फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Villagers saved lives by jumping after boat sank in Rapti floods in Gorakhpur

गोरखपुर: राप्ती की बाढ़ में डूबी नाव, ग्रामीणों ने कूदकर बचाई जान

Thu, 26 Aug 2021 02:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 26 Aug 2021 02:46 PM IST
सार

बीते दिनों बाढ़ क्षेत्रों का दौरा करने आए डीएम ने सख्त आदेश दिया था कि बाढ़ राहत सामग्री गांवों में जाकर वितरित होनी चाहिए।

विज्ञापन
Villagers saved lives by jumping after boat sank in Rapti floods in Gorakhpur
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में राहत सामग्री के साथ बाढ़ पीड़ितों को लेकर जा रही नाव बुधवार शाम मैभरा गांव के पास राप्ती की बाढ़ के पानी में डूब गई। सवार लोगों ने कूदकर किसी तरह जान बचाई। एसडीएम ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, लखनौरी लखनौरा, हिंगुहार, मैभरा आदि गांवों में राप्ती की बाढ़ का पानी लगा है। ग्राम पंचायत लखनौरी के हिंगुहार गांव के बाढ़ पीड़ितों को डेरवा चौराहे पर शाम पांच बजे तहसील प्रशासन की ओर से राहत सामग्री बांटी गई। हिंगुहार गांव के रामप्रीत, सज्वन्ति, रीता, जित बंधन, दिवाकर, गरीब साहनी अपनी राहत सामग्री लेकर छोटी नाव से मैभरा से चले। एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद नाव अचानक डगमगा गई और पानी में डूबने लगी। सवार लोगों ने कूदकर किसी तरह जान बचाई, मगर राहत सामग्री लदी नाव डूब गई और उस पर रखा सामान पानी में तैरने लगा। कुछ देर बाद नाव को बाहर निकालने के बाद, फिर उसी नाव से लोग हिंगुहार गांव पहुंचे।
विज्ञापन


बीते दिनों बाढ़ क्षेत्रों का दौरा करने आए डीएम ने सख्त आदेश दिया था कि बाढ़ राहत सामग्री गांवों में जाकर वितरित होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि तहसील प्रशासन राहत सामग्री गांवों में वितरित कराई होती तो आज हादसा नहीं होता। इस बाबत उपजिलाधिकारी राजेंद्र बहादुर का कहना है कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाढ़ की आशंका से बड़हलगंज क्षेत्र के लोगों में दहशत
लगातार हो रही बारिश से बड़हलगंज क्षेत्र में राप्ती और सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बुधवार को दोनों नदियों में उफान से इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, बारिश से कछारांचल के दर्जन भर गांवों में खेत जलमग्न हो चुके हैं।

उधर, तरैना नाले के उफान से चैनपुर, छपरा, खैरवा, मुहालजकल, बैरियाखास रामकोला, नेवादा, भीटीबाल, पंडितपुर सहित अन्य गांव के दर्जनों किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो इलाके के कम से कम तीन दर्जन गांव प्रभावित होंगे। ओमप्रकाश तिवारी, रूद्रेश तिवारी, प्रदुद्मन यादव, संतोष यादव, पटेल यादव, रजनीश तिवारी, भगवती पांडेय, सतवीर यादव, चंचल पांडेय, विजय निषाद, नरसिंह, रामनरेश निषाद, राजेंद्र शाही, चंद्रीका चौहान आदि का कहना है कि नदियों का पानी तेजी से बढ़ रहा है जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।

 
निगरानी समिति रात में बांधों पर दे रहीं पहरा
राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने से बंधों के किनारे बसे गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। तीन दिन से हो रही बारिश ने बंधों के पास बसे लोगों के होश उड़ा दिए हैं। जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क है। एसडीएम अनुपम कुमार मिश्र के निर्देश पर नदी के दोनों तरफ बंधों पर निगरानी समिति रात में पहरा दे रही है। रात में बांधों पर पैदल गश्त कराई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ज्यादा ऊपर है। बंधों की मरम्मत कार्य के साथ निगरानी के लिए रात में गश्त भी कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed