फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Two patients on one bed in Department of Women and Obstetrics in BRD

अमर उजाला पड़ताल: बीआरडी में स्त्री एवं प्रसूति विभाग में एक बेड पर दो-दो मरीज, नए वार्ड भी फुल

Sat, 17 Sep 2022 03:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 17 Sep 2022 03:01 PM IST
सार

दस नंबर बोरिंग की रहने वाली सुषमा को बृहस्पतिवार रात प्रसव पीड़ा हुई। उनका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, इस कारण परिजन रात में उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए। भर्ती करने के लिए काफी मान-मनौव्वल की, लेकिन डॉक्टर तैयार नहीं हुए। मजबूरी में निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

विज्ञापन
Two patients on one bed in Department of Women and Obstetrics in BRD
एक बेड पर भर्ती दो मरीज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति विभाग के इमरजेंसी सहित दोनों वार्ड के सभी 118 बेड फुल हो गए हैं। स्थिति यह है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कई मरीजों को लौटाना पड़ रहा है। वहीं, यदि कोई शिकायत कर रहा है तो उसे निजी अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है।  

विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पास 54-54 बेड के दो सामान्य वार्ड हैं। एक वार्ड नंबर-एक और दूसरा वार्ड नंबर-सात। दोनों ही वार्ड के सभी बेड फुल हो गए हैं। स्थिति यह है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लिए बनाया गया नया वार्ड भी करीब 20 दिन पहले खोला गया है। इसमें 10 बेड का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बेड भी खाली नहीं हैं।
विज्ञापन


सबसे खराब स्थिति इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की है। ऐसे मरीजों को बेड की स्थिति के बारे में बता दिया जा रहा है। एक सप्ताह से प्रसव कराने वाली महिला मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। प्रतिदिन औसतन 20 से 25 महिलाएं प्रसव के लिए आ रही हैं। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि सभी 100 प्रतिशत मरीजों का प्रसव कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

बेड थे फुल, जाना पड़ा निजी अस्पताल

दस नंबर बोरिंग की रहने वाली सुषमा को बृहस्पतिवार रात प्रसव पीड़ा हुई। उनका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, इस कारण परिजन रात में उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए। भर्ती करने के लिए काफी मान-मनौव्वल की, लेकिन डॉक्टर तैयार नहीं हुए। मजबूरी में निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

मेडिसिन इमरजेंसी का भी बुरा हाल
मेडिसिन इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। यह वार्ड भी 54 बेड का है, यहां भी मरीजों को भर्ती करने से मना करना पड़ रहा है। हर दिन 10 से 15 मरीज लौटाए जा रहे हैं। मेडिसिन इमरजेंसी के ही जिम्मे 10 बेड का आईसीयू भी है, जो इस वक्त खाली नहीं है। आईसीयू के मरीजों को बीआरडी से हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।

बीआरडी में 1,750 बेड
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कुल 17 वार्ड चलते हैं। इन वार्डों में 1,750 बेड हैं। नेहरू अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेश राय ने बताया कि 90 फीसदी बेडों पर मरीज भर्ती हैं। इस वजह से नए मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत हो रही है। 10 फीसदी बेड इमरजेंसी के मरीजों के लिए छोड़ा गया है। इमरजेंसी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज आते हैं। कभी-कभी यह संख्या 100 तक पहुंच जाती है। गंभीर मरीजों को ही हायर सेंटर रेफर किया जाता है।

प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आने वाले सभी मरीजों का इलाज प्राथमिकता के किया जाता है। इमरजेंसी में आने वाले मरीज प्राथमिकता में हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड के इंतजाम किए जाते हैं। इसके बाद भी अगर बेडों की कमी है तो दूर किया जाएगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed