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पंचायत चुनाव: बैंकाक से कारोबार छोड़ प्रधान बनने आ गए गांव, बोले- 'पहचान बनाने आया हूं'
Thu, 15 Apr 2021 08:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 15 Apr 2021 08:06 PM IST
सार
- ग्राम प्रधानी लड़ने का लोगों में दिखा क्रेज
- देश विदेश से गांव वापस आए लोग
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gorakhpur panchayat election
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
ग्राम प्रधानी के चुनाव में अच्छे-अच्छे ने दांव लगाया। उसी में एक युवक ऐसा भी मिला जिसका बैंकाक में बड़ा करोबार है। वह गांव आकर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ गया। उसने कहा कि धन दौलत तो आती जाती रहेंगी। अब सामाजिक प्रतिष्ठा जरूरी है। इस नाते चुनाव मैदान में उतरा हूं।
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गगहा ब्लाक के रियांव गांव निवासी अवध नारायण यादव के पिता बैंकाक में रहकर नौकरी करते थे। बाद में अवध नारायण भी बैंकाक गए। वहां पर अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया। गांव से लेकर शहर तक उनके परिवार का कारोबार फैला है।
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गांव के प्रधान की सीट पिछड़े के लिए आरक्षित हुई तो वह बैंकाक से यहां आ गए। वह बताते हैं कि करोना के कारण हवाई जहाज नहीं मिल रही थी। वह बैंकाक से दुबई फिर दिल्ली से गोरखपुर आए। कम समय के कारण वह तैयारी नहीं कर पाए।
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उन्होंने कहा कि धन दौलत कोई नहीं देखता है। समाज में पहचान बनाने के लिए वह चुनाव लड़ रहे हैं। भगवान ने उन्हें बहुत दिया है। समाज में कोई खास पहचान नहीं है। पहचान बननाने के लिए वह लोगों के बीच आए थे। जनता का निर्णय सर्वोपरि है। चुनाव जीते या हारे जनता की सेवा करता रहूंगा।