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टेराकोटा शिल्पियों के हुनर को मिलेगा और निखार, बनाई गई ये कमेटी
Sun, 07 Jun 2020 08:33 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 07 Jun 2020 08:33 AM IST
सार
- एक जनपद एक उत्पाद के कलस्टर के रूप में विकसित होगा औरंगाबाद
- करीब चार करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को जिला स्तरीय कमेटी की स्वीकृति
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टेराकोटा। फाइल
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
टेराकोटा शिल्पियों के हुनर को अब और निखार मिलेगा। टेराकोटा शिल्पकारों की बस्ती औरंगाबाद को प्रदेश सरकार एक कलस्टर के रूप में विकसित करने जा रही है। जिला स्तरीय कमेटी ने सर्वे के बाद इसको स्वीकृति भी दे दी है। कलस्टर बन जाने के बाद यहां उच्च गुणवत्ता वाले मशीनों के जरिए इस तकनीक के हुनरमंदों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
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योजना के तहत इस कलस्टर को संचालित करने के लिए एक स्पेशल परपस व्हीकल (एसपीवी) कमेटी बनाई गए है। लक्ष्मी प्रजापति को इस एसपीवी का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार करीब चार करोड़ की लागत वाले इस कलस्टर में 90 प्रतिशत सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी।
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वहीं 10 प्रतिशत की राशि एसपीवी को वहन करना है। जिला स्तरीय कमेटी ने सर्वे करके इसके डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट (डीएसआर) को स्वीकृति दे दी है। इसके बाद उद्योग विभाग इसका डीपीआर तैयार करना शुरू कर दिया है।
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अधिकारियों ने क्या कहा
उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने कहा कि इस कलस्टर के बन जाने के बाद टेराकोटा शिल्प का नया मुकाम मिलेगा। टेराकोटा शिल्प कला से जुड़े शिल्पकार इस कलस्टर में लगाए गए अत्याधुनिक मशीनों के जरिए अपने उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग दे पाएंगे।
समय-समय पर उन्हें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलता रहेगा। एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत यह योजना सरकार की प्राथमिकताओं में है। लक्ष्मी प्रजापति इस एसपीवी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं इससे करीब पांच सौ टेराकोटा शिल्पकार जुड़े हुए हैं।
समय-समय पर उन्हें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलता रहेगा। एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत यह योजना सरकार की प्राथमिकताओं में है। लक्ष्मी प्रजापति इस एसपीवी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं इससे करीब पांच सौ टेराकोटा शिल्पकार जुड़े हुए हैं।