डेविना हत्याकांड में बड़ी वजह बनकर सामने आई पुलिस की लापरवाही, कार्रवाई की होती तो बच सकती थी शिक्षिका की जान
- डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लिया, जांच के आदेश
- चेन लूट के मामले में पुलिस ने नहीं दर्ज किया था केस, त्रिभुवन ने दोबारा वारदात में मार दी गोली
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर इलाके में शिक्षिका डेविना उर्फ निवेदिता की हत्या के पीछे तिवारीपुर पुलिस की लापरवाही बड़ी वजह बनकर सामने आई है। जिस आरोपी त्रिभुवन ने शिक्षिका की हत्या की थी उसने तिवारीपुर इलाके में बीस दिन पहले चेन स्नेचिंग की थी। मामले में पुलिस के पास न तो शिकायत आई, और न ही पुलिस ने कोई केस दर्ज करने की जहमत उठाई। इस प्रकरण को डीआईजी ने गंभीरता से लिया है। डीआईजी ने इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के सेंट जॉन्स चर्च गली में शिक्षिका डेविना मेजर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साथ में जा रही बेटी को भी बदमाशों ने गोली मारी थी। पुलिस ने जब मामले का पर्दाफाश किया तो खुद अफसर भी हैरान हो गए। पता चला कि चेन स्नेचिंग का विरोध करने पर बदमाशों ने मां-बेटी को गोली मारी थी।
इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई थी। पता चला था कि हत्याकांड में पकड़े गए बदमाश त्रिभुवन व दीपक ने घटना से करीब महीने भर पहले गोरखनाथ की रहने वाली एक महिला से तिवारीपुर इलाके में चेन स्नेचिंग की थी। वह अपने पति के साथ कोविड जांच कराने के बाद पैदल ही घर लौट रहीं थी।
शिक्षिका हत्याकांड के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की। इसी क्रम में तिवारीपुर की चेन स्चेनिंग में भी केस दर्ज किया गया था। पर्दाफाश के दौरान एसएसपी जोगेन्द्र कुमार ने इस मामले में लापरवाह पुलिसवालों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था।
उधर, तिवारीपुर पुलिस की इस लापरवाही के बाद डीआईजी ने भी इस घटना को गंभीर बताया है। डीआईजी राजेश डी मोदक ने कहा कि अगर समय से केस दर्ज हुआ होता तो शायद बदमाश जल्दी पकड़े लिए जाते या फिर वह लूट करने के इरादे से न हीं आते और न ही यह घटना सामने आती। जांच कर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।