फोटो- नर्स डे पर फर्ज के साथ निभा रही परिवार की भी जिम्मेदारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात नर्स कर रही मरीजों की सेवा कोरोना सकंट के बीच लोगों को जागरूक भी कर रही अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। अस्पताल में नर्स किसी मां से कम नहीं होती है। जिस तरह मां अपने बेटों का ख्याल रखती है उसी तरह नर्स भी अपने मरीजों का देखभाल करती हैं। मरीज के लिए नर्स की अहमियत भी ज्यादा होती है। नर्स के सेवा भाव से मरीज अस्पतालों में खुद को सुरक्षित महसूस करते है। नर्स डे के मौके पर कुछ ऐसे नर्स की कहानी है, जो कोरोना महामारी के बीच दोहरी भूमिका निभा रही हैं। एक तरफ मरीजोंं की सेवा कर अपना फर्ज निभा रही है, तो दूसरी ओर परिवार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन बखूबी कर रही है। ---------- इस पेशे से जुड़ी खुशियों के साथ-साथ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि जरा सी लापरवाही होने से मरीज को काफी नुकसान हो सकता है। चाहे वह मरीज की दवा हो या फिर उनकी जांच। हर काम में बेहद सावधानी बरतनी होती है। मधुमति सिंह, स्टाफ नर्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज ------ मरीज को ठीक करने में अगर 60 प्रतिशत योगदान डॉक्टर को होता है तो 40 प्रतिशत योगदान नर्सों का होता है। नर्स न दिन देखती है और न ही रात। हर समय मरीजों की सेवा करना ही उद्देश्य रहता है। कोशिश रहती है कि अपने बच्चों की तरह मरीजों की देखभाल की जाए। मालती सिंह, स्टाफ नर्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज ----------- जागरुकता सबसे जरूरी कोरोना महामारी के बीच जागरुकता बहुत जरूरी है। यही वजह है कि बीआरडी से ड्यूटी के बाद पहले खुद को सुरक्षित करना पड़ता है, जिससे की बच्चों को संक्रमण का खतरा न हो सके। बच्चों से इस बीच दूरी बना ली है। उद्देश्य है कि मरीजों की सेवा कर उन्हें कोरोना से जीत दिलाई जा सके। सुनीता वर्मा, स्टाफ नर्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज ------------ नर्स का काम बेहद सावधानी पूर्वक करना होता है। यही कारण है कि सोच समझकर मरीजों की देखभाल की जाती है। कई बार मरीज नाराज भी होते है, लेकिन उनका बुरा नहीं सोचा जाता। कोरोना महामारी के बीच जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई है। खुद की सुरक्षा के साथ मरीजों की सेवा सबसे जरूरी है। आराधना गौड़, स्टाफ नर्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज