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Gorakhpur AIIMS: युवक के गले में था 540 ग्राम का घेंघा, एम्स के डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन
Thu, 24 Aug 2023 05:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 24 Aug 2023 05:54 PM IST
सार
एम्स के नाक कान गला विभाग की विशेषज्ञ डॉ. पंखुड़ी मित्तल ने बताया कि आमतौर पर घेंघा की गांठ 4 से 6 सेंटीमीटर की होती है, लेकिन इस मरीज की थायराइड ग्रंथि बड़ी होने के कारण ऑपरेशन जटिल था।
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गोरखपुर एम्स।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
करीब पांच साल से घेंघा रोग से पीड़ित 35 वर्षीय उमाशंकर को एम्स के डॉक्टरों ने गले के बढ़ते भार से मुक्ति दिलाई है। बुधवार को रमाशंकर के गले का ऑपरेशन कर 540 ग्राम के थायराइड ग्रंथि को निकाला गया। युवक को बेहोश करने के लिए दूरबीन का इस्तेमाल किया गया।
एम्स के नाक कान गला विभाग की विशेषज्ञ डॉ. पंखुड़ी मित्तल ने बताया कि आमतौर पर घेंघा की गांठ 4 से 6 सेंटीमीटर की होती है, लेकिन इस मरीज की थायराइड ग्रंथि बड़ी होने के कारण ऑपरेशन जटिल था।
ऑपरेशन को पूरा कराने में डॉ. रुचिका अग्रवाल, एनेस्थिसिया विभाग से डॉ. विक्रम सेठी, अंकिता काबी, डॉ. प्रियंका द्विवेदी, डॉ. सोनम आदि मौजूद रहीं। ऑपरेशन के लिए मरीज़ की श्वास नली के जरिए बेहोश किया था, लेकिन नली में दिक्कत के कारण डॉ. सुबोध कुमार की मदद ली गई। ऑपरेशन सफल रहने पर सबने राहत की सांस ली।
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एम्स के नाक कान गला विभाग की विशेषज्ञ डॉ. पंखुड़ी मित्तल ने बताया कि आमतौर पर घेंघा की गांठ 4 से 6 सेंटीमीटर की होती है, लेकिन इस मरीज की थायराइड ग्रंथि बड़ी होने के कारण ऑपरेशन जटिल था।
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ऑपरेशन को पूरा कराने में डॉ. रुचिका अग्रवाल, एनेस्थिसिया विभाग से डॉ. विक्रम सेठी, अंकिता काबी, डॉ. प्रियंका द्विवेदी, डॉ. सोनम आदि मौजूद रहीं। ऑपरेशन के लिए मरीज़ की श्वास नली के जरिए बेहोश किया था, लेकिन नली में दिक्कत के कारण डॉ. सुबोध कुमार की मदद ली गई। ऑपरेशन सफल रहने पर सबने राहत की सांस ली।
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