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सिद्धार्थनगर में बाढ़ का खतरा: घोराही नदी की कटान से भुतहवा-पन्नापुर मार्ग पर आवागमन बंद

Fri, 05 Aug 2022 07:45 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 05 Aug 2022 07:45 AM IST
सार

शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत के सात टोलों के लोग हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। इस बर्ष बारिश कम होने से अभी तक बाढ़ तो नहीं आई लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने लोगों की आवाजाही पर ब्रेक जरूर लगा दिया है।

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Traffic closed on Bhuthwa-Pannapur route due to cutting of Ghorahi river
बाढ़ का खतरा। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत के टीकर-करौता के बीच घोरही नदी के कटान से पुल के पास सड़क अब और कट गई है। प्रशासन ने पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया है। सिंचाई विभाग की टीम कटान को रोकने के लिए नदी की धारा मोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि कटान को रोका जा सके। अधिकारियों ने यहीं कार्य कुछ पहले कर दिया होता तो सड़क बंद करने की नौबत नहीं आती।

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पुल पर रास्ता रोके जाने के कारण आठ गांवों की करीब चार हजार आबादी की दिक्कत बढ़ गई है। बड़े वाहनों का रास्ता रोका गया है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर कटी हुई सड़क के दूसरे किनारे से जा रहे हैं। बची हुई सड़क के बीच भी दरार आ गई है, इस दरार से सड़क नदी में विलीन हो गई तो पैदल जाना भी मुश्किल हो जाएगा।
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शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत के सात टोलों के लोग हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। इस बर्ष बारिश कम होने से अभी तक बाढ़ तो नहीं आई लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने लोगों की आवाजाही पर ब्रेक जरूर लगा दिया है। कुछ वर्ष पूर्व तक आवागमन के लिए इन टोलों में सड़क नहीं था और टीकर से अन्य टोलों में आवागमन के लिए नदी पर पुल न होने से कोई रास्ता भी नहीं था।
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साल 2014 में घोरही नदी पर टीकर व करौता के बीच पुल तो बना, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पुल के दोनों तरफ एप्रोच पर मानक के अनुरूप मिट्टी नहीं पाटी गई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी, जिसके चलते लगभग डेढ़ माह से घोरही नदी पुल के नीचे की मिट्टी को काटती रही।

ग्रामीणों ने प्रशासन को इसकी सूचना भी दी थी, लेकिन पुल के नीचे मिट्टी कटान को रोकने के लिए अस्थाई या स्थाई कोई भी उपाय नहीं किया गया। कटान के कारण भुतहवा से पन्नापुर तक जाने वाले पीडब्ल्यूडी मार्ग का आधा हिस्सा नदी में विलीन हो गया। सड़क कटने की सूचना मिलने पर शोहरतगढ़ एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव और पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उधर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा को भी कटान की सूचना दी।

बह गई थी 23 लाख रुपये की बोरियां
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ समय पूर्व सिंचाई विभाग ने 23 लाख रुपये की लागत से 300 मीटर लंबे अस्थाई ठोकर का निर्माण कराया था, लेकिन बनवाने के दूसरे दिन नदी में आई बाढ़ से लगभग डेढ़ सौ मीटर ठोकर बह गया। विधायक विनय वर्मा के पत्र पर डीएम संजय रंजन ने जांच के लिए कमेटी गठित की, लेकिन प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं दी है। स्थानीय निवासी विनोद,पुजारी,जगराम,राम हरीश ,राकेश यादव,राम सिंह,विजय सिंह आदि ने  नदी की कटान रोकने के लिए स्थाई समाधान की मांग की है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि कटान रोकने के लिए कार्य जारी है।


 

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