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Exclusive: समय बदला, इनाम की राशि बढ़ी फिर भी नहीं पकड़ में आए ये खूंखार बदमाश

Tue, 05 Jan 2021 02:46 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 05 Jan 2021 02:46 PM IST
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STF and police not arrest history sheeter in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
क्राइम ब्रांच, पुलिस और एसटीएफ पुराने मामलों के आरोपियों को पकड़कर भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन इनामी बदमाशों की धरपकड़ के मामलों में उसके हाथ खाली ही हैं। आज भी 50 हजार के इनामी राघवेंद्र यादव, गिरिजा जैसे कई बदमाश चुनौती बने हैं, जिन्हें पकड़ पाने में पुलिस के पसीने छूट जाते हैं।
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हाल ही में एसटीएफ ने मुंबई में 12 साल पहले हत्या के आरोपी इनामुल को पकड़ा। गुलरिहा पुलिस ने वर्ष 2008 में डाका डालने वाले इंद्रासन को गिरफ्तार किया। इस पर पुलिस को खूब वाहवाही भी मिली। लेकिन इनामी बदमाशों को पकड़ पाने में विफलता पर पुलिस को जवाब देते नहीं बन रहा।
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समय बदला, इनाम की राशि बढ़ी, कागजी कार्रवाई भी खूब हुई, कई पुलिस कप्तान भी बदल गए, मगर इन बदमाशों के गिरेबां तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए हैं। इस दौरान ये बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को उसकी नाकामी की याद जरूर दिला देते हैं। होता सिर्फ यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में इन बदमाशों पर एक केस और बढ़ जाता है। 
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एडीजी दावा शेरपा ने कुछ दिन पहले इनामी बदमाशों की धर पकड़ के लिए टीम बनाकर कार्रवाई का आदेश दिया है। इसके बाद कई टीमें जुटी हैं, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई है।  

सेवानिवृत्त दरोगा और उनके बेटे की हत्या कर फरार 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश राघवेंद्र यादव झंगहा इलाके का रहने वाला है। इलाके में उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। उसपर काबू के लिए इलाके में गोड़धईया चौकी खोली गई, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। आखिरी बार दस अप्रैल 2018 में वह अचानक इलाके में आया और सेवानिवृत्त दरोगा जयहिंद और उनके बेटे की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। पिता-पुत्र कचहरी से उसके ही खिलाफ तारीख देखकर लौट रहे थे। इसके पहले वर्ष 2016 में उसने जयहिंद के छोटे भाई बलवंत और कौशल की गोली मारकर हत्या की थी। आज वह कहां है, किसी को नहीं मालूम। बताया जाता है कि आखिरी बार उसे कोलकाता हवाई अड्डे पर देखा गया था।

लुटेरा गिरिजा डेढ़ दशक से पुलिस के हाथ नहीं आया
पीपीगंज के मेहदरिया निवासी गिरिजा यादव 25 हजार रुपये का इनामी है। कई थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। शाहपुर इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देकर उसने सनसनी फैला दी थी। उसे पकड़ने के लिए पिछले 15 साल में पुलिस की कई बार टीम बनाई जा चुकी है, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इस बीच लूट की कई घटनाओं में उसका नाम भी सामने आया।

ये इनामी बदमाश हैं फरार

बदमाश                             इनाम की राशि
मोहम्मद आलम उर्फ गुड्डू      50, 000
जीवन शर्मा                         50,000
राजू अंसारी                        50,000
आफताब उर्फ मुन्ना              25,000
अनिरुद्ध पांडेय                   25,000
विकास महतो                    25,000
इंद्रीश अंसारी                    25,000
रोहित सिंह                       25,000
सिकंदर                          25,000
अमित शर्मा                     25,000
छोटू कुरैशी                     15000
अश्वनी उर्फ राकी              15000
राजदेव                          15000
भोला सिंह                      12000
प्रदीप उर्फ राकेश            10000
नरसिंह चौहान                10000

एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि जोन के सभी एसएसपी-एसपी को नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है। किस बदमाश की कितने दिन से तलाश चल रही है, यह रिपोर्ट फिर से तैयार कर धर-पकड़ के लिए पुलिस टीम लगाने को कहा गया है। जल्द ही इसकी समीक्षा भी की जाएगी।

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