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दिवाली के दिन हुई थी दो पक्षों में मारपीट, अब अपराध को जातीय रंग देने की कोशिश, पीएससी तैनात

Fri, 20 Nov 2020 08:55 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 20 Nov 2020 08:55 AM IST
सार

  • दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराया सात पर नामजद केस, एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन
  • गीडा के भड़सार गांव का मामला, एससीएसटी की धारा को हटाए जाने की मांग

 

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Two side fight at Diwali PSC in village at Gida Gorakhpur
गांव में पहुंची पीएससी बल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के गीडा इलाके के भड़सार गांव में मारपीट की घटना पुलिस की सुस्त कार्रवाई की वजह से धीरे-धीरे जातीय रंग लेने लगी है। अब तक दो पक्षों के बीच का विवाद गुरुवार को सवर्ण बनाम अनुसूचित जाति में बदल गया है। गांव में बिगड़े हालात को देखते हुए डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है।

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उधर, दिन में दूसरे पक्ष के लोगों ने एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन कर एससीएसटी की धारा को हटाए जाने की मांग की है। समर्थन में करणी सेना, ब्राह्मण संघर्ष मोर्चा के लोग भी पहुंचे थे। पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, धमकी देने, चाकू या किसी असलहा का इस्तेमाल करने की धारा में नामजद केस दर्ज किया है।
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ये है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, दिवाली के दिन भड़सार गांव में मारपीट की घटना हुई थी। अनुसूचित जाति के लोगों का कहना था कि उनके घर की बेटियां और बहू निकली थीं और उनके साथ छेड़खानी की गई। विरोध करने पर मारपीट हुई, असलहा लहराया गया।
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मामले में कार्रवाई ना होने पर मंगलवार को थाने पर प्रदर्शन किया गया। अफसरों के संज्ञान में मामला आने पर एसपी नार्थ अरविंद पांडेय गांव में जांच करने पहुंचे थे। जांच के बाद पुलिस ने दावा किया कि छेड़खानी नहीं हुई, लेकिन मारपीट दोनों पक्ष में हुई है।

इस आधार पर अनुसूचित जाति पक्ष से आई तहरीर पर पुलिस ने मारपीट, एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज कर लिया। अब दूसरे पक्ष की ओर से सुधांशु शुक्ला की तहरीर पर हरेंद्र, विशाल, इंद्रजीत, जितेंद्र, जगदीश, विक्रम, सोनू सहित कई अज्ञात पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

 

प्रदर्शन के दौरान लाइनहाजिर दरोगा की मौजूदगी से सब हैरान

पुलिस निष्पक्ष होती है। पुलिस मैनुअल के अनुसार भी किसी घटना के घटित होने पर रोकने के लिए पुलिस ही जाती है, लेकिन गुरुवार का नजारा कुछ बदला-बदला रहा। गीडा इलाके में दो पक्षों में विवाद में कार्रवाई ना करने के आरोप में लाइनहाजिर थानेदार देवेंद्र धरना देने वालों के पक्ष में खड़े दिखे।

मौके पर ना सिर्फ मौजूद थे बल्कि मुकदमे में उनकी मदद का भरोसा भी दिलाते रहे। बड़ी बात यह कि वहां पर एलआईयू सीओ भी मौजूद थे और पूरे मामले की रिपोर्ट उन्होंने तैयार की है। माना जा रहा है कि इस मामले में पार्टी बनने पर दरोगा पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

विधायक से मिला प्रतिनिधि मंडल
एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा से सहजनवां विधायक शीतला पांडेय के आवास पर उनसे मुलाकात की और उत्पीड़न का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ब्राह्मण समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। इस पर हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई कराई जाए।

एसएचओ सुनील कुमार राय ने कहा कि तहरीर के आधार पर दूसरे पक्ष के सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करके जांच पड़ताल की जा रही है। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात की गई है।
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