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Gorakhpur Weather: गोरखपुर में बारिश से बदला मौसम, दो दिन और हो सकती बूंदाबांदी
Mon, 20 Mar 2023 01:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 20 Mar 2023 01:51 PM IST
सार
पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 48 घंटे के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। बारिश अधिक हुई तो फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। इस कारण दलहनी और तिलहनी फसलों को काटकर सुरक्षित करने की कोशिश में भी हैं।
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गोरखपुर में हल्की बारिश से बदला मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में सोमवार सुबह बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया। वहीं अचानक हुई बारिश से किसान परेशान हो गए हैं। वहीं रविवार सुबह से शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है। गर्मी कम होने से लोगों को राहत मिली, लेकिन बारिश से फसलों को नुकसान की चिंता बनी रही।
मौसम विभाग के रिकॉर्ड में सोमवार को बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 48 घंटे के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। बारिश अधिक हुई तो फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। इस कारण दलहनी और तिलहनी फसलों को काटकर सुरक्षित करने की कोशिश में भी हैं।
वहीं बूंदाबांदी के बीच रविवार रात से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की आशंका है। इसके बाद 21 मार्च को भी दूसरे पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की आशंका है।
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कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डा.मार्कंडेय सिंह ने बताया कि किसानों को चाहिए कि वे दलहनी व तिलहनी फसलों को बारिश से पूर्व काटकर खलिहान में रख दें, भले ही वह थोड़ी हरी हो। खेत में खड़ी मटर व सरसों की फसलों पर बारिश का पानी पड़ने व बाद में धूप होने पर फलियां फट जाती हैं, जिससे दाना खेतों में छिटक जाता है। गेहूं की बालियों के दाने अभी भर रहे हैं। ऐसे में बारिश होने फर गेहूं के दाने हल्के हो जाएगे और उपज कम होगी। अधिक बारिश हुई तो फसल गिर जाएगी, ज्यादा नुकसान होगा।
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मौसम विभाग के रिकॉर्ड में सोमवार को बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 48 घंटे के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। बारिश अधिक हुई तो फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। इस कारण दलहनी और तिलहनी फसलों को काटकर सुरक्षित करने की कोशिश में भी हैं।
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वहीं बूंदाबांदी के बीच रविवार रात से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की आशंका है। इसके बाद 21 मार्च को भी दूसरे पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की आशंका है।
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कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डा.मार्कंडेय सिंह ने बताया कि किसानों को चाहिए कि वे दलहनी व तिलहनी फसलों को बारिश से पूर्व काटकर खलिहान में रख दें, भले ही वह थोड़ी हरी हो। खेत में खड़ी मटर व सरसों की फसलों पर बारिश का पानी पड़ने व बाद में धूप होने पर फलियां फट जाती हैं, जिससे दाना खेतों में छिटक जाता है। गेहूं की बालियों के दाने अभी भर रहे हैं। ऐसे में बारिश होने फर गेहूं के दाने हल्के हो जाएगे और उपज कम होगी। अधिक बारिश हुई तो फसल गिर जाएगी, ज्यादा नुकसान होगा।
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