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डॉक्टर की सलाह: लक्षण नजर आएं तो कराएं जांच, इलाज कराकर टीबी से मुक्ति पाएं

Sat, 05 Mar 2022 08:05 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Mar 2022 08:05 AM IST
सार

सघन क्षय रोगी खोज अभियान से अनुराधा और बबिता को मिली टीबी मुक्त जीवन की सौगात, गोरखपुर जिले में नौ से 22 मार्च तक फिर चलेगा सघन क्षय रोगी खोज अभियान।

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symptoms get tested get rid of TB by getting treatment
टीबी के मरीज। (सांकेतिक) - फोटो : Social Media

विस्तार

सघन क्षय रोगी खोज अभियान (एसीएफ कैंपेन) ने अनुराधा और बबिता (बदला हुआ नाम) को टीबी मुक्त जीवन की सौगात दी है। दोनों युवतियों का कहना है कि लक्षण दिखने पर तत्काल जांच करानी चाहिए। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो दवा का पूरा कोर्स लेना चाहिए। जिले में नौ से 22 मार्च तक एक बार फिर एसीएफ कैंपेन चलाने की तैयारी है।

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सरदारनगर क्षेत्र की रहने वाली बबिता (27) ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्हें काफी थकान महसूस होती थी। शाम को बुखार चढ़ जाता था। सांस लेने में दिक्कत होती थी। एसीएफ कैंपेन के दौरान बलगम की जांच हुई, जिसमें टीबी की पुष्टि हुई। जांच के बाद दवा शुरू हुई। छह माह तक निशुल्क इलाज के बाद स्वस्थ हो गई।
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सहजनवां क्षेत्र की रहने वाली अनुराधा (21) ने बताया कि वर्ष 2016 में भाई को टीबी हुई थी। भाई के इलाज के दौरान ही एक स्वयंसेवी संस्था के जरिए एसीएफ कैंपेन के बारे में जानकारी मिली। भाई की दवा चली और वह ठीक हो गए।
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इस बीच वर्ष 2018 में मुझे खुद ही टीबी हो गया। लगातार दवा खाई और पूरी तरह से स्वस्थ हो गई। बताया कि भेदभाव की वजह से लोग टीबी छिपाते हैं और संक्रमण बढ़ता है, जो समाज के लिए घातक है। इसलिए मरीजों के साथ सतर्कता बरतते हुए सामान्य संबंध नहीं तोड़ने चाहिए।

9.61 लाख की आबादी में ढूंढेंगे मरीज

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रामेश्वर मिश्र ने बताया कि नौ से 22 मार्च तक प्रस्तावित एसीएफ कैंपेन के दौरान 9.61 लाख लोगों के बीच से टीबी के संभावित रोगी ढूंढे जाएंगे। ऐसे मरीजों की जांच कराने के बाद पुष्ट टीबी मरीजों का निशुल्क उपचार शुरू होगा। दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी आना, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना, वजन कम होना और भूख न लगना टीबी के सामान्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षणों वाले लोगों को टीबी की जांच अवश्य करानी चाहिएं। जिले में टीबी के 5498 सक्रिय मरीज हैं, जिनका निशुल्क इलाज चल रहा है ।

387 टीम चलाएंगी अभियान

डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि एसीएफ कैंपेन में 387 टीम लगेंगी। टीम के कुल 1,161 सदस्य लक्षित आबादी में घर-घर जाकर टीबी मरीज ढूंढेंगे। अभियान में 86 सुपरवाइजर, 21 मेडिकल ऑफिसर और 46 लैब टेक्नीशियन (एलटी) भी लगाए गए हैं।

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