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रोजगार के लिए गोरखपुर से बिहार जा रहे थे लोग, सड़क हादसे में दो भाई सहित तीन मौत
Sun, 21 Jun 2020 07:52 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 21 Jun 2020 07:52 PM IST
सार
- पटना में बिहार शरीफ के पास हुआ हादसा, पेंट पालिश का ठेका लेते थे दोनों भाई
- रविवार सुबह छह बजे मोबाइल फोन पर हुई थी घरवालों से बातचीत
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बिहार में पटना के पास बिहार शरीफ में कार और ट्रक की टक्कर में खजनी के जरलही गांव निवासी विजय सिंह के दो बेटे संजय सिंह (42) और संदीप सिंह (32) की मौत हो गई। साथ में बैठे एक मजदूर की भी मौत हो गई। एक साथ तीन मौत की खबर ने सबको झकझोर दिया है। दो भाइयों की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
विजय सिंह के दो पुत्र संजय और संदीप मुंबई में रहकर पेंट पालिश का ठेका लेते थे। गांव के कई लेबर को भी काम पर रखे थे। 10 जून को पिता विजय सिंह और माता शुगरा देवी के साथ गांव लौटे थे। दोनों को बिहार में पेंट पालिश का काम मिला था।
गांव से ही दस मजदूरों को लेकर दोनों भाई निकले थे। रविवार की सुबह छह बजे के करीब दोनों भाई ढाबे पर पहुंचे और घरवालों से बातचीत भी की। इसके थोड़ी देर बाद ही हादसे में मौत की खबर आई। पीछे बोलेरो में मौजूद लेबर ने घरवालों को जानकारी दी जिसके बाद पिता घटनास्थल पर रवाना हो गए।
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संजय के दो बच्चे, संदीप की औलाद नहीं
संजय सिंह के दो बच्चे हैं। राधिका (10) और गणेश (8)। जबकि संदीप की शादी पांच साल पहले हुई थी लेकिन उसके अभी कोई औलाद नहीं थे। संदीप ही घर आता जाता था। संजय करीब छह साल बाद अपने घर दस जून को आए थे। हादसे के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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विजय सिंह के दो पुत्र संजय और संदीप मुंबई में रहकर पेंट पालिश का ठेका लेते थे। गांव के कई लेबर को भी काम पर रखे थे। 10 जून को पिता विजय सिंह और माता शुगरा देवी के साथ गांव लौटे थे। दोनों को बिहार में पेंट पालिश का काम मिला था।
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गांव से ही दस मजदूरों को लेकर दोनों भाई निकले थे। रविवार की सुबह छह बजे के करीब दोनों भाई ढाबे पर पहुंचे और घरवालों से बातचीत भी की। इसके थोड़ी देर बाद ही हादसे में मौत की खबर आई। पीछे बोलेरो में मौजूद लेबर ने घरवालों को जानकारी दी जिसके बाद पिता घटनास्थल पर रवाना हो गए।
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संजय के दो बच्चे, संदीप की औलाद नहीं
संजय सिंह के दो बच्चे हैं। राधिका (10) और गणेश (8)। जबकि संदीप की शादी पांच साल पहले हुई थी लेकिन उसके अभी कोई औलाद नहीं थे। संदीप ही घर आता जाता था। संजय करीब छह साल बाद अपने घर दस जून को आए थे। हादसे के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।