यूपी: आखिर कहां गायब हो गई महिला के शव से एक आंख? पुलिस ने कहा- 'चूहा कुतर गया'
- पंखे से लटकी लाश मिलने के बाद मौजूद थीं आंखें
- पुलिस ने वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी कराई गई थी
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गुलरिहा इलाके के हरसेवकपुर नंबर दो के चौहान टोला में एक जनवरी को पंखे से लटकी मिली महिला अनुराधा उर्फ रानी की एक आंख पहेली बन गई है। एक तस्वीर ऐसी मिली है, जिसमें महिला की एक आंख गायब है। बकौल पुलिस, महिला का शव मिलने के बाद जब उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, तब तक आंख सलामत थी। इसका वीडियो भी मौजूद है।
अब सवाल उठता है महिला की आंख आखिर कहां गई? एक आशंका यह जताई जा रही है कि मोर्चरी में शव रखने के बाद आंख को चूहों ने कुतर डाला है। दूसरा किसी की बदमाशी भी हो सकती है। हालांकि यह सब जांच के बाद ही पुष्ट हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर को चौहान टोला की अनुराधा उर्फ रानी पत्नी नीतेश चौहान की पंखे से लटकती लाश मिली थी। ससुराल वालों ने खुदकुशी बताया और मायके वालों ने दहेज हत्या का केस दर्ज करा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शव को पंखे से उतारे जाने और पोस्टमार्टम भेजने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को दिया गया। इस बीच अनुराधा की एक आंख गायब होने की तस्वीर सामने आ गई है। तस्वीर में महिला वही साड़ी पहने हुई है, जो पुलिस के पास मौजूद फोटो में है।
इससे एक बात साफ है कि महिला की आंख पोस्टमार्टम से पहले ही गायब हुई है। चूंकि पोस्टमार्टम के बाद शव को सील कर दिया जाता है। पहचान में दिक्कत आती है। घर से मोर्चरी भेजे जाने तक आंख मौजूद है, इसके भी साक्ष्य हैं, मगर आंख फिर गई कहां? सवाल यह उठता है। बिना एक आंख वाले शव की तस्वीर कुछ लोगों ने खींची है, जो व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यह फोटो अमर उजाला के पास उपलब्ध है।
छह घंटे में इस्तेमाल हो सकती हैं आंखें
डॉक्टरों के मुताबिक, किसी भी आंख का इस्तेमाल मरने से छह घंटे के भीतर ही किया जा सकता है। इस प्रकरण में मृत अनुराधा के भाई का कहना है कि 31 दिसंबर की रात पुलिस का फोन आया था। अनजान नंबर से कॉल आई और बताया गया कि बहन ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली है। अगले दिन मेडिकल कॉलेज बुलाया गया, फिर पुलिस चौकी पर जाने को कहा गया। पंचनामा भरने से पहले शव दिखाया गया तो बहन की आंख गायब थी। तब पुलिस वालों ने चूहे से कुतरे होने की बात बताते हुए मामले को टाल दिया था।
पहले हुई घटनाएं
17 जनवरी 2019: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चाइल्ड लाइन कर्मचारी विवेक कुमार की खुदकुशी के बाद रखे शव के चेहरे को चूहों ने कुतर डाला था।
6 नवंबर 2018: जिला अस्पताल की मोर्चरी में सपा नेता बेचन प्रसाद चौरसिया का हादसे में मौत के बाद रखे शव को चूहों ने कुतर डाला था।
सील होने के बाद नहीं चलता पता
यह दोनों ही ऐसे मामले थे, जिसमें मोर्चरी में परिजन चले गए थे और पूरा मामला खुलकर सामने आ गया था। पोस्टमार्टम होता तो शव को पूरी तरह से सील कर दिया जाता। इसके बाद उसे खोला नहीं जाता है। इसकी हिदायत वहां के कर्मचारी भी देते हैं। ऐसे में मामला खुलकर सामने नहीं आ पाता है। सपा नेता का मामला हो या फिर चाइल्ड लाइन का ये मामला सिर्फ इस वजह से खुला था, क्योंकि पोस्टमार्टम से पहले शव के पास परिजन मोर्चरी में पहुंच गए थे।
गुलरिहा इंस्पेक्टर रवि राय ने कहा कि शव को सील कराते समय वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी दोनों ही कराई गई थी। आंख पूरी तरह से सुरक्षित थीं। आंख गायब होने की किसी ने शिकायत भी नहीं की है। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।