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मौसम का असर: बारिश और पछुवा से सुधरी हवा की गुणवत्ता, येलो जोन में पहुंचा एक्यूआई
Mon, 06 Dec 2021 11:26 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 06 Dec 2021 11:26 AM IST
सार
एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू 50 तक होने पर इसे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
दिवाली के बाद से खतरनाक बनी गोरखपुर की हवा की गुणवत्ता में बारिश और पछुवा हवा बहने से काफी सुधार हुआ है। रविवार को गोरखपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 81 दर्ज किया गया जो येलो जोन में आता है। दिवाली के कुछ दिन बाद तो गोरखपुर के हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर 398 तक जा पहुंची थी। इसकी वजह से सांस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई थी।
रविवार को गोरखपुर की हवा को एयर क्वालिटी इंडेक्स का पीला सिग्नल मिला है। एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू 50 तक होने पर इसे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इस स्तर तक हवा में धूलकण, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड जैसे प्रदूषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है।
जैसे-जैसे हवा में इन तत्वों की मात्रा बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे हवा की गुणवत्ता खराब होती जाती है। हरे रंग तक इसे स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। इसके बाद प्रदूषण की मात्रा बढ़ने के साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू बदलता जाता है। दिवाली के बाद गोरखपुर की एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू रेड जोन में जा पहुंची थी। वहीं, यह अब बेहतर होकर 81 हो गई है।
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नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में पानी की बौछार कर पेड़ों की धुलाई आदि करने से भी हवा में प्रदूषण की मात्रा की कुछ कमी आई है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि दो दिन पहले हुई हल्की बारिश, उसके बाद ऊपरी और निचले वायुमंडल में पछुवा हवा की रफ्तार तेज होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
01 दिसंबर 173
02 दिसंबर 173
03 दिसंबर 174
04 दिसंबर 97
05 दिसंबर 81
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रविवार को गोरखपुर की हवा को एयर क्वालिटी इंडेक्स का पीला सिग्नल मिला है। एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू 50 तक होने पर इसे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इस स्तर तक हवा में धूलकण, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड जैसे प्रदूषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है।
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जैसे-जैसे हवा में इन तत्वों की मात्रा बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे हवा की गुणवत्ता खराब होती जाती है। हरे रंग तक इसे स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। इसके बाद प्रदूषण की मात्रा बढ़ने के साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू बदलता जाता है। दिवाली के बाद गोरखपुर की एयर क्वालिटी इंडेक्स वैल्यू रेड जोन में जा पहुंची थी। वहीं, यह अब बेहतर होकर 81 हो गई है।
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नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में पानी की बौछार कर पेड़ों की धुलाई आदि करने से भी हवा में प्रदूषण की मात्रा की कुछ कमी आई है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि दो दिन पहले हुई हल्की बारिश, उसके बाद ऊपरी और निचले वायुमंडल में पछुवा हवा की रफ्तार तेज होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
पिछले कुछ दिनों का एयर क्वालिटी इंडेक्स
तारीख एक्यूआई01 दिसंबर 173
02 दिसंबर 173
03 दिसंबर 174
04 दिसंबर 97
05 दिसंबर 81