Exclusive: डाकघर में जब निकली भर्ती, टूट पड़े फर्जी मार्कशीट वाले
सूत्र बताते हैं कि पहले चरण को छोड़कर बाकी के 10,734 पदों के लिए एक लाख से अधिक फर्जी मार्कशीट वालों ने आवेदन किया था। इनमें 100 प्रतिशत अंक पाने वाले भी शामिल थे। ऐसे आवेदकों को तो तुरंत बाहर कर दिया गया।
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प्रदेश में डाक विभाग से निकलने वाली भर्तियों को फर्जी मार्कशीट के खिलाड़ी लटकाते आ रहे हैं। इनकी वजह से जहां पात्र अभ्यर्थी वंचित हो जाते हैं, वहीं विभाग में करीब 40 फीसदी तक पद खाली रह जाते हैं। स्थिति यह है कि डाकघर में जब भी भर्ती निकलती है फर्जी मार्कशीट वाले जमकर आवेदन करते हैं।
प्रदेश में डाक विभाग ने साल 2017 से अब तक चार चरणों में 15,948 पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला है। पहले चरण में साल 2017 में 5,314 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। इसमें मदरसा बोर्ड के अलावा कुछ अन्य शिक्षा बोर्ड से शिक्षा हासिल करने वालों को आवेदन करने से रोका गया था। इस वजह से मामला कोर्ट में चला गया। इसके बाद 23 मार्च 2020 को दूसरे चरण में 3,951 पदों के लिए भर्तियां निकाली गईं। तीसरे चरण में 4,264 पदों के लिए और चौथे चरण में 2,519 पदों के लिए भर्तियां निकाली गईं।
सूत्र बताते हैं कि पहले चरण को छोड़कर बाकी के 10,734 पदों के लिए एक लाख से अधिक फर्जी मार्कशीट वालों ने आवेदन किया था। इनमें 100 प्रतिशत अंक पाने वाले भी शामिल थे। ऐसे आवेदकों को तो तुरंत बाहर कर दिया गया। इसके बाद प्रमाण पत्रों की जांच के बाद फर्जी मार्कशीट वालों की सेवा समाप्त की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि फर्जी मार्कशीट पर डाकघर में नौकरी हासिल करने का खेल पुराना है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होेने की वजह से जब भी भर्ती निकलती है फर्जी मार्कशीट वाले आवेदन कर देते हैं।
100 प्रतिशत अंक वालों को बोर्ड की वेबसाइट देखकर हटाया
प्रत्येक चरण में ऑनलाइन आवेदन करने पर अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड हो जाती है। 100 प्रतिशत अंक वालों के नाम उनके परिणाम वाले शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर देखकर हटा दिया जाता है। इसके बाद अन्य दावेदारों के नाम संबंधित प्रदेश के शिक्षा बोर्ड के पास भेज दिया जाता है। इस बीच नौकरी तो दे दी जाती है, लेकिन सत्यापन की प्रक्रिया चलती रहती है। यदि किसी अभ्यर्थी का शिक्षा प्रमाणपत्र सत्यापन में फर्जी निकलता है, तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाती है।
नियम शर्तों की वजह से नहीं जा पाते न्यायालय
डाकघर में पदों पर चयन के लिए नियम शर्तों के मुताबिक पहले ही तय कर दिया जाता है कि सेवा में आने के बाद अगर शिक्षा प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा मिला तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इस वजह से मामला कोर्ट में नहीं जा पाता है।
डाक सेवाएं निदेशक बीबी शरण ने कहा कि डाकघर में पदों पर चयन के लिए सामान्य व्यवस्था है। इंटर में अगर अच्छे नंबर हैं, तो डाकघर की वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसी का फायदा जालसाज उठाते हैं। फर्जी शिक्षा बोर्ड के प्रमाणपत्र पर आवेदन करते हैं। इनमें प्रथम दृष्टया जो 100 प्रतिशत अंक के साथ आवेदन करते हैं, उन्हें देखते ही किनारे कर दिया जाता है। इसके बाद वालों को उनके पास प्रतिशत के आधार पर ज्वाइन करवा दिया जाता। बाद में स्थानीय स्तर से सभी का सत्यापन किया जाता है। इनमें जिनकी मार्कशीट फर्जी मिलती है, उन्हें बाहर कर दिया जाता है। इस तरह 30 से 40 प्रतिशत तक पद रिक्त रह जाते हैं।