{"_id":"60ead99e8ebc3ebf4b42fbce","slug":"teachers-sent-letter-to-chancellor-against-vice-chancellor-of-gorakhpur-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय: गुआक्टा ने कुलपति के खिलाफ कुलाधिपति को लिखा पत्र, जानिए क्या है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय: गुआक्टा ने कुलपति के खिलाफ कुलाधिपति को लिखा पत्र, जानिए क्या है पूरा मामला
Sun, 11 Jul 2021 05:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 11 Jul 2021 05:14 PM IST
सार
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय सचिव ने भी कुलपति के कार्यप्रणाली पर खड़ा किया सवाल।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुआक्टा) ने कुलपति प्रो. राजेश कुमार सिंह के विरोध में शनिवार को कुलाधिपति को पत्र लिखा है। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय सचिव डॉ राजेश चंद्र मिश्र ने भी कुलपति के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है।
गुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. केडी तिवारी और महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कुलाधिपति को लिखे पत्र में कुलपति के कार्यों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कुलपति महाविद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों को शोध करने में बाधक बन रहे हैं। वह छह माह के अवकाश के स्थान पर तीन वर्ष का अवकाश प्रार्थना पत्र मांग रहे हैं।
वह कार्यपरिषद और विद्या परिषद के अलावा परीक्षा समिति में महाविद्यालय कोटा से शिक्षकों को नामित नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
गुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. केडी तिवारी और महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कुलाधिपति को लिखे पत्र में कुलपति के कार्यों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कुलपति महाविद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों को शोध करने में बाधक बन रहे हैं। वह छह माह के अवकाश के स्थान पर तीन वर्ष का अवकाश प्रार्थना पत्र मांग रहे हैं।
विज्ञापन
वह कार्यपरिषद और विद्या परिषद के अलावा परीक्षा समिति में महाविद्यालय कोटा से शिक्षकों को नामित नहीं कर रहे हैं।