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गोरखपुर: कुआनो को छोड़ लगातार घट रहा नदियों का जलस्तर, अयोध्या में सरयू खतरे के निशान से एक मीटर नीचे
Wed, 26 Oct 2022 12:31 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 26 Oct 2022 12:31 PM IST
सार
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सभी नदियां तेजी से घट रही हैं। केवल कुआनो नदी ऐसी है, जिसका पानी बढ़ रहा है। लेकिन, मुखलिसपुर में वह खतरे के निशान से अब भी नीचे है। सरयू नदी ने भारी तबाही मचाई थी।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
महीनों बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल रहे जिले के लोगों को अब राहत मिलने लगी है। कुआनो को छोड़, अन्य नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है। सबसे अधिक तबाही मचाने वाली सरयू नदी का जलस्तर अयोध्या में लगभग एक मीटर नीचे आ गया है।
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वहीं, बरहज में यह नदी खतरे के निशान से सोमवार की सुबह 15 सेमी ऊपर रह गई है। राप्ती नदी तेजी से नीचे आ रही है। अनुमान है कि सोमवार की शाम या मंगलवार सुबह तक राप्ती खतरे के निशान से नीचे आ जाएगी।
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केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सभी नदियां तेजी से घट रही हैं। केवल कुआनो नदी ऐसी है, जिसका पानी बढ़ रहा है। लेकिन, मुखलिसपुर में वह खतरे के निशान से अब भी नीचे है। सरयू नदी ने भारी तबाही मचाई थी, लेकिन वह जनपद में हर जगह खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है।
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बरहज में उसका जलस्तर थोड़ा ऊपर है लेकिन, कल तक वह नीचे आ जाएगा। सबसे देर में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था, वह बहुत धीरे-धीरे नीचे आ रहा था, वह भी अब खतरे के बिंदु के पास पहुंच गई है।
गोर्रा भी तेजी से नीचे आ रही थी लेकिन, रविवार से वह स्थिर है। सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि अब कहीं कोई खतरे की बात नहीं है। जो भी परेशानी थी, वह दूर हो गई।