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छात्रों को यह नियम तोड़ना पड़ सकता है भारी, बर्बाद हो सकता है पूरा साल

Thu, 31 Dec 2020 12:42 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 31 Dec 2020 12:42 AM IST
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student eduction year will be ruined if miss half or pre board exam
Online Class - फोटो : Pexels

कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास या परीक्षा से दूरी बनाने वाले विद्यार्थियों की मुसीबत बढ़ने वाली है। सीबीएसई ने स्कूल संचालकों को ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में छमाही और प्रीबोर्ड परीक्षाओं की अनुमति प्रदान की है।

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नियम के मुताबिक 75 फीसदी उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को ही परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाता है। ऐसे में अगर कोई विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल नहीं होता है तो वो नियम के मुताबिक अगली कक्षाओं में नहीं जा सकेगा।
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गाइडलाइंस के मुताबिक अगर कोई विद्यार्थी छमाही परीक्षा को छोड़ देता है तो वार्षिक परीक्षा के नंबर मिलाकर उसे उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद भी अगर विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो जाता है तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा के माध्यम से एक और अवसर प्रदान किया जाता है।
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मौजूदा दौर में न तो बच्चे ऑनलाइन क्लास में रूचि ले रहे हैं और ना ही अब तक हुई परीक्षाओं में ही दिलचस्पी दिखाई है। ऐसे में अगर बोर्ड की ओर से कोई नई गाइडलाइंस नहीं आती है तो सैकड़ों बच्चों को वार्षिक परीक्षाओं से मौजूदा नियमों के अनुसार बाहर होना पड़ेगा।

 

स्कूल प्रबंधन भी पशोपेश में

परीक्षाओं को लेकर बोर्ड का निर्देश मिलने के बाद से स्कूल प्रबंधन भी पशोपेश में हैं। वो अभिभावकों को संदेश भेजकर बच्चों को छमाही और प्री बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने के लिए मना रहे हैं तो वहीं अभिभावक वर्ग इसे फीस जमा कराने के नए हथकंडे के तौर पर देख रहा है।

आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के ग्रुप डायरेक्टर अजय शाही ने कहा कि ऑनलाइन क्लास से दूरी समझ से परे हैं। खासकर नौंवी से बारहवीं के बच्चों के तो विद्यालय खुल चुके हैं। इसके बाद भी बच्चे पढ़ाई में अन्य वर्षों की अपेक्षा कम रूचि ले रहे हैं। परीक्षाओं को कराने का निर्देश मिला है, स्कूल प्रबंधन कैलेंडर के मुताबिक परीक्षाएं कराएंगे। जो परीक्षा में शामिल नहीं होगा, उसपर बोर्ड की गाइडलाइंस के मुताबिक कार्रवाई होगी।
 
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