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बस्ती पंचायत चुनाव: जिले का प्रथम नागरिक बनने की सियासी जंग होगी रोचक, सपा-बसपा ने भी झोंकी ताकत
Mon, 10 May 2021 04:06 PM IST
vivek shukla
संतोष तिवारी, बस्ती।
संतोष तिवारी, बस्ती।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 10 May 2021 04:06 PM IST
सार
अध्यक्ष की कुर्सी से दो दशक से दूर रही है भाजपा, बसपा एक दशक और सपा भी दस साल तक रही काबिज
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पंचायत चुनाव 2021
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बस्ती जिले का प्रथम नागरिक बनने की सियासी जंग काफी रोचक होने वाली है। भाजपा जहां कुर्सी का बीस साल का वनवास खत्म करने की पुरजोर कोशिश में जुटी गई है। वहीं, सपा भी कुर्सी पर काबिज होने के समीकरण तैयार कर रही है। यहां तक कि छह सीट पाने वाली बसपा ने भी अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक रखी है। लेकिन इन सब के बीच हकीकत यह है कि कोई भी दल बहुमत हासिल करने के जादुई आंकड़े तक पहुंचना तो दूर दहाई का अंक भी अपने खाते में जोड़ नहीं सका है।
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जिला पंचायत के नतीजों को लेकर भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। हालांकि, पंचायत चुनाव के एलान के समय जब पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए आवेदन मांगे थे, तब जिले की 43 सीटों पर करीब साढ़े पांच सौ आवेदन आ गए थे। ऐसे में पार्टी को जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश करने में आसानी तो हुई, लेकिन कुछ अड़चन भी आई। समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा हुई 16 सीटों पर 18 कार्यकर्ता बागी हो गए।
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हालांकि, बागियों को पार्टी ने बिना देर किए बाहर का रास्ता दिखाया और उम्मीदवारों को जिताने में ताकत झोंक दी, मगर जब नतीजे आए तो अपने दम पर बहुमत जुटाने के दावे के साथ मैदान में उतरी भाजपा केवल नौ सीट पर ही सिमट गई। भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने कहा कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आए, लेकिन कई निर्दल जिला पंचायत सदस्य संपर्क में हैं। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत जुटाने की कोशिश की जा रही है।
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सपा के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी पूरी मजबूती से उतरेगी। निर्दलीय सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। वहीं, बसपा जिलाध्यक्ष जयहिंद गौतम ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए पार्टी आलाकमान से जो निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार तैयारी होगी। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा का कहना है कि पार्टी के एक ही उम्मीदवार को जीत मिली है, लेकिन कई निर्दलीय उम्मीदवार हमसे संपर्क में हैं। पार्टी आलाकमान से जैसा निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी की जाएगी।
सत्ता पक्ष की झोली में आई कुर्सी
जिला पंचायत के सियासी सफर पर नजर डालें तो तकरीबन दो दशक से बस्ती में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी सत्ता पक्ष की ही झोली में आई है। 1995 में कप्तानगंज विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके राना कृष्ण किंकर सिंह ने इस कुर्सी पर कब्जा जमाया, तो वर्ष 2000 में बसपा से एमएलसी रह चुके और वर्तमान में सदर के विधायक दयाराम चौधरी जिला पंचायत के अध्यक्ष बने।
2005 में हर्रैया के तत्कालीन विधायक व सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे राजकिशोर सिंह की मां शारदा सिंह चेयरमैन बनीं। वर्ष 2010 में बसपा की सरकार आई तो महादेवा के विधायक दूधराम अपनी पत्नी लता देवी को कुर्सी पर बैठाने में कामयाब रहे। वहीं, जब अक्तूबर 2015 में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ तो अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हर्रैया के विधायक राजकिशोर सिंह अपने बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ शानू को चेयरमैन पद की कुर्सी पर बैठाने में कामयाब हो गए। शानू के नाम प्रदेश का सबसे युवा जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने का भी कीर्तिमान रहा।
पार्टी उम्मीदवार उतारे जीते उम्मीदवार
भाजपा 43 09
सपा 33 08
बसपा 39 06
कांग्रेस 33 01
निर्दलीयों को साधने को उतारे दिग्गज
भाजपा, सपा और बसपा के साथ कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वालों को सदस्यों को सहेजने में लगा दिया है। सियासी हलके में चल रही चर्चाओं पर कान दें तो माना भी यही जा रहा है कि जो सबसे अधिक सदस्यों को जोड़ने में कामयाब होगा, अध्यक्ष पद के लिए दावा भी उसी का सबसे मजबूत होगा।
जिला पंचायत सदस्यों की दलगत स्थिति
दल जीते सदस्य
भाजपा 09
सपा 08
कांग्रेस 01
बसपा 06
भासपा 02
भीम आर्मी 01
अन्य 16
2005 में हर्रैया के तत्कालीन विधायक व सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे राजकिशोर सिंह की मां शारदा सिंह चेयरमैन बनीं। वर्ष 2010 में बसपा की सरकार आई तो महादेवा के विधायक दूधराम अपनी पत्नी लता देवी को कुर्सी पर बैठाने में कामयाब रहे। वहीं, जब अक्तूबर 2015 में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ तो अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हर्रैया के विधायक राजकिशोर सिंह अपने बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ शानू को चेयरमैन पद की कुर्सी पर बैठाने में कामयाब हो गए। शानू के नाम प्रदेश का सबसे युवा जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने का भी कीर्तिमान रहा।
पार्टी उम्मीदवार उतारे जीते उम्मीदवार
भाजपा 43 09
सपा 33 08
बसपा 39 06
कांग्रेस 33 01
निर्दलीयों को साधने को उतारे दिग्गज
भाजपा, सपा और बसपा के साथ कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वालों को सदस्यों को सहेजने में लगा दिया है। सियासी हलके में चल रही चर्चाओं पर कान दें तो माना भी यही जा रहा है कि जो सबसे अधिक सदस्यों को जोड़ने में कामयाब होगा, अध्यक्ष पद के लिए दावा भी उसी का सबसे मजबूत होगा।
जिला पंचायत सदस्यों की दलगत स्थिति
दल जीते सदस्य
भाजपा 09
सपा 08
कांग्रेस 01
बसपा 06
भासपा 02
भीम आर्मी 01
अन्य 16