से 03 नवंबर तक चलेगी। इसमें देशभर की 69 छात्र टीमें और करीब 690 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। जंगलीपट्टी स्थित नारायणी प्रक्षेपण स्थल पर तैयारियां तेज हो गई हैं।
मंगलवार देर रात देवरिया के सांसद शशांक मणि के साथ जिलाधिकारी संजय चौहान, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, एडीएम पवन कुमार और एसडीएम कुणाल गौरव ने स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जंगलीपट्टी के नारायणी प्रक्षेपण स्थल और सत्संग भवन के पास प्रस्तावित ऑब्जर्वेशन पॉइंट का जायजा लिया। सांसद शशांक मणि ने पिछले वर्ष की प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें नोडल अधिकारियों की तैनाती और विभागीय जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने एडीएम पवन कुमार और मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव को एक सप्ताह में सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने नायब तहसीलदार शिवशंकर मिश्रा और एडीओ पंचायत को मौके पर निर्देश दिए। इस दौरान श्री नारायणी साइंस डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक मनीष बजाज सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पिछले अनुभव से बेहतर कर रहे व्यस्था
राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, सफाई, परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था जरूरी है। सांसद ने अधिकारियों को पिछले आयोजन की व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण दिखाया। इसमें नोडल अधिकारियों की भूमिका और विभागीय तैनाती की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने तैयारियों और विभागों के समन्वय की समीक्षा की। आयोजक संस्था श्री नारायणी साइंस डेवलपमेंट फाउंडेशन ने जिला प्रशासन से पुलिस तैनाती, यातायात प्रबंधन, एसडीआरएफ सहायता, चिकित्सा, अग्निशमन, परिवहन, सफाई और संपर्क मार्गों की मरम्मत सहित कई व्यवस्थाओं के लिए सहयोग मांगा था।
अधिकारियों की पिछली जिम्मेदारियां
जिलाधिकारी द्वारा 2025 में मॉडल रॉकेटरी एवं कैनसैट प्रतियोगिता के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को शांति व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया था। तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी को पूरे कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नामित किया गया था। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा को संपूर्ण नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रोटोकॉल, यातायात, चिकित्सा, अग्निशमन, सफाई, बिजली और पेयजल के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इस बार भी पिछले अनुभवों के आधार पर अधिकारियों की तैनाती और विभागीय समन्वय पर चर्चा हुई है।
विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थाएं
प्रतियोगिता के दौरान रॉकेट रखने के लिए पिरोजहां के प्राथमिक विद्यालय में स्टोर की व्यवस्था होगी। भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन और लंच की व्यवस्था जंगलीपट्टी के प्राथमिक विद्यालय के पास होगी। ऑब्जर्वेशन पॉइंट के समीप जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। इसके पास ही एक हैबिटेट भी विकसित किया जाएगा। यह आयोजन से जुड़ी गतिविधियों और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करेगा।
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सत्संग भवन के पास बनेगा ऑब्जर्वेशन पॉइंट, पिछले आयोजन के अनुभवों के आधार पर अधिकारियों की होगी तैनाती
गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। जिले के तमकुही क्षेत्र में नारायणी नदी तट पर राष्ट्रीय स्तर की रॉकेटरी प्रतियोगिता होगी। इंस्पेस मॉडल रॉकेटरी और कैनसेट इंडिया स्टूडेंट प्रतियोगिता 31 अक्तूबर से 03 नवंबर तक चलेगी। इसमें देशभर की 69 छात्र टीमें और करीब 690 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। जंगलीपट्टी स्थित नारायणी प्रक्षेपण स्थल पर तैयारियां तेज हो गई हैं।
मंगलवार देर रात देवरिया के सांसद शशांक मणि के साथ जिलाधिकारी संजय चौहान, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, एडीएम पवन कुमार और एसडीएम कुणाल गौरव ने स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जंगलीपट्टी के नारायणी प्रक्षेपण स्थल और सत्संग भवन के पास प्रस्तावित ऑब्जर्वेशन पॉइंट का जायजा लिया। सांसद शशांक मणि ने पिछले वर्ष की प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें नोडल अधिकारियों की तैनाती और विभागीय जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।
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जिलाधिकारी संजय चौहान ने एडीएम पवन कुमार और मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव को एक सप्ताह में सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने नायब तहसीलदार शिवशंकर मिश्रा और एडीओ पंचायत को मौके पर निर्देश दिए। इस दौरान श्री नारायणी साइंस डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक मनीष बजाज सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पिछले अनुभव से बेहतर कर रहे व्यस्था
राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, सफाई, परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था जरूरी है। सांसद ने अधिकारियों को पिछले आयोजन की व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण दिखाया। इसमें नोडल अधिकारियों की भूमिका और विभागीय तैनाती की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने तैयारियों और विभागों के समन्वय की समीक्षा की। आयोजक संस्था श्री नारायणी साइंस डेवलपमेंट फाउंडेशन ने जिला प्रशासन से पुलिस तैनाती, यातायात प्रबंधन, एसडीआरएफ सहायता, चिकित्सा, अग्निशमन, परिवहन, सफाई और संपर्क मार्गों की मरम्मत सहित कई व्यवस्थाओं के लिए सहयोग मांगा था।
अधिकारियों की पिछली जिम्मेदारियां
जिलाधिकारी द्वारा 2025 में मॉडल रॉकेटरी एवं कैनसैट प्रतियोगिता के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को शांति व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया था। तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी को पूरे कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नामित किया गया था। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा को संपूर्ण नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रोटोकॉल, यातायात, चिकित्सा, अग्निशमन, सफाई, बिजली और पेयजल के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इस बार भी पिछले अनुभवों के आधार पर अधिकारियों की तैनाती और विभागीय समन्वय पर चर्चा हुई है।
विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थाएं
प्रतियोगिता के दौरान रॉकेट रखने के लिए पिरोजहां के प्राथमिक विद्यालय में स्टोर की व्यवस्था होगी। भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन और लंच की व्यवस्था जंगलीपट्टी के प्राथमिक विद्यालय के पास होगी। ऑब्जर्वेशन पॉइंट के समीप जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। इसके पास ही एक हैबिटेट भी विकसित किया जाएगा। यह आयोजन से जुड़ी गतिविधियों और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करेगा।