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UP Panchayat Election: पंचायतों का परिसीमन पूरा, अब आरक्षण की बारी
Tue, 19 Jan 2021 04:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 19 Jan 2021 04:24 PM IST
सार
- शासनदेश का हो रहा इंतजार, इस बार 60 ग्राम पंचायतें घट गईं
- क्षेत्र पंचायत के 118 व जिला पंचायत के पांच वार्ड भी हुए कम
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले में पंचायतों के परिसीमन का काम खत्म हो गया है। इसका अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। अब आरक्षण की तैयारी चल रही है। शासन के निर्देश पर वर्ष 1995 से 2015 तक के आरक्षण की जानकारी ऑनलाइन फीड कर दी गई है।
मसलन कौन सी पंचायत कब-कब सामान्य, ओबीसी और एससी के लिए आरक्षित थी, वहां इन वर्गों की आबादी क्या थी आदि। पंचायतीराज विभाग अब आरक्षण से संबंधित शासनादेश का इंतजार कर रहा है। जैसे ही शासनादेश आएगा, आरक्षण तय करने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
परिसीमन के बाद पंचायतों की जो तस्वीर सामने आई है, उसके मुताबिक इस बार जिले के 1294 गांवों में पंचायत चुनाव होगा, जो पिछले चुनाव की तुलना में 60 ग्राम पंचायत कम है। वर्ष 2015 में 1354 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए थे।
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कई गांवों के नगर निकायों में शामिल होने की वजह से इस बार पंचायतों की संख्या घट गई है। इसी तरह जिले की पंचायतों में करीब 2.50 लाख की आबादी कम हो जाने की वजह से क्षेत्र पंचायत के 118 और जिला पंचायत के पांच वार्ड कम हो गए हैं।
कुछ महीने पहले नगर निगम व तीन नगर पंचायतों के विस्तार के कारण 46 गांव नगर निकायों में शामिल हो गए। पंचायती राज विभाग के नियंत्रण से इन गांवों के बाहर जाने के साथ ही दो नई ग्राम पंचायतों का गठन भी हुआ था। ऐसे में 1308 ग्राम पंचायतों में चुनाव की तैयारी हो रही थी, लेकिन हाल ही में गोला नगर पंचायत के विस्तार का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 14 और गांव नगर निकाय में शामिल हो गए। अब कुल 1294 गांवों में प्रधानों का चुनाव होना है।
यह है पंचायतों की स्थिति
पंचायत 2015 में अब
ग्राम पंचायत 1354 1294
ग्राम पंचायत वार्ड 17188 16378
क्षेत्र पंचायत वार्ड 1818 1700
जिला पंचायत वार्ड 73 68
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि पंचायतों के परिसीमन का काम पूरा हो चुका है। 17 जनवरी को अंतिम प्रकाशन भी हो गया। पंचायतों में ढाई लाख की आबादी कम हुई है। 60 पंचायतें कम हुई हैं। जिला पंचायत के पांच, क्षेत्र पंचायतों के 118 वार्ड भी कम हुए हैं। शासन के निर्देश पर वर्ष 1995 से लेकर 2015 तक के आरक्षण की स्थिति भी ऑनलाइन फीड की जा चुकी है। अब शासनादेश का इंतजार है। उसके बाद ही आरक्षण तय किया जाएगा।
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मसलन कौन सी पंचायत कब-कब सामान्य, ओबीसी और एससी के लिए आरक्षित थी, वहां इन वर्गों की आबादी क्या थी आदि। पंचायतीराज विभाग अब आरक्षण से संबंधित शासनादेश का इंतजार कर रहा है। जैसे ही शासनादेश आएगा, आरक्षण तय करने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
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परिसीमन के बाद पंचायतों की जो तस्वीर सामने आई है, उसके मुताबिक इस बार जिले के 1294 गांवों में पंचायत चुनाव होगा, जो पिछले चुनाव की तुलना में 60 ग्राम पंचायत कम है। वर्ष 2015 में 1354 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए थे।
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कई गांवों के नगर निकायों में शामिल होने की वजह से इस बार पंचायतों की संख्या घट गई है। इसी तरह जिले की पंचायतों में करीब 2.50 लाख की आबादी कम हो जाने की वजह से क्षेत्र पंचायत के 118 और जिला पंचायत के पांच वार्ड कम हो गए हैं।
कुछ महीने पहले नगर निगम व तीन नगर पंचायतों के विस्तार के कारण 46 गांव नगर निकायों में शामिल हो गए। पंचायती राज विभाग के नियंत्रण से इन गांवों के बाहर जाने के साथ ही दो नई ग्राम पंचायतों का गठन भी हुआ था। ऐसे में 1308 ग्राम पंचायतों में चुनाव की तैयारी हो रही थी, लेकिन हाल ही में गोला नगर पंचायत के विस्तार का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 14 और गांव नगर निकाय में शामिल हो गए। अब कुल 1294 गांवों में प्रधानों का चुनाव होना है।
यह है पंचायतों की स्थिति
पंचायत 2015 में अब
ग्राम पंचायत 1354 1294
ग्राम पंचायत वार्ड 17188 16378
क्षेत्र पंचायत वार्ड 1818 1700
जिला पंचायत वार्ड 73 68
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि पंचायतों के परिसीमन का काम पूरा हो चुका है। 17 जनवरी को अंतिम प्रकाशन भी हो गया। पंचायतों में ढाई लाख की आबादी कम हुई है। 60 पंचायतें कम हुई हैं। जिला पंचायत के पांच, क्षेत्र पंचायतों के 118 वार्ड भी कम हुए हैं। शासन के निर्देश पर वर्ष 1995 से लेकर 2015 तक के आरक्षण की स्थिति भी ऑनलाइन फीड की जा चुकी है। अब शासनादेश का इंतजार है। उसके बाद ही आरक्षण तय किया जाएगा।