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गोरखपुर: भू-माफिया ओमप्रकाश को पकड़ने में असफल पुलिस, 26 मुकदमे दर्ज फिर भी प्रशासन के हाथ खाली

Tue, 21 Dec 2021 11:27 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 21 Dec 2021 11:27 AM IST
सार

25 हजार के इनामी ओमप्रकाश पर 26 मुकदमे दर्ज हैं वह फिर भी पकड़ से दूर है। एसपी सिटी ने उसकी गिरफ्तारी को लेकर एक टीम बनाई। इसके बाद भी नतीजा शून्य है।

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Three more cases against land mafia Om prakash
माफिया ओमप्रकाश। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर भू माफिया ओम प्रकाश पांडेय के खिलाफ कैंट पुलिस ने तीन और एफआईआर दर्ज की है। शिकायत लेकर पहुंचे तीनों लोगों के साथ ओमप्रकाश ने जमीन के नाम पर जालसाजी की है। पुलिस का दावा है कि वह आरोपी की तलाश में लगी है। दावे के उलट, अभी तक नतीजा शून्य है। यह हाल तब है, जबकि गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में विशेष टीम भी लगाई गई है।

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जानकारी के मुताबिक, इस बार झारखंड के सिंहभूमि निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, झारखंड के ही सराइकेला निवासी राजकुमार गुप्ता और श्याम कुमार गुप्ता की तहरीर पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया। तीनों का एक ही आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री करा ली, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं मिला है।
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पीड़ितों ने एसएसपी के पास पहुंचकर गुहार लगाई थी। एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर कैंट पुलिस जांच कर रही है। आरोपित पर पुलिस गैंगस्टर के तहत कार्रवाई भी कर चुकी है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें पता चला है कि ओमप्रकाश के पास जितनी जमीन थी, उससे ज्यादा लोगों को जालसाजी कर बेंच चुका है।
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आखिर कौन बचा रहा ओमप्रकाश को?
कई मुकदमे दर्ज होने के बावजूद ओम प्रकाश पांडेय की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ितों का आरोप है कि उसे कोई प्रभावशाली व्यक्ति बचा रहा है, वरना पुलिस चाहे और वह पकड़ में न आए, ऐसा संभव नहीं है। गौरतलब है कि यह वही शख्स है, जिसकी शिकायत पर सीएम योगी ने शहर में जनता दर्शन के दौरान अधिकारियों से सवाल किया था कि क्या अब भी भू माफिया बचे हुए हैं? इसके बाद हड़बड़ाई पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर ताबड़तोड़ कार्रवाई तो की, मगर उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
 

मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में महिला ने की थी शिकायत

पांच अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचीं बिंदू ने कैंट इलाके के ओमप्रकाश पांडेय पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। इसके बाद ही पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज की थी।

ओमप्रकाश पर पांच महीने में 26 केस

ओमप्रकाश पर पांच महीने में जालसाजी के 26 केस दर्ज किए जा चुके हैं। 30 अगस्त को पूर्व नौ सैनिक मनीष कुमार मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। कुशीनगर के कसया क्षेत्र के वरवा सुकदेव निवासी दुर्गावती, रमेश मिश्रा, किरन राय, लक्ष्मीपुर बुजुर्ग निवासी अलका पांडेय, कुबेरस्थान के सिंहन, जोड़ी निवासी मंजू और कोहरवलिया निवासी मीरा ने केस दर्ज कराया था। अब फिर से छह लोगों की तहरीर पर केस दर्ज है। इसके बाद सात और लोग सामने आए थे, जिसमें देवरिया की संगीता व बिहार के लोग शामिल थे।

23 अगस्त को दर्ज हुआ था गैंगस्टर का केस

23 अगस्त को तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ओमप्रकाश के अलावा सनी देवल, धीरज साहनी, संजय पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की थी। तभी से वह फरार है।
 

एसएसपी ने गठित की थी विशेष टीम

आरोपित पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ ही अक्तूबर में ही एसपी सिटी सोनम कुमार के नेतृत्व में एसएसपी ने टीम गठित की थी। तब उसका लोकेशन राजस्थान में मिलने का दावा किया गया था, लेकिन दो महीने पहले मिले लोकेशन पर काम करने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। अफसरों का पहले की तरह एक ही दावा है कि जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

एसपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि पुलिस टीम गिरफ्तारी की लगातार कोशिश कर रही है। कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे थे, लेकिन अभी आरोपित पकड़ में नहीं आ पाया है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
 

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