लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेगा टेक्सटाइल पार्क, गीडा प्रशासन तैयार कर रहा प्रस्ताव
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खासकर पूर्वी उत्तरप्रदेश को प्रदेश सरकार रेडीमेड गारमेंट्स के हब के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को भेजी जाने वाली सूची में वाराणसी के अलावा गोरखपुर का भी नाम शामिल करने पर प्रमुख सचिव ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है । टेक्सटाइल पार्क की स्थापना में आने वाले कुल खर्च का 40 प्रतिशत (अधिकतम 40 करोड़) केंद्र सरकार वहन करेगी।
8500 लोगों को मिलेगा रोजगार
टेक्सटाइल पार्क में 50 बुनकर इकाई, 20 गारमेंट्स और इम्ब्रॉडरी इकाई, दो प्रोसेसिंग यूनिट, दो स्पिनिंग यूनिट और छह अन्य यूनिट शामिल होंगी। यहां प्रत्यक्ष रूप से 3500 और अप्रत्यक्ष रूप से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
2006 में योजना नहीं चढ़ी थी परवान
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल का कहना है कि 2006 में भी केंद्र सरकार से गीडा में टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी मिली थी, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। टेक्सटाइल पार्क गोरखपुर के रेडीमेड गारमेंट्स के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होगा।
केंद्र सरकार प्रदेश के विभिन्न जिलों में टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इस सूची में गोरखपुर का भी नाम शामिल करने पर प्रमुख सचिव ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। योजना तैयार की जा रही है। लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे इस पार्क को विकसित किया जाएगा। - संजीव रंजन, सीईओ गीडा