खुशखबर: गीडा सेक्टर सात में बनेगा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, भेजा गया प्रस्ताव
गीडा प्रशासन ने जमीन चिह्नित करते हुए प्रधान सचिव पर्यटन का भेजा प्रस्ताव, छह एकड़ में होगा इंस्टीट्यूट का निर्माण।
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स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम) गीडा के सेक्टर सात में बनेगा। गीडा प्रशासन ने प्रमुख सचिव पर्यटन को इस संबंध में प्रस्ताव दे दिया है। इंस्टीट्यूट का निर्माण करीब छह एकड़ में होगा। जिला प्रशासन ने जुलाई में पिपराइच ब्लॉक के अगया गांव में पांच एकड़ जमीन इंस्टीट्यूट के नाम अंकित करा दी थी। मगर महाप्रबंधक पर्यटन विभाग ने इसे अनुपयोगी बताते हुए जिला प्रशासन को दूसरी जगह जमीन चिह्नित करने के लिए कहा है।
इसपर डीएम विजय किरन आनंद ने सीईओ गीडा को गीडा क्षेत्र में ही इंस्टीट्यूट के लिए जमीन तलाशने को कहा था। इसपर गीडा प्रशासन ने सेक्टर सात में गीडा कार्यालय के ठीक बगल में इसके लिए जमीन चिह्नित करते हुए प्रस्ताव मुख्य सचिव पर्यटन को भेज दिया है।
गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के लिए गीडा सेक्टर सात में जमीन चिह्नित करते हुए प्रधान सचिव पर्यटन को भेज दिया गया है। इस जमीन का आकार करीब छह एकड़ का है।
केंद्र सरकार ने किए हैं 16.50 करोड़ रुपये आवंटित
गोरखपुर में यूपी के पहले स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम) के लिए मानव संसाधन विकास प्रभाग ने अपनी मंजूरी देते हुए 16.50 करोड़ आवंटित कर दिए हैं। इसमें 10 करोड़ रुपये बिल्डिंग निर्माण, 2.50 करोड़ रुपये उपकरण खरीद और चार करोड़ रुपये हॉस्टल निर्माण के लिए आवंटित किए गए हैं। साथ ही विकास प्रभाग के उप महानिदेशक ने प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव और महाप्रबंधक पर्यटन एवं संस्कृति विभाग से जल्द इंस्टीट्यूट निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर भेजने के अलावा राज्य सरकार को इंडियन होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) सोसाइटी में इस इंस्टीट्यूट का पंजीकरण कराने को कहा है।
स्थानीय होटलों से होगा अनुबंध
इंस्टीट्यूट में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं को पढ़ाने की व्यवस्था होगी। शहर के होटलों के साथ इस संस्थान का अनुबंध भी होगा। संस्थान में होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में डिप्लोमा से लेकर बैचलर एवं मास्टर डिग्री तक के पाठ्यक्रम संचालित होंगे। संस्थान में शिक्षकों और सभी कर्मचारियों की नियुक्ति नियमित होगी और सभी सरकारी पे रोल पर होंगे।