सीएम योगी का बड़ा दांव, निषाद वोटों की ‘नाव’, पार लगाएगी 2022 का चुनाव
- यूपी की 135 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में प्रमुख भूमिका निभाते हैं निषाद वोटर
- भाजपा और निषाद पार्टी का पहले से ही समझौता, अब प्रतिनिधित्व बढ़ा रही पार्टी
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जय प्रकाश निषाद को राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर मिशन-2022 का आगाज कर दिया है। संकेत साफ है, निषाद वोटों की नाव, पार लगाएगी 2022 का चुनाव। जय प्रकाश की निषाद वोटरों में अच्छी पैठ बताई जाती है। निषाद वोटर गोरखपुर सहित प्रदेश की 135 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में अहम भूमिका निभाते हैं।
बसपा की सरकार में राज्य मंत्री रहे जयप्रकाश निषाद को दो साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही भाजपा में लेकर आए थे। गोरखपुर के नौ विधानसभा क्षेत्रों में छह लाख से ज्यादा निषाद वोटर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट (वाराणसी) में भी निषाद वोटर काफी महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं। वाराणसी संसदीय सीट से संबंधित शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी निषाद वोटरों की संख्या अच्छी है।
लोकसभा चुनाव-2019 से ठीक पहले भाजपा ने निषाद पार्टी से हाथ मिलाया था। साथ ही निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बेटे व तत्कालीन सपा सांसद प्रवीण निषाद को भाजपा में शामिल कराके संतकबीरनगर से टिकट दे दिया था।
प्रवीण चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच गए। अब भाजपा ने राज्यसभा उपचुनाव में बसपा के पूर्व विधायक व भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश निषाद को प्रत्याशी बनाकर जातीय समीकरण साधा है। साल 2022 के चुनाव से पहले भाजपा के इस फैसले को जातीय समीकरण दुरुस्त करने का बेहतर तरीका बताया जा रहा है।
यूपी की 135 विधानसभा सीटों पर है निषाद वोटर की भूमिका
दरअसल, गोरखपुर शहर और बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से जिले के नौ विधानसभा क्षेत्र जुड़े हैं। गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैंपियरगंज, चौरीचौरा, सहजनवां और बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में ही पांच लाख से ज्यादा निषाद वोटर हैं। खजनी और चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा वोटर हैं। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के मुताबिक यूपी की 135 विधानसभा सीटों पर निषाद वोटर प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
मिर्जापुर, संतकबीरनगर, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, भदोही और चंदौली की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर निषाद वोटरों का बड़ा प्रभाव है। जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट निषाद बाहुल्य है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में संजय निषाद पार्टी के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़े थे।
सपा को जीत मिली थी, लेकिन निषाद पार्टी दूसरे स्थान पर थी। जौनपुर की शाहगंज विधानसभा सीट पर निषाद वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मिर्जापुर की एक विधानसभा सीट ऐसी है, जहां 96 गांवों में निषाद समाज के लोग रहते हैं।
निषाद समाज से जुड़े प्रभावशाली लोगों का कहना है कि भाजपा ने निषाद समाज को सम्मान दिया है। ऐतिहासिक निषाद राज का किला विकसित किया जा रहा है। समाज के लिए अलग मंत्रालय के साथ ही बीमा की व्यवस्था की गई है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिल रहा है। माना जा रहा है कि इससे निषाद समाज की ताकत बढ़ेगी और समाज में भाजपा की पैठ।
निषाद पार्टी से हाथ मिलाने पर भाजपा को मिला था फायदा
पिछले लोकसभा चुनाव में निषाद पार्टी से हाथ मिलाने का भाजपा को जबरदस्त फायदा मिला था। लोकसभा उपचुनाव में जो सीट (गोरखपुर शहर) पार्टी हार गई थी, उसे साल 2019 के चुनाव में बड़े अंतर से जीत लिया। गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली थी। यही प्रदर्शन पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में दोहराना चाहती है।
आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी पार्टी
भाजपा की गोरखपुर क्षेत्र इकाई में विधानसभा की 62 सीटें हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल की 62 में से 44 सीटों पर भाजपा व उसके सहयोगी पार्टी को जीत मिली थी। इस बार पार्टी और अच्छे प्रदर्शन के इरादे के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाह रही है। इसी का नतीजा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ही जातीय समीकरण साधे जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निषाद वोटरों की संख्या अच्छी है।
... तो गोरखपुर से दूसरे राज्यसभा सांसद होंगे
जय प्रकाश निषाद गोरखपुर से दूसरे राज्यसभा सदस्य बन सकते हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा को कोई टक्कर देने वाला नहीं है। जय प्रकाश को जीत मिलनी लगभग तय है। ऐसा हुआ तो वह राज्यसभा में गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ल राज्यसभा में पहुंचे। शिव प्रताप अब राज्यसभा के सचेतक भी हैं।
निषाद पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि निषाद समाज की एकजुटता रंग लाई है। समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने अच्छा किया है। इसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा व उसके सहयोगी दलों को जरूर मिलेगा। कांग्रेस, सपा और बसपा ने निषाद समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा था। असली सम्मान अब मिला है।
मुख्यमंत्री से मिल जय प्रकाश ने लिया आशीर्वाद
गोरखपुर क्षेत्र के भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के उपाध्यक्ष जय प्रकाश निषाद को बधाई। लोकसभा उपचुनाव के दौरान जय प्रकाश भाजपा से जुड़े। पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी उसका निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। अब पार्टी ने राज्यसभा का प्रत्याशी बना दिया है। जय प्रकाश अनुभवी नेता हैं। इसका लाभ भाजपा को जरूर मिलेगा। पार्टी और मजबूत होगी।
राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जय प्रकाश निषाद मंगलवार की देर शाम गोरखनाथ मंदिर गए। गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया, फिर गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर आशीर्वाद लिया। जय प्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। साथ ही कहा कि वह पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।