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स्टिंग ऑपरेशन में खुला खेल: भ्रष्टाचार में रजिस्ट्री विभाग-आरटीओ के होमगार्ड समेत तीन बिचौलिये गिरफ्तार, भेजा गया जेल
Tue, 12 Apr 2022 10:51 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 12 Apr 2022 10:51 AM IST
सार
एसपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कैंट पुलिस ने दो और शाहपुर पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी बिचौलिया।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में आरटीओ और रजिस्ट्री विभाग के भ्रष्टाचार के मामले में होमगार्ड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया गया। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगी हैं। रजिस्ट्री महकमे में बिचौलिये का काम करने वाले गुलरिहा के जंगल एकला निवासी विजय मिश्रा और देवरिया के मईल निवासी अशोक उपाध्याय को कैंट पुलिस ने दबोचा है। वहीं, आरटीओ से बेलघाट के बेलीखुर्द निवासी होमगार्ड अर्जुन को शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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जानकारी के मुताबिक, डीएम विजय किरन आनंद की गोपनीय जांच में भ्रष्टाचार व मनमानी वसूली की पुष्टि हुई थी। इसी लिहाज से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी, सरकारी पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में रजिस्ट्री और आरटीओ के 12 अधिकारी और कर्मचारियों पर कैंट और शाहपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। कैंट थाने के इंस्पेक्टर शशिभूषण राय की टीम ने सोमवार सुबह 11:15 बजे गणेश चौराहे के पास से विजय और अशोक को गिरफ्तार किया। उधर, शाहपुर पुलिस ने आरटीओ के मामले के आरोपित होमगार्ड अर्जुन को रामगढ़ताल इलाके में स्थित उसके किराये के मकान से गिरफ्तार किया।
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रजिस्ट्री दफ्तर मामले में आरोप
गोपनीय जांच में सामने आया कि हर रजिस्ट्री कराने वाले से जमीन की सरकारी कीमत का एक से डेढ़ फीसदी तक कमीशन लिया जाता था। कमीशन न देने पर जानबूझकर आपत्ति लगा दी जाती थी। मसलन, अगर 10 लाख रुपये की जमीन की रजिस्ट्री हुई तो उसमें 10 हजार रुपये तक कमीशन वसूला जाता था। ऐसे ही जमीन की यथा स्थिति बदल कर स्टांप चोरी के मामले में भी कर्मचारियों और अफसरों का नाम आया है। बताया जा रहा है कि इससे करोड़ों की राजस्व क्षति हुई है।
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कैफे वाले से सेटिंग कर वसूली करता था होमगार्ड
आरटीओ के मामले में आरोपित होमगार्ड पर आरोप है कि वह कैफे वाले से सेटिंग कर वसूली करता था। आरोप है कि वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने व अन्य प्रपत्रों के सत्यापन के कार्यों में भ्रष्टाचार किया जाता था। निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जाती थी। रुपये न देने पर काम नहीं होता था। रुपये लेने के लिए प्राइवेट दुकानों, फोटो कॉपी की दुकानों में मौजूद लोगों से भी सांठगांठ भी थी।
एसपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कैंट पुलिस ने दो और शाहपुर पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।