गोरखपुर भाजपा विधायक व एएसपी चारू निगम विवाद में दर्ज हुए मुकदमें वापस लेगी यूपी सरकार
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साल 2017 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के भगवानपुर वार्ड के बसंती-कोईलहवा गांव के 118 लोगों के विरूद्ध दर्ज मुकदमा वापस लेने का निर्देश जारी कर दिया गया है। इस मामले में भाजपा नगर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल और तत्कालीन एएसपी चारू निगम के बीच तीखी झड़प हुई थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बसंती-कोईलहवा गांव में एक शराब की दुकान बंद कराने के विरोध में लोग सड़कों पर आ गए थे और नगर विधायक ने उनकी मांगों को सही ठहराते हुए खुलकर समर्थन दिया था। बहुत बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ क्षेत्रीय लोगों ने सड़क पर आकर आंदोलन खड़ा कर दिया था।
तत्कालीन डिप्टी एसपी तथा ट्रेनी आईपीएस अधिकारी चारू निगम, जो उस समय सीओ चिलुवाताल थीं, उन्होंने मौके पर पंहुचकर महिलाओं तथा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसकी सूचना पाकर नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल वहां पंहुचे। जिसके बाद चारू निगम से उनकी झड़प हो गई। झड़प का वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा पूरे देश में फैल गया था।
विवाद के चलते चारू निगम ने स्थानीय पार्षद राजकुमार यादव सहित 18 लोगों के खिलाफ नामजद तथा 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। इसके विरोध में नगर विधायक टाउनहाल चौराहे पर गांधी जी की मूर्ति के नीचे दिनभर के धरने पर बैठ गए थे।
अब करीब ढाई साल बाद प्रदेश के विधि, न्याय तथा ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ब्रजेश पाठक ने उक्त मुकदमें को वापस लेने का निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी गोरखपुर को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया है।