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उद्योगपतियों, व्यवसायियों, शिक्षाविद, युवाओं और महिलाओं को आम बजट से ये हैं उम्मीदें?
Sat, 01 Feb 2020 02:13 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 01 Feb 2020 02:13 AM IST
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बजट 2020
- फोटो : self
आम बजट से शहर के उद्योगपतियों, व्यवसायियों, शिक्षाविद और युवाओं को अच्छी उम्मीद है। सबका कहना है कि इस बार का बजट जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा। बजट से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। विकास तेजी से होगा। टैक्स में भी छूट की उम्मीद की जा रही है। बजट से पहले बजट से उम्मीदें और आकांक्षाओं के संबंध में लोगों ने अपनी राय कुछ यूं रखी।
उद्योगपति एवं व्यवसायी
- आज के समय में उद्योगों की स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। इसे बेहतर करने व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। कारपोरेट टैक्स की तरह ही फर्म और व्यक्तिगत उद्योगों को भी छूट मिलती है तो इन उद्योगों की स्थिति बेहतर हो सकती है। इसके अलावा ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए।
आकाश जालान, उद्योगपति
- बजट से अपेक्षाएं काफी हैं लेकिन उम्मीदें हैं। वजह यह है कि इस बार सरकार का टैक्स कलेक्शन कुछ कम है। ऐसे में ज्वेलरी सेक्टर को भी बजट से कोई उम्मीद नहीं है। फिर भी इस बात की संभावना है कि जिस तरह पिछले बजट में कारपोरेट टैक्स में छूट दी गई थी, इस बार फर्म और व्यक्तिगत इंडस्ट्रीज को भी छूट मिल सकती है।
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अतुल सराफ, व्यवसायी
- एमएसएमई का देश की अर्थव्यवस्था से लेकर रोजगार में 60 प्रतिशत की भागीदारी है, लेकिन आज इस सेक्टर को मदद की आवश्यकता है। इनके उत्थान के लिए जरूरी कदम उठाने के साथ बजट में इस बात की अपेक्षा है कि एमएसएमई श्रेणी के उद्योगों के लिए बैंकिंग लोन सिस्टम भी कुछ आसान बनाया जाए।
आरएन सिंह, उद्योगपति
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उद्योगपति एवं व्यवसायी
- आज के समय में उद्योगों की स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। इसे बेहतर करने व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। कारपोरेट टैक्स की तरह ही फर्म और व्यक्तिगत उद्योगों को भी छूट मिलती है तो इन उद्योगों की स्थिति बेहतर हो सकती है। इसके अलावा ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए।
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आकाश जालान, उद्योगपति
- बजट से अपेक्षाएं काफी हैं लेकिन उम्मीदें हैं। वजह यह है कि इस बार सरकार का टैक्स कलेक्शन कुछ कम है। ऐसे में ज्वेलरी सेक्टर को भी बजट से कोई उम्मीद नहीं है। फिर भी इस बात की संभावना है कि जिस तरह पिछले बजट में कारपोरेट टैक्स में छूट दी गई थी, इस बार फर्म और व्यक्तिगत इंडस्ट्रीज को भी छूट मिल सकती है।
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अतुल सराफ, व्यवसायी
- एमएसएमई का देश की अर्थव्यवस्था से लेकर रोजगार में 60 प्रतिशत की भागीदारी है, लेकिन आज इस सेक्टर को मदद की आवश्यकता है। इनके उत्थान के लिए जरूरी कदम उठाने के साथ बजट में इस बात की अपेक्षा है कि एमएसएमई श्रेणी के उद्योगों के लिए बैंकिंग लोन सिस्टम भी कुछ आसान बनाया जाए।
आरएन सिंह, उद्योगपति
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युवाओं की राय
मुफ्त हो बेटियों की शिक्षा
बजट से युवाओं को बहुत उम्मीदें है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अच्छा काम कर रही है। देश से बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए कोई ठोस योजना बजट के रूप में पेश की जाए। बेटियों की शिक्षा को निशुल्क किया जाए।
आकृति वर्मा, एमए छात्रा
खेल किट और यात्रा भत्ते का हो प्रावधान
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के खर्च का वहन सरकार की ओर किया जाए। फिलहाल उनका चयन जब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होता है तो उसे खुद अपने खर्चे पर प्रतियोगिता में जाना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि चयनित खिलाड़ियों को यात्रा भत्ते के साथ ही खेल किट उपलब्ध कराए।
विशाल कुमार, ताइक्वांडो कोच
रोजगार सृजन पर हो फोकस
