खुशखबर: कैंट से कुसम्ही तक तीसरी लाइन पर दौड़ेंगी ट्रेनें, 60 फीसदी काम पूरा
प्लेट फार्मों के खाली नहीं होने से यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां जगह-जगह खड़ी रहती हैं। छपरा और वाराणसी रूट से आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें कैंट व गोंडा, नौतनवा, बढ़नी रूट की ट्रेनें नकहा स्टेशन पर रुकती हैं।
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इस वर्ष गोरखपुर कैंट से कुसम्ही तक तीसरी लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेेंगी। पटरियों को बिछाने का काम चल रहा है। दिसंबर तक इसे बनाने का लक्ष्य है। इसके बाद कैंट से डोमिनगढ़ के बीच तीसरी लाइन का काम पूरा हो जाएगा। तीसरी लाइन के बनने से गोरखपुर जंक्शन यार्ड में मालगाड़ियों की लंबी लाइन नहीं लगेगी। न ही ट्रेनें कैंट, नकहा और डोमिनगढ़ स्टेशन पर खड़ी होंगी।
डोमिनगढ़-कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन की लंबाई 21.5 किमी है। इसके लिए 186.85 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। मिट्टी भराई (अर्थ) और पुल (ब्रिज) का कार्य लगभग पूरा हो गया है। दो बड़े पुल बन चुके हैं। कुल पांच छोटे पुलों में चार का निर्माण हो चुका है। गोरखपुर से डोमिनगढ़ के बीच का कार्य चल रहा है। साथ ही गोरखपुर जंक्शन से नकहा तक ट्रैक का दोहरीकरण भी चल रहा है। इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
कम होगा गोरखपुर जंक्शन पर लोड
गोरखपुर जंक्शन पर ट्रेनों का लोड बढ़ता जा रहा है। इस रूट से होकर रोजाना लगभग 150 यात्री ट्रेनें तथा करीब 50 मालगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में ट्रेनों का समय पालन प्रभावित होता है। प्लेट फार्मों के खाली नहीं होने से यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां जगह-जगह खड़ी रहती हैं। छपरा और वाराणसी रूट से आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें कैंट व गोंडा, नौतनवा, बढ़नी रूट की ट्रेनें नकहा स्टेशन पर रुकती हैं।
मालगाड़ियां छपरा से गोंडा तक बिना रुके चलेंगी
बस्ती से आने वाली ट्रेनों को अक्सर आउटर पर आकर खड़ा कर दिया जाता है। इससे यात्री परेशान रहते हैं। तीसरी रेल लाइन बिछने से ट्रेनों के संचलन में सहूलियत मिलेगी। नई रेल लाइन से होते हुए मालगाड़ियां छपरा से गोंडा तक बिना रुके पहुंच जाएंगी।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आधारभूत संरचना सुधार एवं विस्तार के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। डोमिनगढ़-गोरखपुर- कुसम्ही लाइन का कार्य तथा गोरखपुर-नकहा दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। अभी तक 60 प्रतिशत से ज्यादा कार्य पूरे हो चुके हैं। इस लाइन के बन जाने से डोमिनगढ़-कुसम्ही के बीच ट्रेनों का परिचालन और बेहतर हो जाएगा।