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lockdown 3.0: 1115 मजदूरों को लेकर पहुंची तीसरी श्रमिक स्पेशल पहुंची गोरखपुर, ऐसे भेजे गए घर
Wed, 06 May 2020 06:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 06 May 2020 06:52 AM IST
सार
- गुजरात से आई ट्रेन, लौटे कई मंडलों के मजदूर और उनका परिवार
- रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग के बाद रोडवेज की बसों से घर भेजा गया
- आज भी मजदूरों को लेकर आएंगी दो ट्रेनें
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
लॉकडाउन में गुजरात में फंसे 1115 मजदूरों और उनके परिवार वालों को लेकर तीसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन मंगलवार को शाम 4.15 बजे गोरखपुर पहुंची। नाडियाड से आई इस ट्रेन में गोरखपुर व बस्ती के अलावा कई अन्य मंडलों के अप्रवासी मजदूर और उनके परिवार वाले थे।
स्टेशन पर सभी की थर्मल स्कैनिंग की गई। नाम-पता नोट करने के बाद रोडवेज की बसों से सभी को घर के लिए भेज दिया गया। किसी भी यात्री में कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला। बुधवार को भी दो ट्रेनें सूरत से मजदूरों को लेकर गोरखपुर पहुंचेंगी।
इससे पहले सोमवार को मुंबई के भिवंडी और बसई रोड से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें 2127 श्रमिकों और उनके घरवालों को लेकर आई थीं। रेलवे जीआरपी कंट्रोल के मुताबिक तीनों ट्रेनों से अब तक 3242 अप्रवासी मजदूर आए हैं। मंगलवार को तीसरी ट्रेन गुजरात के नाडियाड से अपराह्न सवा चार बजे प्लेटफार्म एक पर पहुंची।
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स्टेशन पर सभी की थर्मल स्कैनिंग की गई। नाम-पता नोट करने के बाद रोडवेज की बसों से सभी को घर के लिए भेज दिया गया। किसी भी यात्री में कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला। बुधवार को भी दो ट्रेनें सूरत से मजदूरों को लेकर गोरखपुर पहुंचेंगी।
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इससे पहले सोमवार को मुंबई के भिवंडी और बसई रोड से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें 2127 श्रमिकों और उनके घरवालों को लेकर आई थीं। रेलवे जीआरपी कंट्रोल के मुताबिक तीनों ट्रेनों से अब तक 3242 अप्रवासी मजदूर आए हैं। मंगलवार को तीसरी ट्रेन गुजरात के नाडियाड से अपराह्न सवा चार बजे प्लेटफार्म एक पर पहुंची।
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ट्रेन आने के घंटों पहले स्थानीय प्रशासन, रेल प्रशासन, स्वास्थ्य, आरपीएफ, जीआरपी और यूपी पुलिस के अधिकारियों ने तैयारी पूरी कर ली थी। ट्रेन में गोरखपुर-बस्ती, आजमगढ़, देवीपाटन, कानपुर सहित कई मंडलों के लोग थे।
कैब-वे में जनपदवार बसें लगाई गईं थीं। प्लेटफार्म पर बारी-बारी से एक-एक कोचों को खोलकर अलग-अलग बेरिकेडिंग से श्रमिकों को गुजरा गया। प्रत्येक यात्री की थर्मल स्कैनिंग की गई। नाम-पता नोट किया गया, जिनके पास एंड्राएड फोन थे उसमें आरोग्य सेतु डाउन लोड कराया गया।
व्यवस्था की देखरेख में एसपी रेलवे पुष्पांजलि, एडीएम सिटी, एडीएम (वित्त/राजस्व), सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी ट्रैफिक, स्टेशन मैनेजर, इंस्पेक्टर जीआरपी, इंस्पेक्टर आरपीएफ, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक सहित सुरक्षा बल व रेलवे कर्मचारी मौजूद थे।
कैब-वे में जनपदवार बसें लगाई गईं थीं। प्लेटफार्म पर बारी-बारी से एक-एक कोचों को खोलकर अलग-अलग बेरिकेडिंग से श्रमिकों को गुजरा गया। प्रत्येक यात्री की थर्मल स्कैनिंग की गई। नाम-पता नोट किया गया, जिनके पास एंड्राएड फोन थे उसमें आरोग्य सेतु डाउन लोड कराया गया।
व्यवस्था की देखरेख में एसपी रेलवे पुष्पांजलि, एडीएम सिटी, एडीएम (वित्त/राजस्व), सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी ट्रैफिक, स्टेशन मैनेजर, इंस्पेक्टर जीआरपी, इंस्पेक्टर आरपीएफ, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक सहित सुरक्षा बल व रेलवे कर्मचारी मौजूद थे।
एक बस में अधिकतम 30 बैठे, सभी को मिला चूड़ा-लाई
प्रशासन की ओर से हर मजदूर और उसके परिवार वालों को एक-एक पैकेट चूड़ा-लाई उपलब्ध कराया गया। इसके बाद जिलावार उन्हें 25 से 30 की संख्या में रोडवेज की बसों से संबंधित जिलों के लिए रवाना किया गया। स्टेशन प्रबंधक एमके सिंह ने बताया कि श्रमिक स्पेशल से कुल 1134 अप्रवासी मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों को लाया गया।
मुझे स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह ट्रेन रास्ते में कहीं भी नहीं रुकेगी। यात्री सीधे गोरखपुर उतरेंगे। हमें घर जाना था तो रजिस्ट्रेशन कराकर इसमें बैठ गए। गुजरात में भोजन की समस्या बहुत हुई। अब घर जा रहे हैं तो खुशी है। बिल्ला सोनकर, जौनपुर
मुझे स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह ट्रेन रास्ते में कहीं भी नहीं रुकेगी। यात्री सीधे गोरखपुर उतरेंगे। हमें घर जाना था तो रजिस्ट्रेशन कराकर इसमें बैठ गए। गुजरात में भोजन की समस्या बहुत हुई। अब घर जा रहे हैं तो खुशी है। बिल्ला सोनकर, जौनपुर