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कौओं से बेहाल: नहीं बता पा रहे मौसम का हाल, खोजे नहीं मिल रहा उपकरण
Fri, 08 Sep 2023 03:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Updated Fri, 08 Sep 2023 03:03 PM IST
सार
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि जिले में 80 जगहों पर नए उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सोमवार को इस संबंध में वर्चुअल बैठक होगी। उम्मीद है कि जल्द ही नए स्टेशन का काम शुरू हो जाएगा। खराब चिप को बदलने के लिए उसकी तलाश कराई जा रही है।
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तहसील की छत पर लगा वेदर स्टेशन, जिसके सेंसर की चिप खराब हो गई है।
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विस्तार
गोरखपुर सदर तहसील की छत पर लगे मौसम विभाग के यंत्र से जुड़ा आपदा विभाग के कंट्रोल रूम का सेंसर खराब हो गया है। कौओं की बीट से चिप काम नहीं कर रही है। करीब आठ हजार रुपये की लागत वाली चिप खोजे नहीं मिल रही। इसलिए अब नई मशीनों के सहारे ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कर्मचारी मौसम की सही जानकारी पा सकेंगे।
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सदर तहसील की छत पर मौसम विभाग का यंत्र लगा है। इसका सेंसर आपदा प्रबंध प्राधिकरण की छत पर लगा हुआ है। इससे जुड़े माॅनीटर पर मौसम की जानकारी मिलती थी। इसमें बारिश, तापमान, आर्द्रता सहित अन्य सूचनाएं एकत्र करके आपदा प्रबंधन की तैयारी की जाती थी। शासन को भी इसकी रिपोर्ट भेजने में मदद मिलती थी। लेकिन करीब डेढ़ माह से सेंसर की चिप खराब हो गई।
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कौओं की बीट से इसमें लगी चिप शाॅट हो गई। इस मशीन को वर्ष 2016 में लगाया गया था। खराब चिप को बदलने में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कर्मचारियों को पसीना छूट जा रहा है। विदेशी कंपनी की मशीन की चिप बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसलिए नई मशीनें लगने पर ही सही जानकारी मिल पाएगी। मौसम संबंधी सूचना के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के लोग मौसम विभाग के कर्मचारियों के रहमोंकरम पर हैं।
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नई मशीनों के लिए प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार
तहसीलों में पारंपरिक ढंग से बारिश होने पर औसत वर्षा का आकलन करने के लिए मापी यंत्र लगे हैं। इससे सिर्फ पानी बरसने पर जानकारी मिल पाती है। ताजा सूचनाओं के लिए आधुनिक मशीनों की आवश्यकता पड़ रही है। जिले के हर ब्लाॅक में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाने की तैयारी चल रही है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नए वेदर स्टेशन बनाने के लिए उपकरणों की खरीद-फरोख्त के संबंध में सोमवार को लखनऊ से अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। इसके बाद जल्द ही उपकरण मंगाकर स्थापित कर दिया जाएगा।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के लोगों का कहना है कि नए स्टेशन बन जाने से सहूलियत मिलेगी। ये वेदर स्टेशन डिजिटल होंगे। इससे तापमान, आर्द्रता, विजिबिलिटी, विंड, बारिश व बर्फ मापन, सूर्य की तपन क्षमता, अल्ट्रा वॉयलेट रेज का प्रतिदिन का डाटा भी जुटाया जा सकेगा। हल्की, तेज या भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंकाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि जिले में 80 जगहों पर नए उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सोमवार को इस संबंध में वर्चुअल बैठक होगी। उम्मीद है कि जल्द ही नए स्टेशन का काम शुरू हो जाएगा। खराब चिप को बदलने के लिए उसकी तलाश कराई जा रही है। उपलब्ध होते ही उसे ठीक करा दिया जाएगा।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के लोगों का कहना है कि नए स्टेशन बन जाने से सहूलियत मिलेगी। ये वेदर स्टेशन डिजिटल होंगे। इससे तापमान, आर्द्रता, विजिबिलिटी, विंड, बारिश व बर्फ मापन, सूर्य की तपन क्षमता, अल्ट्रा वॉयलेट रेज का प्रतिदिन का डाटा भी जुटाया जा सकेगा। हल्की, तेज या भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंकाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि जिले में 80 जगहों पर नए उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सोमवार को इस संबंध में वर्चुअल बैठक होगी। उम्मीद है कि जल्द ही नए स्टेशन का काम शुरू हो जाएगा। खराब चिप को बदलने के लिए उसकी तलाश कराई जा रही है। उपलब्ध होते ही उसे ठीक करा दिया जाएगा।