बजट में तकनीकी शिक्षा को लेकर व्यापक कदम उठाए जाने की जरूरत है। तकनीकी पढ़ाई को विस्तार देने के साथ ही उसे सस्ता किया जाए। वहीं रोजगार सृजन की तरफ सरकार ज्यादा से ज्यादा फोकस करे।
डॉली गोंड, एमए छात्रा
शिक्षा पर मिलने वाले लोन को ऋण मुक्त किया जाए
गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों के लिए उच्च शिक्षा काफी महंगी हो गई है। इसके लिए लोग लोन भी लेते हैं। सरकार को चाहिए कि शिक्षा के लिए मिलने वाले ऋण को पूरी तरह ब्याज मुक्त किया जाए जिससे हर छात्र अपनी पसंद के अनुसार उच्च शिक्षा ग्रहण कर सके।
प्रतिज्ञा उपाध्याय, ताइक्वांडो खिलाड़ी
बजट से युवाओं को बहुत उम्मीदें है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अच्छा काम कर रही है। देश से बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए कोई ठोस योजना बजट के रूप में पेश की जाए। बेटियों की शिक्षा को निशुल्क किया जाए।
आकृति वर्मा, एमए छात्रा
खेल किट और यात्रा भत्ते का हो प्रावधान
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के खर्च का वहन सरकार की ओर किया जाए। फिलहाल उनका चयन जब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होता है तो उसे खुद अपने खर्चे पर प्रतियोगिता में जाना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि चयनित खिलाड़ियों को यात्रा भत्ते के साथ ही खेल किट उपलब्ध कराए।
विशाल कुमार, ताइक्वांडो कोच
रोजगार सृजन पर हो फोकस
बजट में तकनीकी शिक्षा को लेकर व्यापक कदम उठाए जाने की जरूरत है। तकनीकी पढ़ाई को विस्तार देने के साथ ही उसे सस्ता किया जाए। वहीं रोजगार सृजन की तरफ सरकार ज्यादा से ज्यादा फोकस करे।
डॉली गोंड, एमए छात्रा
शिक्षा पर मिलने वाले लोन को ऋण मुक्त किया जाए
गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों के लिए उच्च शिक्षा काफी महंगी हो गई है। इसके लिए लोग लोन भी लेते हैं। सरकार को चाहिए कि शिक्षा के लिए मिलने वाले ऋण को पूरी तरह ब्याज मुक्त किया जाए जिससे हर छात्र अपनी पसंद के अनुसार उच्च शिक्षा ग्रहण कर सके।
प्रतिज्ञा उपाध्याय, ताइक्वांडो खिलाड़ी
महिलाओं की राय
देश इस समय आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। ऐसे में इस बार का बजट देश को आर्थिक संकट से उबारने वाला होना चाहिए। इसके साथ ही बजट में महिलाओं के रोजगार को लेकर आर्थिक मदद दिए जाने की उम्मीद है।
खुशबू मोदी, फैशन डिजाइनर
बजट में राशन के साथ किराने का सामान अगर सस्ता कर दिया जाए तो यह सरकार की ओर से गृहणियों के लिए तोहफा होगा। साथ ही रसोई गैस भी सस्ती होनी चाहिए। इससे उनके किचन का बजट नहीं नहीं बिगड़ेगा।
शब्ला शुक्ला, गृहणी
:::::::::
बिल्डरों की प्रतिक्रिया
जीएसटी का हो एक स्लैब
रियल इस्टेट के मंद पड़े बाजार में बूम लाने के लिए तीन कवायदें जरूरी हैं। जीएसटी के कई स्लैब की जगह एक स्लैब किया जाए। जीएसटी के इनपुट का आयकर में राहत मिले और बिल्डर्स के साथ ही ग्राहकों को भी ज्यादा से ज्यादा लोन मिले।
विकास केजरीवाल, निदेशक, पॉम पैराडाइज
आर्थिक पैकेज दे सरकार
बजट से बहुत उम्मीदें हैं। रियल इस्टेट के क्षेत्र में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट रुके हैं। बिल्डर्स परेशान हैं। सभी की पूंजी फंसी है। इस क्षेत्र में प्रोत्साहन की जरूरत है। इसके लिए सरकार को आर्थिक पैकेज देना होगा ताकि रियल इस्टेट के कारोबार में जरूरी सुधार हो सके।
दिग्विजय सिंह, पार्टनर, सिटी बिल्डर्स
खुशबू मोदी, फैशन डिजाइनर
बजट में राशन के साथ किराने का सामान अगर सस्ता कर दिया जाए तो यह सरकार की ओर से गृहणियों के लिए तोहफा होगा। साथ ही रसोई गैस भी सस्ती होनी चाहिए। इससे उनके किचन का बजट नहीं नहीं बिगड़ेगा।
शब्ला शुक्ला, गृहणी
:::::::::
बिल्डरों की प्रतिक्रिया
जीएसटी का हो एक स्लैब
रियल इस्टेट के मंद पड़े बाजार में बूम लाने के लिए तीन कवायदें जरूरी हैं। जीएसटी के कई स्लैब की जगह एक स्लैब किया जाए। जीएसटी के इनपुट का आयकर में राहत मिले और बिल्डर्स के साथ ही ग्राहकों को भी ज्यादा से ज्यादा लोन मिले।
विकास केजरीवाल, निदेशक, पॉम पैराडाइज
आर्थिक पैकेज दे सरकार
बजट से बहुत उम्मीदें हैं। रियल इस्टेट के क्षेत्र में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट रुके हैं। बिल्डर्स परेशान हैं। सभी की पूंजी फंसी है। इस क्षेत्र में प्रोत्साहन की जरूरत है। इसके लिए सरकार को आर्थिक पैकेज देना होगा ताकि रियल इस्टेट के कारोबार में जरूरी सुधार हो सके।
दिग्विजय सिंह, पार्टनर, सिटी बिल्डर्स