जाम का मास्टर प्लान: गोरखपुर में सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ेगा महंगा, पकड़े गए तो देना होगा इतना जुर्माना
चार पहिया वाहन के लिए 1000 रुपये तो दो पहिया वाहन के लिए देना होगा 300 रुपये जुर्माना, 23 नवंबर से नियम प्रभावी, तोड़ने पर वसूला जाएगा जुर्माना, नगर निगम और ट्रिनिटी सर्विसेज का करार।
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गोरखपुर शहर के गोलघर में सड़क किनारे गाड़ी पार्क करने पर चार पहिया वाहन स्वामियों से 1000 और दो पहिया वाहन स्वामियों से 300 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। यह व्यवस्था 23 नवंबर से प्रभावी हो जाएगी। गोलघर इलाके की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर निगम ने शास्त्री चौराहे से लेकर गोलघर काली मंदिर तक के इलाके कोनो पार्किंग जोन घोषित कर दिया है। ट्रिनिटी सर्विसेज नामक एजेंसी को नो पार्किंग जोन में खड़े वाहन के स्वामियों से यह जुर्माना वसूलने की जिम्मेदारी दी गई है।
शहर की यातायात को दुरुस्त करने के लिए शास्त्री चौराहा से लेकर गोलघर काली मंदिर तक के इलाके को नो वेंडिंग जोन के अलावा नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया है। ठेले खोमचों वालों के लिए नगर निगम परिसर स्थित फांउटेन के पास स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं गाड़ियों की पार्किंग के लिए जलकल परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई है।
ऐसे में शास्त्री चौक से लेकर गोलघर काली मंदिर के बीच कहीं भी बाइक, स्कूटी या फोर-व्हीलर खड़ी करने पर नगर निगम जुर्माना वसूलेगा। इसके लिए नगर निगम ट्रिनिटी सर्विसेज नामक कंपनी से करार किया है। प्रावधान के तहत ट्रिनिटी सर्विसेज शास्त्री चौक से गोलघर काली मंदिर के बीच सड़क किनारे खड़ी बाइक को क्रेन से उठाकर यातायात विभाग के कार्यालय जमा करा देगा।
23 नवंबर से लागू हो जाएगी व्यवस्था
गोलघर में सड़क किनारे गाड़ियों का जुर्माना वसूलने का काम 23 नवंबर से शुरू हो जाएगा। शनिवार को मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इसका निर्णय लिया गया। बैठक में नगर आयुक्त अविनाश सिंह, अपर नगर आयुक्त आरबी सिंह, एसपी ट्रैफिक इंदूप्रभा सिंह, इंफोर्समेंट टीम प्रभारी कर्नल सीपी सिंह, चीफ इंजीनियर सुरेश चंद, उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला, लेखाधिकारी अमरेश बहादुर पाल, बृजेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
नगर निगम को हरेक महीने हो सकती है लाखों की कमाई
नगर निगम और ट्रिनिटी सर्विसेज के बीच हुए करार के अनुसार कंपनी नगर निगम के क्रेन के लिए 50 हजार रुपये और फर्म की क्रेन के लिए 30 हजार रुपये प्रति महीने किराया अदा करेगी। ऐसे में नगर निगम को हरेक महीने लाखों रुपये की आमदनी हो सकती है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि गोलघर इलाका अब नो पार्किंग जोन बन गया है। ऐसे में इस इलाके में सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करना मान्य नहीं है। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी पाए जाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। नगर निगम ने इसके लिए ट्रिनिटी सर्विसेज नामक कंपनी के साथ करार किया है। यह अनुबंधन यातायात प्रबंधन के लिए जेसीबी माउंटेड टेलीस्कोपिक क्रेन के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल के आधार पर किया गया है।
मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि हमारा जुर्माना वसूलने का कोई उद्देश्य नहीं है। उद्देश्य यह है कि लोग पार्किंग में अपनी गाड़ी लेकर जाने की आदत डालें। कोई भी व्यक्ति 1000 रुपये जुर्माना अदा करने की बजाए 25 रुपया पार्किंग शुल्क देना ज्यादा पसंद करेगा।
कहीं छोटी न पड़ जाए मल्टीलेवल पार्किंग
गोलघर से काली मंदिर तक दुकानदारों और उनके कर्मचारियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि जलकल परिसर में बनी मल्टीलेवल पार्किंग कहीं छोटी न पड़ जाए। ऐसे में अगर पार्किंग एरिया दुकानदारों और उनके कर्मचारियों की गाड़ियों से भर जाएगी तो यहां खरीदारी करने के लिए आने वाले लोग अपनी गाड़ी कहां करेंगे। आने वाले समय में यह प्रावधान लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।