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गोरखपुर: कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले तीन शिक्षक बर्खास्त, कई पर जांच जारी
Sat, 04 Dec 2021 04:24 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 04 Dec 2021 04:24 PM IST
सार
बेसिक शिक्षा विभाग को जांच में कूटरचित शैक्षिक अभिलेख मिले हैं। तीन और फर्जी शिक्षकों के खिलाफ आखिरी चरण में कार्रवाई पहुंची।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले तीन और फर्जी शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बर्खास्त कर दिया गया है। जबकि तीन और निलंबित शिक्षकों की जांच आखिरी चरण में है। जल्द ही इन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा। बर्खास्त तीनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत कराया जाएगा। इसे लेकर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है।
कैंपियरगंज ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय परसा में तैनात सहायक अध्यापक दिनेश चंद्र, पिपराइच ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बेला के प्रधानाध्यापक रामआसरे चौधरी के खिलाफ शिकायत मिली थी दोनों ही शिक्षक कूटरचित दस्तावेजों के सहारे हाइस्कूल, इंटर, बीएड के अंक पत्र, आधार और पैन कार्ड को तैयार कर नौकरी कर रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आरोपी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। संदिग्ध प्रमाणपत्र मिलने पर इन्हें निलंबित करने का साथ संबंधित बीईओ को जांच दी गयी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। जिले 88 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। जबकि 83 पर मुकदमा पंजीकृत है। कई और लोगो के खिलाफ जांच चल रही है।
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कैंपियरगंज ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय परसा में तैनात सहायक अध्यापक दिनेश चंद्र, पिपराइच ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बेला के प्रधानाध्यापक रामआसरे चौधरी के खिलाफ शिकायत मिली थी दोनों ही शिक्षक कूटरचित दस्तावेजों के सहारे हाइस्कूल, इंटर, बीएड के अंक पत्र, आधार और पैन कार्ड को तैयार कर नौकरी कर रहे हैं।
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शिकायत मिलने के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आरोपी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। संदिग्ध प्रमाणपत्र मिलने पर इन्हें निलंबित करने का साथ संबंधित बीईओ को जांच दी गयी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है।
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एसटीएफ ने पकड़ा फर्जीवाड़ा
ऐसे ही कौड़ीराम ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भरवलिया में तैनात सहायक अध्यापक अरविंद मिश्र को एसटीएफ ने फर्जीवाड़े को लेकर चिन्हित किया था। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा की तरफ से जांच शुरू हुई जांच में पाया गया कि अरविंद मिश्र ने दूसरे व्यक्ति के शैक्षिक अभिलेखों को फर्जी ढंग से तैयार कर वास्तविक नाम आदि परिवर्तित कर नियुक्ति प्राप्त की। इन्हें भी बर्खास्त कर दिया गया है।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। जिले 88 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। जबकि 83 पर मुकदमा पंजीकृत है। कई और लोगो के खिलाफ जांच चल रही है।