सरकारी दफ्तरों में भी 'मातृभाषा' का सम्मान, हिंदी में होने लगा है अब ज्यादातर काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिंदी संवाद का सशक्त जरिया है। यह ऐसी भाषा है जिसके जरिये आप अपने विचारों को बहुत ही सहज और सरल तरीके से किसी को समझा सकते हैं। हिंदी की इस खूबी को पहचानते हुए सरकारी दफ्तरों में अब ज्यादातर काम हिंदी में होने लगा है। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न विभागों में राजभाषा अधिकारी का पद भी है। राजभाषा अधिकारी कर्मचारियों को हिंदी के प्रति न सिर्फ जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षित भी करवाते हैं।
रेलकर्मियों की पदोन्नति में दस फीसदी सवाल हिंदी से
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे में हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधित परीक्षा में 10 फीसदी सवाल राजभाषा हिंदी की संवैधानिक व्यवस्थाओं से संबंधित पूछे जाते हैं। रेलकर्मियों को कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
रेल कर्मचारियों की सृजनात्मक प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए त्रैमासिक पत्रिका ‘रेल रश्मि’ का नियमित प्रकाशन हो रहा है। इसमें रेलकर्मियों की रचनाओं को प्रकाशित किया जा रहा है। तकनीकी व साहित्यिक गोष्ठी, हिंदी क्विज, नाटक, कवि सम्मेलन का आयोजन समय-समय पर होता है।
जनवरी 2020 में भुवनेश्वर में हुए अखिल रेल नाट्योत्सव में पूर्वोत्तर रेलवे को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। हिंदी में सर्वाधिक काम करने के लिए रेलमंत्री की ओर से कई बार राजभाषा शील्ड भी प्राप्त हुआ है। अधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जाती है। इस वर्ष क्षेत्रीय रेलवे राजभाषा कार्यान्वयन समिति की चार बैठकें हो चुकी हैं।
एसबीआई में ज्यादातर काम हिंदी में
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक राजीव रंजन प्रकाश ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक में हिंदी के संवर्धन के लिए एक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर सभी शाखाओं और कार्यालयों में बिंदुवार उसका अनुपालन कराया जाता है। बैंक के कागजात, मुहरें आदि हिंदी में या द्विभाषी बनाई जाती हैं। ग्राहकों से पत्राचार में हिंदी को प्राथमिकता दी जाती है।
बैंक के सभी कंप्यूटरों में हिंदी टाइपिंग की सुविधा उपलब्ध है तथा हिंदी में मौलिक लेखन को बढ़ावा देने के लिए हिंदी पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती हैं। हर वर्ष सितंबर में हिंदी पखवाड़े के दौरान कई प्रतियोगिताएं व अन्य कार्यक्रम आयोजित कर कर्मचारियों को हिंदी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
अंग्रेजी पत्रों का जवाब भी देते हैं हिंदी में
क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त मनीष मणि ने बताया कि विभाग में ज्यादातर लेखन कार्य हिंदी में हो रहा है। हिंदी भाषी राज्यों में पत्राचार तो हिंदी में किया ही जाता है, ऐसे राज्य जो हिंदी भाषी नहीं हैं, वहां से अंग्रेजी में आए पत्रों का जवाब भी हिंदी में दिया जा रहा है।
इसके अलावा कार्यालय का अधिकांश कामकाज हिंदी में हो रहा है और आदेश भी हिंदी में निकाले जाते हैं। नगरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति में राजभाषा के कामकाज की समीक्षा होती है। 2016-17 व 2018-19 का उत्कृष्ट केंद्रीय कार्यालय का पुरस्कार मिल चुका है।