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Gorakhpur News: भाइयों की कलाई पर इस बार सजेगी ऊन की राखी

Sat, 25 Jul 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sat, 25 Jul 2026 02:42 AM IST
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Women from self-help groups are making Rakhis out of wool.

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- स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ऊन से बना रहीं राखी

- पादरी बाजार की अनीता अग्रवाल अपने साथ 40 महिलाओं को जोड़कर दे रहीं रोजगार



गोरखपुर। इस बार भाइयों की कलाई पर ऊन से बनी राखी सजेगी। रक्षाबंधन पर्व नजदीक आते ही स्वयं सहायता समूह की महिलाएं राखी बनाने के काम में लग गई हैं। उनकी बनाई ऊन की राखियां बाजार में आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।

हल्के वजन, आकर्षक डिजाइन और हस्तनिर्मित खूबसूरती के कारण इन राखियों को बाजार में खूब पसंद भी किया जा रहा है। इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय बाजार में हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाई बल्कि महिलाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत माध्यम भी बनकर उभरी है।
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पादरी बाजार निवासी अनीता अग्रवाल के नेतृत्व में करीब 40 महिलाएं मिलकर विभिन्न रंगों और डिजाइन की ऊन की राखियां तैयार कर रही हैं। इनमें पारंपरिक राखियों के साथ बच्चों के लिए कार्टून थीम, मोती, फूल और आकर्षक सजावटी डिजाइन वाली राखियां भी शामिल हैं। इनकी खासियत यह है कि ये हल्की, मुलायम और लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं।
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अनीता अग्रवाल ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पहले राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद सभी महिलाएं घर पर ही राखियां तैयार कर रही हैं। तैयार राखियों की बिक्री स्थानीय बाजारों, प्रदर्शनियों, मेलों और विभिन्न संस्थानों के माध्यम से की जा रही है। इससे महिलाओं की नियमित आय बढ़ी है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।


समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि पहले उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था लेकिन अब त्योहारों के मौसम में उन्हें अच्छा काम मिल जाता है। राखियों की बिक्री से होने वाली आय से वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सहयोग कर रही हैं। रक्षाबंधन से पहले समूह की महिलाएं बड़ी संख्या में राखियां तैयार करने में जुटी हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस वर्ष बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहेगी।
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