गोविवि: छात्रावास खाली कराने पर सीएम कैंप कार्यालय पहुंचे छात्र, बोले- 'हम कहां जाएं'
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रावासों को 27 दिसंबर तक खाली कराने के निर्देश पर विद्यार्थी ही नहीं वार्डेन भी असमंजस में हैं। करीब 50 फीसदी कमरों में विद्यार्थियों ने ताला लगाया है। उन कमरों का खाली कराना टेढ़ी खीर है।
उधर, शुक्रवार को परास्नातक एवं विधि के काफी विद्यार्थी गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में छात्रावास खाली न कराने की गुहार लगाई। इस संबंध कैंप कार्यालय की ओर से कुलपति से फोन पर वार्ता हुई है।
शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे विधि, परास्नातक एवं शोध के छात्र गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रत्यूष दुबे, नीतेश मिश्रा सहित चार छात्रों को बुलाया गया। विधि के छात्रों ने कहा कि अभी उनकी मौखिक परीक्षा संपन्न नहीं हुई है और जल्द ही ऑफलाइन कक्षाएं भी संचालित होंगी।
ऐसी स्थिति में छात्र अपना सारा सामान लेकर कहां जाएंगे। परास्नातक के सभी वर्गों की कक्षाएं नियमित रूप से चल रही है, ऐसे में छात्रों से जबरन छात्रावास खाली कराना उचित नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को निष्कासित करने की धमकी दी जा रही है। छात्रों में नितेश मिश्रा, पीयूष द्विवेदी, निखिल चंद्र उपाध्याय, अविनाश त्रिपाठी, अनूप मिश्रा, मनोहर मिश्रा, चंद्र प्रकाश गुप्ता, अमन वर्मा, पुष्पेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
27 को बनेगी खाली नहीं करने वालों की सूची
विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने सभी वार्डेन को पत्र लिखकर 27 दिसंबर तक छात्रावास को खाली कराने और जो छात्र खाली नहीं करते हैं उनकी सूची शाम पांच बजे तक देने को कहा है। इस निर्देश के बाद कई वार्डेन ने शुक्रवार को कमरे में ताला लगाने वाले छात्रों के मोबाइल पर फोन कर कमरा खाली करने को कहा है। साथ ही खाली नहीं करने पर उनके निष्कासन को रद्द करने संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय से अवगत कराया है।
दस दिनों में हो जाए छात्रावासों की मरम्मत
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने छात्रावासों की मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिष्ठाता छात्र कल्याण और मुख्य नियंता से दो टूक कहा है कि वार्डेन से संपर्क कर दस दिनों में छात्रावासों की मरम्मत कार्य पूरा करा लें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि यूजीसी की गाइड लाइन के मुताबिक छात्रावास को सैनिटाइज कराना है। इसलिए खाली कराया जा रहा है। सैनिटाइज कराकर तत्काल परास्नातक एवं शोध के विद्यार्थियों को आंवटित भी किया जाएगा। इस निर्णय से गोरखनाथ मंदिर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है।