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UP Panchayat Election Result 2021: गोरखपुर जिला पंचायत चुनाव में निर्दलियों के हाथों में सत्ता की चाबी
Wed, 05 May 2021 10:13 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 05 May 2021 10:13 AM IST
सार
बहुमत के लिए 35 सदस्यों का समर्थन जरूरी, चुनाव जीतने वाले निर्दलियों की संख्या ज्यादा
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gorakhpur panchayat election
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिला पंचायत में सत्ता की चाबी निर्दलियों के हाथों में है। निर्दलीय जिधर जाएंगे, उधर जिला पंचायत की सरकार बनेगी। लिहाजा, निर्दलियों को अपने पाले में लाने की जोड़तोड़ शुरू हो गई है। हर राजनीतिक दल निर्दलियों को साधने में जुटा है।
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गोरखपुर में जिला पंचायत की 68 सीटें हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से जो नतीजा घोषित किया गया है, उसके मुुताबिक किसी भी राजनीतिक दल को बहुमत नहीं मिला है।
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बहुमत के लिए 35 जिला पंचायत सदस्यों का जीतना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब निर्दलियों को साधकर जिला पंचायत अध्यक्ष का पद पर काबिज होने की कवायद शुरू हो गई है।, क्योंकि चुनाव जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी ज्यादा हैं। इसमें भाजपा और सपा के बागी भी शामिल हैं। अब राजनीतिक दल बागियों को अपना बता रहे हैं। साथ ही निर्दलियों को अपने पाले में लाने की जुगाड़ में लगे हैं।
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भाजपा व सपा के नेता एक-एक विजयी निर्दलीय प्रत्याशी से बात कर रहे हैं। सबका प्रयास है कि निर्दलियों को साथ लाकर अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया जाए। बहरहाल, किस राजनीतिक दल को सफलता मिलेगी, यह तो जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के साथ साफ हो सकेगा। इतना तय है कि बिना निर्दलियों के जिला पंचायत की सरकार नहीं बनेगी। बागी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कांग्रेस व आप का खाता नहीं खुला
जिला पंचायत वार्डों के चुनाव में कांग्रेस व आम आदमी पार्टी (आप) का खाता तक नहीं खुला है। इन पार्टियों ने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था। दमदारी से चुनाव लड़ने का दावा भी किया था, लेकिन निराशा हाथ लगी है। आप ने तो दिल्ली के विधायक को प्रभारी बनाकर भेजा था। प्रदेश अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारियों ने गोरखपुर में डेरा डाला था।
भीम आर्मी की दस्तक
कौड़ीराम विकास खंड क्षेत्र में महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड से भीम आर्मी की रुखमिना ने चुनाव जीत लिया है। यह क्षेत्र दलित बहुल है। भीम आर्मी ने पहली बार जिला पंचायत वार्डों का चुनाव लड़ा और एक सीट जीत ली। कुछ और वार्डों में भी भीम आर्मी के प्रत्याशियों को वोट मिले हैं। यह क्षेत्र बांसगांव विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बांसगांव विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
निषाद पार्टी को भी एक सीट मिली
पिपरौली विकास खंड क्षेत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट से निषाद पार्टी के प्रत्याशी धीरज निषाद ने जीत ली है। धर्मेंद्र के सामने भाजपा, सपा और बसपा की चुनौती थी, लेकिन उन्होंने खुद की श्रेष्ठता साबित कर दी है।
भीम आर्मी की दस्तक
कौड़ीराम विकास खंड क्षेत्र में महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड से भीम आर्मी की रुखमिना ने चुनाव जीत लिया है। यह क्षेत्र दलित बहुल है। भीम आर्मी ने पहली बार जिला पंचायत वार्डों का चुनाव लड़ा और एक सीट जीत ली। कुछ और वार्डों में भी भीम आर्मी के प्रत्याशियों को वोट मिले हैं। यह क्षेत्र बांसगांव विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बांसगांव विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
निषाद पार्टी को भी एक सीट मिली
पिपरौली विकास खंड क्षेत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट से निषाद पार्टी के प्रत्याशी धीरज निषाद ने जीत ली है। धर्मेंद्र के सामने भाजपा, सपा और बसपा की चुनौती थी, लेकिन उन्होंने खुद की श्रेष्ठता साबित कर दी है।