गोरखपुर में इस बार 50 फीसदी कम लगेंगी पटाखों की दुकानें, प्रदूषण नहीं ये है बड़ी वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर में कोरोना की वजह से पिछली बार की अपेक्षा इस बार जिले में पटाखे की दुकानेें 50 फीसदी तक कम लगेंगी। सर्वाधिक क्षमता वाले कचहरी क्लब में सिर्फ 32 दुकानें लगेंगी। जबकि पिछले साल यहां 64 दुकानेें लगी थीं। इसी तरह जिले में 359 दुकानदारों को लाइसेंस मिला है। जबकि पिछले साल 410 दुकानदारों को लाइसेंस मिला था।
दिवाली पर गुरुवार से शहर के 12 स्थानों पर अस्थायी पटाखे की दुकानें सज जाएंगी। जिला प्रशासन ने तीन दिनों 12, 13 और 14 नवंबर तक दुकानें लगाने के लिए लाइसेंस जारी किया है। इस बार सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज के मैदान में भी दुकान लगाने की अनुमति दी गई है। तारामंडल क्षेत्र में नौका विहार स्थित दिग्विजयनाथ पार्क में दुकान लगाने को लेकर मंथन चल रहा था, मगर बाद में प्रशासन ने वहां दुकान नहीं लगाने का निर्णय किया।
कहां कितनी दुकानें लगेंगी
कचहरी क्लब मैदान में 32, डीबी इंटर कालेज में 30, राजकीय जुबिली इंटर कालेज में 15, राजकीय पॉलिटेक्निक के मैदान में 25, नीना थापा इंटर कालेज नंदानगर में 30, राजकीय पुल्ड टाउन बरगदवां में 12, जनता इंटर कालेज चरगांवा में 20, लक्ष्मीशंकर खरे पार्क सूरजकुंड में पांच, दयानंद इंटर कालेज खोराबार में 30, डीएवी डिग्री कालेज के मैदान में 20, चंपा देवी पार्क तारामंडल में 100 और सेंट एंड्रयूज इंटर कालेज के मैदान में 40 दुकानें लगाई जाएंगी।
घटना हो तो कंट्रोल रूम में दें सूचना
दिवाली के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट भवन में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जो 24 घंटे संचालित रहेगा। बुधवार से शुरू हुआ कंट्रोल रूम 15 नवंबर तक सक्रिय रहेगा। दिवाली से जुड़ी किसी भी तरह की दिक्कत या आकस्मिक घटना होने पर यहां सूचना दी जा सकती है। कंट्रोल रूम का नंबर 0551-2202205 व 0551-2204196 है।
सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि शहर के 12 स्थानों पर पटाखा की दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। सभी दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि कोरोना से बचाव के लिए तय प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा। अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई होगी। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट के ई-डिस्ट्रिक्ट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।